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चैनपुर में पशुधन विकास योजना के तहत बकरा-बकरी वितरण, ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार का सहारा

#चैनपुर #पशुधन_योजना : 10 लाभुकों को बकरा-बकरी देकर आय बढ़ाने की पहल की गई।

चैनपुर प्रखंड परिसर में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत चयनित लाभुकों के बीच बकरा-बकरी का वितरण किया गया। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। लाभुकों को पशुपालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

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  • चैनपुर प्रखंड परिसर में पशुधन वितरण कार्यक्रम आयोजित।
  • 10 चयनित लाभुकों को मिला पशुधन।
  • प्रत्येक को 2 बकरा और 8 बकरी दी गई।
  • योजना का उद्देश्य स्वरोजगार और आय वृद्धि
  • कार्यक्रम में प्रमोद खलखो, शोभा देवी, मधुरा मिंज सहित कई अधिकारी मौजूद।
  • लाभुकों को देखभाल और टीकाकरण के निर्देश दिए गए।

चैनपुर प्रखंड परिसर में गुरुवार को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (वर्ष 2025-26) के अंतर्गत बकरा विकास योजना का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान चयनित लाभुकों के बीच पशुधन का वितरण किया गया, जिससे ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

10 लाभुकों को मिला पशुधन

इस योजना के तहत जिला परिषद समिति द्वारा अनुमोदित 10 चयनित लाभुकों को पशुधन प्रदान किया गया। प्रत्येक लाभुक को 2 बकरा (नर) और 8 बकरी (मादा) यानी कुल 10 पशु दिए गए।

इससे लाभुक परिवारों को पशुपालन के माध्यम से नियमित आय अर्जित करने का अवसर मिलेगा।

स्वरोजगार को बढ़ावा देने की पहल

योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। इस पहल के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

लाभुकों ने इस योजना को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बेहद उपयोगी बताया।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी

पशुधन वितरण कार्यक्रम स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर मुख्य रूप से उप प्रमुख प्रमोद खलखो (चैनपुर), मुखिया शोभा देवी (चैनपुर), मुखिया मधुरा मिंज (कातिंग), प्रखंड कृषि पदाधिकारी विश्वार्म केवट, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी शंकर भगत, टी.वी.ओ. चैनपुर, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी धर्म रक्षित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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पशुपालन के लिए दिए गए दिशा-निर्देश

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने लाभुकों को पशुओं के सही रखरखाव, संतुलित आहार और नियमित टीकाकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि पशुपालन में सावधानी और देखभाल से ही बेहतर उत्पादन और आय संभव है।

लाभुकों ने जताई खुशी

लाभुकों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में उनकी आय में वृद्धि होगी और जीवन स्तर बेहतर होगा।

न्यूज़ देखो: स्वरोजगार की ओर बढ़ता ग्रामीण भारत

चैनपुर में पशुधन वितरण कार्यक्रम यह दर्शाता है कि सरकार की योजनाएं सही तरीके से लागू हों तो ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। पशुपालन जैसे छोटे प्रयास भी स्थायी आय का मजबूत साधन बन सकते हैं। अब जरूरी है कि लाभुक इस अवसर का सही उपयोग करें।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आत्मनिर्भर बनें और आगे बढ़ें

सरकारी योजनाएं तभी सफल होती हैं, जब हम उनका सही उपयोग करें।

पशुपालन जैसे कार्यों से न केवल आय बढ़ती है, बल्कि आत्मनिर्भरता भी आती है।

आइए, हम सभी मिलकर ऐसे अवसरों को अपनाएं और अपने भविष्य को मजबूत बनाएं।

अपनी राय कमेंट में जरूर दें, इस खबर को साझा करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

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Aditya Kumar

डुमरी, गुमला

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