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दो पंचायतों में लगी सरकारी शिविरों में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़, 523 आवेदन जमा — 94 का त्वरित निष्पादन

#विशुनपुरा #सरकारी_सेवाएं : अमहर खास और सरांग पंचायतों में आयोजित शिविरों में ग्रामीणों ने योजनाओं का लाभ पाने के लिए बढ़-चढ़कर किया आवेदन और कई मामलों का समाधान मौके पर
  • सरांग पंचायत में कुल 140 आवेदन, जिनमें 38 मामलों का तत्काल निष्पादन।
  • अमहर खास पंचायत में 383 आवेदन, जिनमें से 56 आवेदनों का मौके पर समाधान।
  • शिविर का शुभारंभ मुखिया ब्यूटी सिंह, अंचल निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, उप-मुखिया ने संयुक्त रूप से किया।
  • अमहर खास शिविर में उपायुक्त दिनेश यादव स्वयं मौजूद रहे और ग्रामीणों से संवाद किया।
  • पीएम किसान योजना से 3,000 किसानों के नाम हटाए जाने का बड़ा मुद्दा सामने आया।
  • ग्रामीणों ने कहा योजनाओं का लाभ अब सीधे पंचायत स्तर पर उपलब्ध हो रहा है।

विशुनपुरा प्रखंड के अमहर खास और सरांग पंचायतों में मंगलवार को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” के तहत बड़े पैमाने पर शिविर आयोजित हुए। दोनों पंचायतों में कुल 523 आवेदन जमा हुए और 94 मामले वहीं पर निपटा दिए गए। ग्रामीणों की भारी भीड़ और प्रशासनिक तत्परता ने इस अभियान को और प्रभावी बनाया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण बना कि जब सरकार और प्रशासन गांव तक पहुँचते हैं तो योजनाओं का लाभ तेजी से आम लोगों तक पहुँचता है।

सरांग पंचायत : दीप प्रज्वलित कर शुरुआत, ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी

सरांग पंचायत भवन में शिविर का उद्घाटन मुखिया ब्यूटी सिंह, अंचल निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता और उप-मुखिया द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। शिविर शुरू होते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुँचे और विभागीय स्टॉलों पर अपनी समस्याएँ और आवेदन दर्ज कराने लगे।

मुखिया ब्यूटी सिंह का संदेश

ब्यूटी सिंह ने कहा: “सरकार की योजनाएँ अब सीधे जनता की चौखट तक पहुँच रही हैं। आज का शिविर गाँव की जरूरतों को ध्यान में रखकर जनता की सुविधा के लिए आयोजित किया गया है।”

सरांग पंचायत में 140 आवेदन लिए गए, जिनमें से 38 आवेदनों का त्वरित निपटारा कर दिया गया। स्वास्थ्य, राशन, सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा और अन्य विभागों से जुड़े आवेदन ग्रामीणों द्वारा बड़ी संख्या में जमा किए गए।

अमहर खास पंचायत : उपायुक्त पहुँचे, समस्याएँ सुनीं और समाधान का निर्देश दिया

अमहर खास पंचायत में आयोजित शिविर को विशेष महत्व इसलिए मिला क्योंकि उपायुक्त दिनेश यादव स्वयं वहाँ पहुँचे। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, समस्याओं और शिकायतों पर संवाद किया और मौके पर ही कई विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभुकों को बिना दफ्तर के चक्कर लगाए योजनाएँ उपलब्ध कराना है।

शिविर में मनरेगा जॉब कार्ड, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, राशन कार्ड, कृषि योजनाएँ, स्वास्थ्य सहायता सहित कई सेवाओं के लिए आवेदन लिए गए। कुल 383 आवेदन जमा हुए और इनमें से 56 मामलों को तुरंत निपटाया गया।

पीएम किसान योजना का बड़ा मुद्दा सामने आया

शिविर के दौरान मुखिया प्रतिनिधि अशोक पासवान ने एक महत्वपूर्ण समस्या उपायुक्त के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि प्रखंड के लगभग 3,000 किसानों के नाम पीएम किसान सम्मान निधि से हटा दिए गए हैं, जिससे किसान परेशान हैं।

अशोक पासवान ने कहा: “बिना उचित जाँच के किसानों के नाम हटाए जाने से उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है, इसे जल्द ठीक करने की आवश्यकता है।”

उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को तुरंत जांच कर पात्र किसानों के नाम पुनः जोड़ने का निर्देश दिया।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया : राहत और भरोसा बढ़ा

ग्रामीणों ने कहा कि अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, न ही किसी बिचौलिए पर निर्भरता रहती है। पंचायत स्तरीय शिविरों में समस्याओं का समाधान मिलना उनके लिए राहत की बात है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारी और जनप्रतिनिधि थे: प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी खगेस कुमार, जिला ग्रामीण विकास पदाधिकारी गिरीश कुमार, ब्लॉक प्रमुख दीपा कुमारी, उप प्रमुख प्रतिनिधि अजय पाल, मुखिया प्रतिनिधि पंकज सिंह, मुखिया प्रतिनिधि अशोक पासवान, तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण।

न्यूज़ देखो: योजनाओं की पहुँच ने बढ़ाया विश्वास

इन शिविरों ने साबित किया कि प्रशासन जब सक्रिय होकर गाँवों तक पहुँचता है, तो ग्रामीणों की वास्तविक समस्याएँ उसी दिन सुलझ सकती हैं। यहाँ किए गए त्वरित निष्पादन यह दर्शाते हैं कि समन्वित प्रयास से योजनाओं की पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ती है। यह पहल सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और प्रशासन यदि इसी तरह निरंतरता बनाए रखे तो ग्रामीण विकास में और तेजी आएगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

ग्रामीण विकास तभी संभव, जब हर व्यक्ति उठाए जिम्मेदारी

गाँवों में लग रहे ये शिविर न केवल समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे का पुल भी बना रहे हैं। अब जरूरत है कि हर ग्रामीण जागरूक होकर योजनाओं से जुड़े और अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहे ताकि विकास की गति और तेज हो सके।
आइए अपनी पंचायत को सशक्त बनाने में योगदान दें। अपनी राय कमेंट में बताएं, इस खबर को दूसरों के साथ शेयर करें और जागरूकता बढ़ाएं ताकि योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँच सके।

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Rajkumar Singh (Raju)

विशुनपुरा, गढ़वा

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