
#जलडेगा #ग्रामसभा_पुनर्गठन : लोमबोई गांव में ग्रामीणों की बैठक में सर्वसम्मति से नई ग्राम सभा और समितियों का गठन।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड स्थित लोमबोई राजस्व गांव में ग्राम सभा का पुनर्गठन किया गया। शिशिर लुगुन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से नए पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों का चयन किया। ग्राम सभा के अध्यक्ष पद पर राजा जुनूल तोपनो को चुना गया। बैठक में ग्राम विकास सहित कई महत्वपूर्ण समितियों के अध्यक्ष और सदस्यों का भी चयन किया गया।
- लोमबोई राजस्व गांव, जलडेगा प्रखंड में ग्राम सभा के पुनर्गठन को लेकर बैठक आयोजित।
- शिशिर लुगुन की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से नए पदाधिकारियों का चयन।
- राजा जुनूल तोपनो को ग्राम सभा का अध्यक्ष चुना गया।
- उपाध्यक्ष प्रदीप कंडुलना, सचिव मुकुट बागे, सहसचिव जयधर नागेश्वर बनाए गए।
- कोषाध्यक्ष के रूप में सुगड़ समद, सुनील समद और संगीता देवी का चयन।
- ग्राम विकास सहित कई समितियों के अध्यक्ष और सदस्यों का भी गठन किया गया।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड अंतर्गत लोमबोई राजस्व गांव में ग्राम सभा के पुनर्गठन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता शिशिर लुगुन ने की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से ग्राम सभा के नए पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों का चयन किया गया। ग्रामीणों ने सामूहिक सहमति के आधार पर नए नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपी और गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
सर्वसम्मति से नए पदाधिकारियों का चयन
बैठक के दौरान ग्राम सभा के विभिन्न पदों के लिए ग्रामीणों की सहमति से पदाधिकारियों का चयन किया गया। इसमें राजा जुनूल तोपनो को ग्राम सभा का अध्यक्ष चुना गया।
इसके अलावा प्रदीप कंडुलना को उपाध्यक्ष, मुकुट बागे को सचिव और जयधर नागेश्वर को सहसचिव बनाया गया।
ग्राम सभा के कोषाध्यक्ष पद के लिए सुगड़ समद, सुनील समद और संगीता देवी का चयन किया गया। इन सभी पदाधिकारियों को ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से जिम्मेदारी सौंपी।
बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा: “ग्राम सभा गांव के विकास और सामाजिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण मंच है, इसलिए इसके पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से किया गया है।”
कार्यकारिणी सदस्यों का भी किया गया चयन
ग्राम सभा के संचालन और निर्णयों को प्रभावी बनाने के लिए कार्यकारिणी समिति के सदस्यों का भी चयन किया गया।
कार्यकारिणी समिति में हिरामति देवी, शरण सिंह, उदय समद, सागेन कंडुलना, प्रभु सहाय समद, जयनाथ बेसरा, मधुर कंडुलना, मोनिका लुगुन, सैयुन तोपनो, विश्राम होरो, नमलेन तोपनो, प्रदीप होरो, जानकी देवी, सरिता देवी और प्यारी तोपनो को शामिल किया गया।
इन सदस्यों को ग्राम सभा के विभिन्न कार्यों में सहयोग करने और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।
कई महत्वपूर्ण समितियों का भी गठन
बैठक के दौरान ग्राम सभा के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण समितियों का भी गठन किया गया। इनमें ग्राम विकास समिति, सार्वजनिक संपदा समिति, कृषि समिति, स्वास्थ्य समिति, आधारभूत संरचना समिति, शिक्षा समिति और निगरानी समिति शामिल हैं।
इन समितियों के अध्यक्ष और सदस्यों का भी चयन किया गया, जो गांव में विभिन्न विकास कार्यों की निगरानी और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ग्रामीणों का मानना है कि इन समितियों के गठन से गांव में योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों की रही भागीदारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में लोमबोई राजस्व गांव के कई ग्रामीण उपस्थित रहे। इनमें गुलाब सिंह, मेघनाथ नागेश्वर, निमन समद, पिंकी देवी, लीलावती देवी, अर्जुन गोड़, नमन तोपनो, सुरसेन जोजो, सालमोन लुगुन, अर्जुन बेसरा, सिलधर गोड़, राजु मांझी, इमानुएल तोपनो, सागेन कंडुलना, गलोरिया कंडुलना, भिमसेंट कंडुलना और सुजीत तोपनो सहित कई लोग शामिल थे।
ग्रामीणों ने एकजुट होकर ग्राम सभा को मजबूत बनाने और गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
गांव के विकास के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि ग्राम सभा गांव के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार होती है। इसलिए सभी ग्रामीणों को इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
नए पदाधिकारियों और समितियों के गठन से उम्मीद जताई जा रही है कि गांव में विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा और सामाजिक व्यवस्था भी मजबूत होगी।
न्यूज़ देखो: मजबूत ग्राम सभा से मजबूत होता है गांव
लोमबोई गांव में ग्राम सभा का पुनर्गठन यह दर्शाता है कि ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया कितनी महत्वपूर्ण है। जब गांव के लोग मिलकर सर्वसम्मति से अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं, तो इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ती हैं।
ग्राम सभा और विभिन्न समितियों का सक्रिय होना ग्रामीण विकास की दिशा में सकारात्मक कदम है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए पदाधिकारी गांव के विकास कार्यों को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
गांव के विकास में अपनी भागीदारी निभाएं
गांव की प्रगति तभी संभव है जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझे और ग्राम सभा जैसी संस्थाओं में सक्रिय भागीदारी निभाए। ग्राम सभा सिर्फ एक बैठक नहीं बल्कि गांव के भविष्य को तय करने का मंच होती है।
जब लोग मिलकर निर्णय लेते हैं और विकास के लिए एकजुट होते हैं, तब ही गांव में वास्तविक बदलाव संभव होता है।






