गिरिडीह के अटका में श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ

गिरिडीह के अटका में श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ

author Surendra Verma
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#गिरिडीह #भागवत_कथा : अटका में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव में श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास के साथ भाग लिया
  • गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के अटका में शनिवार को कथा महोत्सव का शुभारंभ।
  • पूज्य गुरु आचार्य पं. अम्बरीष शुक्ल जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन) की अमृत वाणी से कथा का आयोजन।
  • कथा महोत्सव 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन संध्या 4 बजे से आयोजित।
  • कलश यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं और युवतियां, पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं।
  • कथा में शिव-पार्वती विवाह, कृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन पूजा, रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित्र जैसे प्रमुख प्रसंग शामिल।

गिरिडीह जिले के अटका में शनिवार को भव्य श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ किया गया। यह सात दिवसीय कथा 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक आयोजित की जा रही है। कथा की शुरुआत पूज्य गुरु आचार्य पं. अम्बरीष शुक्ल जी महाराज की अमृत वाणी से हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास के साथ भाग लिया।

कलश यात्रा और श्रद्धालुओं की उपस्थिति

कथा प्रारंभ से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाएं और युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में सजकर शामिल हुईं। गाजे-बाजे और जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भक्तिमय वातावरण तैयार किया, जिससे अटका क्षेत्र पूरी तरह से भक्ति में सराबोर हो गया।

कथा के प्रमुख प्रसंग

प्रतिदिन संध्या 4 बजे से कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा में शिव-पार्वती विवाह, कृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन पूजा, रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित्र जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। इन प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों का संदेश दिया जाएगा।

आयोजकों और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रियाएं

श्रद्धालुओं ने कहा कि इस कथा महोत्सव ने उन्हें आध्यात्मिक उर्जा प्रदान की और समाज में भक्ति के महत्व को उजागर किया। आयोजकों ने बताया कि प्रत्येक दिन कथा के बाद भक्तों के लिए प्रसाद वितरण और भजन-सत्संग का भी आयोजन किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: भागवत कथा महोत्सव से समाज में भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संवर्धन

अटका में आयोजित इस कथा महोत्सव से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा दिया जा सकता है। यह कार्यक्रम स्थानीय लोगों में भक्ति और एकता की भावना को मजबूत कर रहा है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

भक्ति और संस्कृति से जीवन को समृद्ध बनाएं

श्रद्धा और भक्ति के माध्यम से हम अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और समाज में सांस्कृतिक चेतना को प्रबल कर सकते हैं। इस कथा महोत्सव की जानकारी अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा करें और भक्ति एवं संस्कृति के संदेश को फैलाएं।

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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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