#बोलबा #रुद्राभिषेक_पूजन : वनदुर्गा शिवालय में विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हवन और महाआरती संपन्न।
सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध वनदुर्गा शिव मंदिर में रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। ज्योतिष आचार्य संजय मिश्रा के नेतृत्व में पुरोहित अजय झा द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया। इस अवसर पर शिवलिंग का दुग्धाभिषेक, हवन एवं महाआरती हुई तथा नवनियुक्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
- वनदुर्गा शिव मंदिर, बोलबा में भव्य रुद्राभिषेक संपन्न।
- ज्योतिष आचार्य संजय मिश्रा के नेतृत्व में हुआ आयोजन।
- पुरोहित अजय झा ने कराया विधिवत पूजन-अर्चन।
- शिवलिंग पर 5 किलो दूध से किया गया अभिषेक।
- नवनियुक्त शिक्षकों को श्रीफल, अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मान।
सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध आस्था केंद्र वनदुर्गा शिव मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। यह धार्मिक अनुष्ठान ज्योतिष आचार्य संजय मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे श्रद्धा भाव से पूजन-अर्चन में भाग लिया।
विधिवत पूजन और दुग्धाभिषेक
रुद्राभिषेक अनुष्ठान पुरोहित अजय झा द्वारा संपन्न कराया गया। जजमान के रूप में अभिषेक कुमार सह पत्नीक तथा अरुण कुमार सह पत्नीक ने विधिवत पूजन-अर्चन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग पर 5 किलो दूध से स्नान एवं ध्यान कराया गया।
इसके बाद हवन अनुष्ठान आयोजित किया गया और महाआरती के साथ कार्यक्रम का धार्मिक चरण पूर्ण हुआ। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का वातावरण बना रहा।
मंदिर शेड और ब्रैकेटिंग का उद्घाटन
इस अवसर पर शिव मंदिर के शेड एवं ब्रैकेटिंग का उद्घाटन नवनियुक्त शिक्षक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रुद्राभिषेक के उपरांत सभी नवनियुक्त शिक्षकों को सम्मानपूर्वक पैर धोकर, अलता लगाकर, श्रीफल, अंगवस्त्र एवं शिव मंदिर का फोटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पूजा समिति और ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका
आयोजन को सफल बनाने में वनदुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष ज़हुरन रौतिया, सचिव जगरनाथ रौतिया, उपाध्यक्ष शशि प्रसाद, प्रबंधक केसरी रौतिया, प्रबंधक कालिंद्र रौतिया, पुजारी गजेंद्र रौतिया, रुपलाल रौतिया, बलराम रौतिया, भोंदा रौतिया, हरिराम रौतिया सहित कई लोगों की सक्रिय भूमिका रही।
इसके अलावा अरुण रौतिया, नीलांबर महतो तथा मार्गदर्शक (ज्योतिष आचार्य) संजय मिश्रा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी ने मिलकर धार्मिक आयोजन को सफल बनाया।
श्रद्धा और सम्मान का संगम
रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से भाग लिया। दुग्धाभिषेक, हवन और महाआरती से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। साथ ही नवनियुक्त शिक्षकों का सम्मान समारोह कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा, जिससे धार्मिक अनुष्ठान के साथ सामाजिक सम्मान का संदेश भी जुड़ा।
न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक समन्वय
बोलबा के वनदुर्गा शिव मंदिर में आयोजित रुद्राभिषेक केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समन्वय का उदाहरण भी है। जहां एक ओर वैदिक विधि से पूजा संपन्न हुई, वहीं दूसरी ओर नवनियुक्त शिक्षकों को सम्मानित कर समाज में शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया गया। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
श्रद्धा और सम्मान की परंपरा को बनाए रखें
धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम हैं।
आस्था के साथ शिक्षा और सामाजिक सम्मान का समन्वय सकारात्मक संदेश देता है।
ऐसे आयोजनों में सहभागिता से समाज में एकता और सद्भाव बढ़ता है।
आइए, हम भी अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने में योगदान दें।
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