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करमा नदी पुल निर्माण में घोर लापरवाही उजागर, स्क्रुटनी इंजीनियर की जांच के बाद मुंशी हटाए गए

#गिरिडीह #पुलनिर्माणघोटाला : स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंची जांच टीम — घटिया निर्माण सामग्री और सीमेंट की गिनती में गड़बड़ी से भड़का जन आक्रोश
  • करमा नदी पर बन रहे पुल में घटिया बालू और कम सीमेंट प्रयोग की शिकायत
  • स्क्रुटनी इंजीनियर भोला राम और कनीय अभियंता विजेंद्र कुमार ने की तकनीकी जांच
  • काम में लापरवाही पर मुंशी प्रदीप यादव सहित दो को कार्य से हटाया गया
  • सीमेंट की हर बोरी की गिनती का वीडियो इंजीनियर को भेजने का निर्देश
  • ग्रामीणों के विरोध के बावजूद रात में ढलाई कर दी गई, पारदर्शिता पर उठे सवाल
  • अब कनीय अभियंता की उपस्थिति में होगा निर्माण कार्य, संवेदक को चेतावनी

घटिया निर्माण सामग्री की खुली पोल

गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड स्थित गांधी चौक तारा–झारखंड धाम सड़क मार्ग पर करमा नदी पर बन रहे पुल में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं। आरोप था कि संवेदक द्वारा घटिया बालू और कम मात्रा में सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पुल की स्थायित्व पर संकट उत्पन्न हो सकता है।

जांच में सामने आई कई गड़बड़ियां

शुक्रवार को स्क्रुटनी इंजीनियर भोला राम और कनीय अभियंता विजेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान कई अनियमितताएं पाई गईं। इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि अब घटिया बालू का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और मिक्सिंग प्रक्रिया में सीमेंट की बोरी गिनते समय वीडियो बनाकर उन्हें व्हाट्सएप पर भेजना अनिवार्य होगा।

भोला राम ने कहा: “काम में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड वीडियो में होना चाहिए।”

मुंशी को हटाने और संवेदक को चेतावनी

पुल निर्माण में गंभीर लापरवाही बरतने पर प्रदीप यादव सहित दो मुंशियों को काम से हटाने का आदेश दिया गया। संवेदक को सख्त चेतावनी दी गई कि आगे का पूरा कार्य कनीय अभियंता की देखरेख में ही किया जाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद रात में स्लैब की ढलाई कर दी गई, जो पारदर्शिता की अनदेखी है।

ग्रामीणों का विरोध बना असरदार

इस जांच प्रक्रिया के दौरान मौके पर सलीम अंसारी, कुर्बान अंसारी, अनवर अंसारी, मजहर अंसारी, सिराज अंसारी, मुबारक अंसारी, असलम अंसारी, सिकंदर अंसारी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे, जिन्होंने गुणवत्ता नियंत्रण की मांग की। ग्रामीणों की सजगता और विरोध के कारण विभाग सक्रिय हुआ, जिससे लापरवाही पर रोक संभव हो सकी।

न्यूज़ देखो: जनता की सतर्कता से रुका निर्माण में भ्रष्टाचार

करमा पुल निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग पर स्थानीय ग्रामीणों की जागरूकता और दबाव के चलते प्रशासन को हरकत में आना पड़ा। यह घटना दर्शाती है कि जब आम जनता सचेत होती है, तो भ्रष्टाचार और लापरवाही जैसे मामलों पर अंकुश लगाना संभव है। ‘न्यूज़ देखो’ ऐसे प्रयासों को सलाम करता है और हर विकास परियोजना में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की मांग करता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक नागरिक ही असली प्रहरी

पुल निर्माण जैसे सार्वजनिक कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि कहीं लापरवाही हो रही हो, तो बिना भय के आवाज़ उठाएं। आपकी एक पहल भविष्य में बड़े हादसे रोक सकती है। इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, इसे रेट करें और अपने उन दोस्तों और परिजनों से जरूर साझा करें जो क्षेत्रीय विकास से जुड़ी खबरों में रुचि रखते हैं।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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