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हैदराबाद में इलाजरत डालटनगंज के प्रिंस की मदद को बढ़े हाथ, वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने छेड़ी मुहिम

#डालटनगंज #जनसहयोग : वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की सचिव शर्मिला वर्मा के नेतृत्व में सहायता की बड़ी अपील — “हर घर से एक सहयोग, एक जिंदगी की उम्मीद।”
  • डालटनगंज निवासी प्रिंस हैदराबाद में पेंक्रियाज की गंभीर बीमारी से पीड़ित
  • पिता की पहले ही हो चुकी है मृत्यु, मां अर्चना सिन्हा अकेले लड़ रहीं हैं यह जंग
  • इलाज में करोड़ों रुपये के खर्च का अनुमान, स्थानीय ट्रस्ट ने की सहयोग की पहल
  • वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की टीम जुटा रही है इलाज के लिए जनसहयोग
  • QR कोड से सीधे प्रिंस की मां के खाते में राशि ट्रांसफर की सुविधा उपलब्ध
  • शहरवासियों और पलामू के लोगों से इंसानियत की मिसाल पेश करने की अपील

बीमारी से जूझ रहा है डालटनगंज का बेटा

डालटनगंज के सिंचाई विभाग क्षेत्र में रहने वाला प्रिंस, जो कि एक होनहार बेटा है, पिछले कुछ दिनों से हैदराबाद के न्यू AIG हॉस्पिटल में गंभीर रूप से बीमार है। डॉक्टरों के अनुसार वह पेंक्रियाज की जटिल और खतरनाक बीमारी से पीड़ित है और इलाज में करीब एक करोड़ रुपये तक का खर्च आ सकता है।

दुखद बात यह है कि प्रिंस के पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और उनकी मां अर्चना सिन्हा अकेले ही बेटे की जान बचाने की कोशिश में लगी हैं।

शर्मिला वर्मा और ट्रस्ट की टीम बनी सहारा

जब यह सूचना वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट की सचिव शर्मिला वर्मा को मिली, तो उन्होंने इस मुहिम को एक मिशन बना लिया। उनकी टीम ने अब तक कुछ सहयोग राशि भेजी भी है, लेकिन इलाज का खर्च इतना अधिक है कि बिना जनसहयोग संभव नहीं

शर्मिला वर्मा ने कहा: “हम हर घर से एक सहयोग की अपील कर रहे हैं। बूंद-बूंद से तालाब भरता है। आपकी एक छोटी मदद भी इस बच्चे के लिए जीवनदायिनी हो सकती है।”

हर पलामूवासी से अपील: एक मदद, एक जीवन

QR कोड के माध्यम से राशि सीधे प्रिंस की मां के खाते में ट्रांसफर की जा सकती है। ट्रस्ट ने शहरवासियों से अपील की है कि कोई भी ₹50 या ₹100 जैसी छोटी राशि भी सहयोग कर सकता है, क्योंकि मिलकर ही यह बड़ा लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।

यह सिर्फ एक बच्चे की मदद नहीं, पूरे समाज की इंसानियत की परीक्षा है।

वरदान ट्रस्ट की टीम ने कहा: “हम हर गली, हर मोहल्ले तक यह संदेश पहुंचा रहे हैं कि यह शहर का बेटा है, और उसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”

न्यूज़ देखो: जरूरतमंद के लिए उठती एकजुटता की मिसाल

इस खबर में दर्द है, संघर्ष है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि समाज साथ आकर किसी की जिंदगी बचा सकता है। ‘वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट’ की अपील और शर्मिला वर्मा की सक्रियता एक सकारात्मक उदाहरण है कि कैसे ज़रूरतमंद के लिए समाज ताकत बन सकता है।

न्यूज़ देखो ऐसे ही मानवीय मुद्दों को सामने लाता रहेगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आइए, हम सब साथ चलें

आज यह खबर प्रिंस के लिए है, कल किसी और के लिए हो सकती है। अगर हम सब मिलकर थोड़ा-थोड़ा योगदान करें, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहेगा।
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