
#हजारीबाग #प्रवासी_मजदूर : ओमान में सड़क हादसे में युवक की मौत—गांव में शोक और सुरक्षा पर सवाल।
हजारीबाग के विष्णुगढ़ क्षेत्र के बंदखारो गांव निवासी 24 वर्षीय प्रदीप कुमार महतो की ओमान में सड़क हादसे में मौत हो गई। वे रोजी-रोटी के लिए विदेश में काम कर रहे थे और इलाज के बाद लौटते समय दुर्घटना का शिकार हुए। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक का माहौल बन गया। इस हादसे ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
- बंदखारो गांव, विष्णुगढ़ निवासी युवक की ओमान में मौत।
- मृतक की पहचान प्रदीप कुमार महतो (24 वर्ष) के रूप में हुई।
- ज़ावावी पावरटेक इंजीनियरिंग कंपनी में करते थे काम।
- इलाज के बाद लौटते समय सड़क पार करते हुए हादसा।
- घटना के बाद गांव में शोक और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल।
- प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल।
झारखंड के हजारीबाग जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां विदेश में काम कर रहे एक प्रवासी मजदूर की सड़क हादसे में मौत हो गई। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के जोबार पंचायत अंतर्गत बंदखारो गांव निवासी 24 वर्षीय प्रदीप कुमार महतो इस हादसे के शिकार हो गए। इस घटना ने न केवल एक परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है, बल्कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं भी पैदा कर दी हैं।
रोजी-रोटी के लिए गए थे विदेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक प्रदीप कुमार महतो अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ओमान गए थे। वे पुषण महतो के पुत्र थे और विदेश में नौकरी कर अपने परिवार का सहारा बने हुए थे।
वे ओमान की ज़ावावी पावरटेक इंजीनियरिंग कंपनी में कार्यरत थे, जहां वे पिछले कुछ समय से काम कर रहे थे।
इलाज के बाद लौटते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि प्रदीप कुमार महतो कुछ दिनों से बीमार थे और उन्होंने अपना इलाज कराया था। इलाज के बाद जब वे अपने कमरे की ओर लौट रहे थे, उसी दौरान सड़क पार करते समय वे एक वाहन की चपेट में आ गए।
यह दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर भी हड़कंप मच गया।
गांव में पसरा मातम
जैसे ही इस घटना की जानकारी बंदखारो गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग उन्हें सांत्वना देने में जुटे हुए हैं।
युवा बेटे की असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। गांव में हर कोई इस घटना से दुखी नजर आ रहा है।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि विदेशों में काम करने वाले मजदूरों के साथ इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं।
हजारीबाग, बोकारो और गिरिडीह जैसे जिलों से बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में बाहर जाते हैं, लेकिन वहां उन्हें कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है।
रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग
स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि युवाओं को मजबूरी में पलायन न करना पड़े।
लोगों का मानना है कि यदि स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन विकसित किए जाएं, तो इस तरह की दुखद घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
न्यूज़ देखो: पलायन की मजबूरी और सुरक्षा की चुनौती
ओमान में हुई यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक झारखंड के युवा रोजगार के लिए विदेशों का रुख करते रहेंगे और जोखिम उठाते रहेंगे। प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, उनके अधिकार और उनकी निगरानी के लिए ठोस नीति की जरूरत है। साथ ही राज्य में रोजगार सृजन पर गंभीर पहल भी जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपने लोगों को सुरक्षित भविष्य दें, स्थानीय अवसर बढ़ाएं
हर युवा का सपना होता है कि वह अपने परिवार को बेहतर जीवन दे, लेकिन यह सपना कई बार जोखिम भरा साबित होता है।
जरूरत है कि हम अपने राज्य में ही ऐसे अवसर तैयार करें, जहां युवाओं को बाहर न जाना पड़े।
आइए, हम सभी मिलकर स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सोचें और कदम उठाएं।
एक सुरक्षित और मजबूत समाज का निर्माण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
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