#पलामूनावांबाजार #शिक्षाअनियमितता : प्राथमिक विद्यालय में फर्जी हाजिरी और लापरवाही के आरोपों से मचा हड़कंप।
पलामू जिले के नावां बाजार थाना क्षेत्र के दरगाही ताली स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विद्यालय के हेडमास्टर पर फर्जी हाजिरी बनाने और स्कूल संचालन में लापरवाही के आरोप लगे हैं। प्रबंधन समिति और ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच की मांग की है। इस मामले ने स्थानीय शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- दरगाही ताली प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर पर गंभीर आरोप लगे।
- सत्येंद्र महतो पर फर्जी हाजिरी और मनमानी का आरोप।
- प्रबंधन समिति अध्यक्ष रासपति देवी ने लिखित शिकायत दी।
- सीआरपी जांच में रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर मिलने की बात सामने आई।
- ग्रामीणों और अभिभावकों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
पलामू जिले के नावां बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम दरगाही ताली स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय के हेडमास्टर सत्येंद्र महतो पर फर्जी हाजिरी बनाने, नियमित कक्षाएं संचालित नहीं करने और स्कूल संचालन में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है और उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
प्रबंधन समिति ने खोला मोर्चा
विद्यालय प्रबंधक समिति की अध्यक्ष रासपति देवी, संजोजिका गीता देवी सहित समिति के सदस्य सविता देवी, प्रतिमा देवी, सतीश भैया, रीना देवी, उदनी कुमार, प्रदीप मेहता, प्रमिला देवी ने संयुक्त रूप से इस मामले में लिखित आवेदन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, नया बाजार को सौंपा है। इसके अलावा इस मामले की शिकायत मेदिनीनगर स्थित उपायुक्त कार्यालय में भी की गई है।
प्रबंधन समिति का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो रही है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
रासपति देवी ने कहा: “विद्यालय में नियमित पढ़ाई नहीं हो रही है। हेडमास्टर हाजिरी बनाकर विद्यालय से चले जाते हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में वास्तविक उपस्थिति से अधिक बच्चों की फर्जी हाजिरी बनाई जाती है, जो न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का भी मामला है।
प्रारंभिक जांच में भी सामने आई गड़बड़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए की गई प्रारंभिक जांच में भी कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। सीआरपी द्वारा जांच के दौरान रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर पाए जाने की बात कही गई है। जांच अधिकारी ने संकेत दिया है कि मामले को आगे बढ़ाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा असर
विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। नियमित कक्षाएं नहीं चलने के कारण छात्रों की बुनियादी शिक्षा कमजोर हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पहले से ही संसाधनों की कमी है, ऐसे में यदि शिक्षक ही अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तो शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।
ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश
इस मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को जल्द पटरी पर लाने की भी मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
यह मामला सिर्फ एक विद्यालय का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जिम्मेदारी और जवाबदेही को दर्शाता है। जब शिक्षक ही अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ लें, तो बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। प्रशासन को इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई कर उदाहरण पेश करना चाहिए। सवाल यह भी है कि क्या ऐसी अनियमितताएं अन्य स्कूलों में भी हो रही हैं? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, शिक्षा के लिए आवाज उठाएं
बच्चों की शिक्षा किसी भी समाज की नींव होती है और इसमें लापरवाही भविष्य को अंधकार में धकेल सकती है। ऐसे मामलों में चुप रहना समस्या को बढ़ावा देना है। हर अभिभावक और नागरिक का कर्तव्य है कि वह शिक्षा व्यवस्था पर नजर रखे और गलत के खिलाफ आवाज उठाए।
अगर आपके आसपास भी ऐसी कोई समस्या है, तो उसे सामने लाएं और जिम्मेदारों को जवाबदेह बनाएं।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

