#बिरनी #स्वास्थ्य_सेवाएं : पेशम में रेबीज दवा उपलब्ध होने के साथ टीबी जांच शिविर में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड स्थित पेशम पंचायत में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में नई पहल की गई है। पंचायत में अब रेबीज की दवा उपलब्ध कराई गई है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। इसके साथ ही आयुष्मान आरोग्य मंदिर में टीबी मुक्त अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इसमें भाग लेकर अपनी जांच कराई।
- पेशम पंचायत में अब रेबीज की दवा उपलब्ध कराई गई।
- रागिनी सिन्हा ने स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की पहल की।
- टीबी मुक्त अभियान के तहत विशेष जांच शिविर आयोजित।
- पोर्टेबल एक्स-रे, बीपी, शुगर जांच की सुविधा उपलब्ध।
- 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए विशेष जांच व्यवस्था।
- ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी शिविर में देखने को मिली।
गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत पेशम पंचायत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पंचायत स्तर पर अब रेबीज की दवा उपलब्ध करा दी गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही टीबी मुक्त अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
रेबीज दवा उपलब्ध होने से मिली राहत
पेशम पंचायत की मुखिया रागिनी सिन्हा ने बताया कि पहले पंचायत में रेबीज की दवा उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता था। इससे समय और संसाधनों दोनों की परेशानी होती थी।
अब पंचायत स्तर पर ही दवा उपलब्ध होने से लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और संभावित खतरे को रोका जा सकेगा।
रागिनी सिन्हा ने कहा: “हमारी प्राथमिकता है कि पंचायत के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिलें।”
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण कराएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
टीबी मुक्त अभियान के तहत जांच शिविर
सोमवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पेशम में टीबी मुक्त अभियान के तहत एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आधुनिक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से टीबी की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
इसके अलावा आम लोगों के लिए ब्लड प्रेशर (BP), शुगर और रक्त जांच की सुविधा भी दी गई। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए विशेष रूप से एक्स-रे और ब्लड टेस्ट की व्यवस्था की गई थी।
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी
स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी जांच कराई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि लोग अब स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं और इस तरह के आयोजनों का लाभ उठाना चाहते हैं।
शिविर के दौरान डॉ. सिदक्की, एएनएम, सहिया दीदी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे और उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी।
पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सुधार की दिशा
मुखिया ने कहा कि पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भी इस तरह की पहल जारी रहेगी, ताकि ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं अपने क्षेत्र में ही मिल सकें।
इस तरह की पहल से न केवल बीमारियों की समय पर पहचान होगी, बल्कि लोगों को बड़े अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता भी कम होगी।
न्यूज़ देखो: गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार जरूरी
पेशम पंचायत की यह पहल बताती है कि यदि स्थानीय स्तर पर प्रयास किए जाएं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। रेबीज दवा की उपलब्धता और टीबी जांच शिविर जैसे कदम सीधे लोगों के जीवन से जुड़े हैं। अब जरूरत है कि ऐसी पहल अन्य पंचायतों में भी लागू हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ समाज के लिए जागरूकता और सहभागिता जरूरी
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। समय पर जांच और सही इलाज से बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।
यदि आपके आसपास भी स्वास्थ्य शिविर आयोजित हो, तो उसमें जरूर भाग लें और अपने परिवार को भी इसके लिए प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को दूसरों तक पहुंचाएं और एक स्वस्थ समाज बनाने में अपना योगदान दें।
