हेमंत 4.0 का पहला एक्शन: पलामू  – लातेहार समेत 4 जिलों के DEO पर गिरी गाज, 5 प्रधानाध्यापकों का वेतन रुका

हेमंत 4.0 का पहला एक्शन: पलामू – लातेहार समेत 4 जिलों के DEO पर गिरी गाज, 5 प्रधानाध्यापकों का वेतन रुका

author News देखो Team
1 Views

स्वेटर वितरण में लापरवाही पर एक्शन

रांची: झारखंड सरकार ने स्कूली बच्चों को स्वेटर वितरण में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए चार जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को शोकॉज नोटिस जारी किया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने शुक्रवार को विभागीय समीक्षा बैठक में यह कार्रवाई की। चतरा, देवघर, लातेहार और पलामू के प्रदर्शन को बेहद खराब मानते हुए संबंधित DEO को एक सप्ताह के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

कड़ी कार्रवाई के संकेत

सचिव उमाशंकर सिंह ने लापरवाह अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अब लापरवाही पर केवल स्थानांतरण नहीं होगा, बल्कि सीधे पद से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अनुशासनहीनता के मामलों को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए एडीपीओ को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं।

प्रमुख निर्देश और कार्रवाई

  1. शोकॉज नोटिस जारी: चतरा, देवघर, लातेहार, और पलामू के DEO को शोकॉज जारी। जामताड़ा के DEO के प्रदर्शन पर भी नाराजगी जताते हुए शोकॉज जारी करने के आदेश।
  2. प्रधानाध्यापकों का वेतन रोका: पांच स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का वेतन लापरवाही के कारण रोका गया। इनमें बोकारो, देवघर, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा के स्कूल शामिल हैं।
  3. साइकिल वितरण और डाटा अपलोड: सभी जिलों को 15 दिसंबर तक शत-प्रतिशत साइकिल वितरण और यूडायस प्लस पोर्टल पर डाटा अपलोड करने का निर्देश।
  4. खुले बैंक खाते: अगले वर्ष जनवरी तक सभी स्कूली बच्चों के खुले बैंक खाते सुनिश्चित करने के निर्देश।

भविष्य की योजनाएं

  • औचक निरीक्षण: सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस और 325 प्रखंड स्तरीय आदर्श विद्यालयों का नियमित निरीक्षण।
  • ”अपार” जागरूकता: यूनिफाइड ऑटोमैटिड परमानेंट अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) को लेकर विशेष अभिभावक शिक्षक बैठक आयोजित करने के निर्देश।
  • वित्तीय मामलों में तेजी: कार्य योजनाओं को गति देने के लिए 15 दिसंबर तक वित्तीय मामलों के निष्पादन का लक्ष्य।

बैठक में प्रमुख उपस्थिति

इस समीक्षा बैठक में राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, अन्य विभागीय पदाधिकारी, और सभी जिलों के DEO व DSE उपस्थित थे। सचिव ने लापरवाह अधिकारियों को सुधार के निर्देश देते हुए समय पर कार्य पूरा करने की सख्त हिदायत दी।

झारखंड सरकार का यह सख्त कदम शिक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रशासनिक कार्यशैली को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

🔔

Notification Preferences

error: