
#लावालौंग #चतरा #सड़क_हादसा : लमटा एनएच-22 पर कार की टक्कर से महिला गंभीर, सुरक्षा को लेकर आक्रोश।
चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र अंतर्गत लमटा गांव के पास एनएच-22 पर सोमवार को तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। हादसे के कारण कुछ समय तक आवागमन बाधित रहा और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। यह घटना एनएच-22 पर लगातार हो रहे हादसों और सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर करती है।
- लमटा एनएच-22 पर तेज रफ्तार ऑल्टो कार की टक्कर।
- मीणा देवी गंभीर रूप से घायल, रांची रेफर।
- घटना के बाद चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी।
- आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम।
- सुरक्षा उपायों की मांग, स्पीड ब्रेकर की आवश्यकता।
लावालौंग थाना क्षेत्र के लमटा गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-22 एक बार फिर सड़क हादसे का गवाह बना। सोमवार को हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल महिला की पहचान सिंदुवारी बधार निवासी 35 वर्षीय मीणा देवी, पति बालेश्वर साव, के रूप में हुई है। घटना के बाद न केवल इलाके में अफरा-तफरी मच गई, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे।
जानकारी के अनुसार मीणा देवी रविवार को लमटा गांव में आयोजित छतियारी कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह घर लौटने के लिए एनएच-22 किनारे खड़ी होकर किसी वाहन का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान चतरा की ओर से तेज गति में आ रही एक ऑल्टो कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार काफी अधिक थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मीणा देवी सड़क पर दूर जा गिरीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के तुरंत बाद कार चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। कार का नंबर तत्काल ज्ञात नहीं हो सका, जिससे मौके पर मौजूद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-22 के इस हिस्से में आए दिन तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। घायल महिला की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एनएच-22 को जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण कुछ समय के लिए दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
ग्रामीण प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और नियमित पुलिस गश्त की मांग करने लगे। उनका कहना था कि जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक जाम नहीं हटाया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन की पहल
सूचना मिलने पर लावालौंग थाना की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद सड़क जाम हटाया गया और यातायात सामान्य हुआ।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार कार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर वाहन का पता लगाया जा रहा है।
घायल महिला को रांची रेफर
घटना के बाद घायल मीणा देवी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सांसद महोदय ने लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलने पर चतरा सांसद कालीचरण सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों से सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा की। उन्होंने एनएच-22 के इस संवेदनशील स्थान पर स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपाय शीघ्र लगाने की बात कही।
सांसद महोदय ने कहा: “एनएच-22 पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। यहां आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।”
लगातार हादसों से ग्रामीणों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि लमटा और आसपास के इलाकों में एनएच-22 पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। तेज रफ्तार वाहन, सड़क किनारे सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था का अभाव और संकेतकों की कमी हादसों की बड़ी वजह मानी जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क सुरक्षा को लेकर केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई जमीन पर दिखाई दे।

न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल
लमटा एनएच-22 पर हुआ यह हादसा एक बार फिर बताता है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा इंतजाम कितने जरूरी हैं। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद अब कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। सवाल यह है कि क्या इस बार स्थायी समाधान निकलेगा या हादसे ऐसे ही दोहराए जाते रहेंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्कता और जिम्मेदारी से ही बचेगी जान
सड़क पर सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। तेज रफ्तार और लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। इस मुद्दे पर अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।




