News dekho specials
Garhwa

डंडई में श्रद्धा, समरसता और एकता के संदेश के साथ संत शिरोमणि रविदास जयंती का ऐतिहासिक आयोजन

#गढ़वा #संतरविदासजयंती : भव्य शोभायात्रा, विचारगोष्ठी और विशाल भंडारे के साथ समाजिक एकता का संदेश।

गढ़वा जिले के डंडई प्रखंड में रविवार को संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन प्रखंड मुख्यालय स्थित संत रविदास मंदिर प्रांगण में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। विचारगोष्ठी, भव्य शोभायात्रा और विशाल भंडारे के माध्यम से सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया गया। आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • संत शिरोमणि रविदास मंदिर, डंडई में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत।
  • महावीर राम की अध्यक्षता और दिलवर कुमार के संचालन में विचारगोष्ठी आयोजित।
  • लक्ष्मण राम, एडवोकेट खुशबू कुमारी समेत कई वक्ताओं ने समाजिक एकता पर जोर दिया।
  • नगर भ्रमण करती भव्य शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब।
  • आयोजन समिति के सहयोग से विशाल भंडारा, हजारों लोगों ने ग्रहण किया महाप्रसाद।

गढ़वा जिले के डंडई प्रखंड में संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती इस वर्ष ऐतिहासिक और भव्य रूप में मनाई गई। रविवार को आयोजित इस समारोह में धार्मिक आस्था, सामाजिक चेतना और समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। संत रविदास मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध एकता का संदेश देना रहा।

विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर के मुख्य पुजारी जयराम दास जी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के साथ की गई। संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उपस्थित श्रद्धालुओं ने उन्हें नमन किया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त रहा।

इस अवसर पर आयोजित विचारगोष्ठी की अध्यक्षता श्री महावीर राम ने की, जबकि मंच संचालन की जिम्मेदारी दिलवर कुमार ने कुशलतापूर्वक निभाई।

करुणा, समता और समानता के प्रतीक थे संत रविदास

विचारगोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने संत रविदास जी के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उन्हें करुणा, समता, समानता, शील, सदाचार और मानवता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने विचारों से समाज को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठने की प्रेरणा दी।

प्रमुख अतिथियों के विचार

लक्ष्मण राम (जिला अध्यक्ष, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा) ने कहा:

“जिस प्रकार आज इस मंच पर विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग एक साथ उपस्थित हैं, उसी तरह समाज को भी एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। किसी को भी जाति या पार्टी के आधार पर विभाजित नहीं किया जाना चाहिए।”

एडवोकेट खुशबू कुमारी ने कहा:

News dekho specials

“अपने अधिकारों के साथ-साथ हमें अपने कर्तव्यों को भी समझना होगा। भेदभाव से ऊपर उठकर समाज सेवा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।”

रघुराई राम (झारखंड कॉर्डिनेटर, बामसेफ) और शिक्षक शिवनाथ राम ने समाज में शिक्षा और जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए संत रविदास जी के समतामूलक समाज के विचारों को साझा किया।

समाजसेवी अशोक प्रसाद ने कहा कि महापुरुष किसी एक जाति के नहीं होते, बल्कि पूरे समाज के होते हैं। उन्होंने संत रविदास जी के त्याग और समर्पण को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

मिथिलेश कुमार (बीडीसी प्रतिनिधि) और शिक्षक रणविजय सिंह ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से ही जीवन सही दिशा पाता है।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में अरविंद तूफानी (भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य), सुरेंद्र राम, मनोज ठाकुर, सुभाष मेहता, अवकाश राम, रामाशीष प्रसाद (प्रमुख प्रतिनिधि), मुखिया धनवंती देवी, मुखिया प्रतिनिधि महेश्वर राम, दिनेश राम (पूर्व विधायक प्रतिनिधि), पूर्व मुखिया फूलवंती देवी और पूर्व उपमुखिया राजेश कुमार गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

भव्य शोभायात्रा और विशाल भंडारा बना आकर्षण

मंदिर प्रांगण से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो नगर के विभिन्न चौक-चौराहों से गुजरते हुए पुनः मंदिर परिसर में पहुंची। शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों, जयघोष और संत रविदास जी के भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

इसके पश्चात आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया और संत शिरोमणि रविदास जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

आयोजन समिति का सराहनीय योगदान

आयोजन समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, सचिव आकाशदीप भारती और कोषाध्यक्ष इंद्रजीत राम के नेतृत्व में सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वक्ताओं ने समिति के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।

न्यूज़ देखो: सामाजिक समरसता की मजबूत मिसाल

डंडई में आयोजित यह समारोह दर्शाता है कि संत रविदास जी के विचार आज भी समाज को दिशा देने की क्षमता रखते हैं। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के लोगों की एक मंच पर उपस्थिति सामाजिक एकता की सकारात्मक तस्वीर पेश करती है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और भेदभाव मिटाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सवाल यह है कि क्या हम इन विचारों को सिर्फ आयोजनों तक सीमित रखेंगे या व्यवहार में भी अपनाएंगे?
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संतों के विचार अपनाएं, समाज को जोड़ें

संत रविदास जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था। समाज की मजबूती एकता, शिक्षा और संवेदनशीलता से ही संभव है।
आइए, भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता और समानता को अपनाएं।
आपका एक कदम समाज को नई दिशा दे सकता है।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, लेख को साझा करें और संतों के विचारों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Shashi Bhushan Mehta

डंडई, गढ़वा

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: