
#गढ़वा #गणतंत्र_दिवस : पुलिस लाइन में आयोजित मुख्य परेड में स्काउट एंड गाइड की छात्राओं ने पहली बार कदमताल किया।
गढ़वा जिले में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन मैदान में आयोजित मुख्य राजकीय समारोह की परेड में पहली बार भारत स्काउट एंड गाइड की छात्राओं की टुकड़ी शामिल हुई। स्कूली बेटियों ने अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ पेशेवर बलों के बीच मार्च पास्ट कर जिले के लिए नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह पहल महिला सशक्तिकरण और युवा सहभागिता के लिहाज से विशेष महत्व रखती है।
- 77वां गणतंत्र दिवस गढ़वा के लिए ऐतिहासिक बना।
- पुलिस लाइन मैदान में पहली बार स्काउट एंड गाइड की छात्राओं की भागीदारी।
- भारत स्काउट एंड गाइड की बेटियों ने अनुशासनपूर्ण मार्च पास्ट किया।
- जिला प्रशासन ने इसे जिले की बड़ी उपलब्धि बताया।
- परेड में सीआरपीएफ, जिला पुलिस, होमगार्ड, महिला सशस्त्र बल भी शामिल।
- महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए प्रेरणादायी संदेश।
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर गढ़वा जिले ने एक नई और गर्वपूर्ण पहचान बनाई। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन मैदान में आयोजित मुख्य राजकीय समारोह में पहली बार भारत स्काउट एंड गाइड की छात्राओं की टुकड़ी ने परेड में भाग लेकर इतिहास रच दिया। अब तक इस मंच पर केवल जिला पुलिस बल, गृह रक्षा वाहिनी, एनसीसी और अन्य सशस्त्र बलों की भागीदारी देखने को मिलती थी, लेकिन इस वर्ष स्कूली बेटियों की मौजूदगी ने समारोह को खास बना दिया।
पहली बार स्कूली बेटियों की ऐतिहासिक भागीदारी
यह पहला अवसर था जब जिले की स्कूली छात्राएं, भारत स्काउट एंड गाइड के बैनर तले, पुलिस लाइन की मुख्य परेड में शामिल हुईं। नीली यूनिफॉर्म और स्कार्फ में सजी इन बेटियों ने आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ कदमताल किया। जैसे ही स्काउट एंड गाइड की टुकड़ी ने मुख्य मंच के सामने से गुजरते हुए “दाहिने देख” की मुद्रा में सलामी दी, पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
जिला प्रशासन और समारोह में मौजूद गणमान्य अतिथियों ने इस दृश्य को जिले के बदलते स्वरूप और सकारात्मक सोच का प्रतीक बताया।
अनुशासन, आत्मविश्वास और जज्बे का प्रदर्शन
परेड के दौरान स्काउट एंड गाइड की छात्राओं का आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था। उनके कदमों की लय, कतारबद्ध मार्च और एकजुटता ने यह साबित कर दिया कि अनुशासन केवल वर्दी तक सीमित नहीं है, बल्कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर छात्राएं भी किसी पेशेवर बल से कम नहीं होतीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि गढ़वा की बेटियों का पुलिस लाइन की परेड में शामिल होना जिले की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। यह केवल एक परेड नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और युवाओं में देशभक्ति के भाव को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्य अतिथि ने कहा: “यह दृश्य बताता है कि गढ़वा की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और आने वाला समय इन्हीं के हाथों में है।”
प्रशासन की पहल और तैयारी
इस ऐतिहासिक भागीदारी के पीछे जिला प्रशासन और भारत स्काउट एंड गाइड संगठन की संयुक्त तैयारी रही। बीते कई दिनों से पुलिस लाइन मैदान में रिहर्सल चल रही थी, जहां छात्राओं को मार्च पास्ट, अनुशासन और परेड की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों और संगठन पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में बच्चियों ने कड़ी मेहनत की, जिसका परिणाम गणतंत्र दिवस के दिन सबके सामने नजर आया।
जिला प्रशासन ने साफ तौर पर कहा कि आने वाले वर्षों में भी स्काउट एंड गाइड जैसी संस्थाओं को मुख्यधारा के आयोजनों से जोड़ा जाएगा, ताकि बच्चों में नेतृत्व, सेवा और अनुशासन के गुण विकसित हों।
परेड के मुख्य आकर्षण
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में कई टुकड़ियों ने भाग लिया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं—
परेड में शामिल बल
- सीआरपीएफ की 172वीं बटालियन
- जिला पुलिस बल
- गृह रक्षा वाहिनी
- महिला सशस्त्र बल
- सहायक पुलिस बल
- भारत स्काउट एंड गाइड की छात्राएं
इन सभी टुकड़ियों के साथ स्काउट एंड गाइड का तालमेल देखते ही बनता था। यह दृश्य दर्शाता है कि भविष्य में छात्र-छात्राएं भी राष्ट्र सेवा की विभिन्न भूमिकाओं में अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं।
समाज में गया सकारात्मक संदेश
पुलिस लाइन में स्काउट एंड गाइड की बेटियों की मौजूदगी ने समाज को एक मजबूत संदेश दिया। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में इस पहल को लेकर खासा उत्साह देखा गया। कई लोगों ने इसे बेटियों के आत्मविश्वास और समान अवसर का प्रतीक बताया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब बच्चियां इतने बड़े मंच पर अनुशासन और साहस के साथ खड़ी होती हैं, तो यह पूरे समाज की सोच को बदलने वाला दृश्य होता है।
न्यूज़ देखो: बेटियों की कदमताल, बदलते गढ़वा की पहचान
गढ़वा में गणतंत्र दिवस पर स्काउट एंड गाइड की बेटियों की परेड में भागीदारी यह दर्शाती है कि जिला शिक्षा, अनुशासन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रशासन की यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। अब देखना होगा कि आने वाले वर्षों में छात्र-छात्राओं को और कौन-कौन से मंच मिलते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब बेटियों के बढ़ें कदम, तो बढ़ता है पूरा समाज
गणतंत्र दिवस पर गढ़वा की बेटियों ने यह साबित कर दिया कि अवसर मिलने पर वे इतिहास रच सकती हैं। ऐसे प्रयासों से युवाओं में आत्मविश्वास और देशभक्ति मजबूत होती है।
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