
#मयूरहंड #होली_मिलन : ढोडी मंधनिया स्थित संस्थान में छात्रों ने अबीर-गुलाल के साथ दिया प्रेम और सद्भाव का संदेश।
चतरा जिले के मयूरहंड प्रखंड अंतर्गत ढोडी मंधनिया स्थित ओम शिक्षण संस्थान में होली मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। संस्थापक वीरेंद्र कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को होली की पवित्रता, धार्मिक और पौराणिक महत्व की जानकारी दी। कार्यक्रम में छात्रों ने अबीर-गुलाल लगाकर भाईचारे का संदेश दिया।
- ओम शिक्षण संस्थान, ढोडी मंधनिया में होली मिलन समारोह।
- संस्थापक वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया धार्मिक महत्व।
- छात्रों ने अबीर-गुलाल लगाकर दी बधाई।
- संचालक अवधेश पांडे व निर्देशिका सोनाली कुमारी रहीं उपस्थित।
- प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का दिया संदेश।
मयूरहंड, चतरा। मयूरहंड प्रखंड के ढोडी मंधनिया स्थित ओम शिक्षण संस्थान में होली मिलन समारोह का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में कोचिंग संस्थान के छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और रंगों के इस पर्व को आपसी प्रेम, सौहार्द और सांस्कृतिक मर्यादा के साथ मनाया।
होली की पवित्रता और धार्मिक महत्व पर प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान संस्थान के संस्थापक वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए होली के पवित्रता, धार्मिक एवं पौराणिक महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।
होली हमें सिखाती है कि घृणा और द्वेष पर प्रेम की जीत होती है। यह पर्व ईर्ष्या और वैमनस्य को त्यागकर भाईचारा स्थापित करने का संदेश देता है।
उन्होंने पौराणिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि होली का त्योहार सामाजिक समरसता और आपसी एकता को मजबूत करता है।
विद्यार्थियों ने साझा की खुशियां
संस्थापक के प्रेरक संबोधन के उपरांत होली मिलन समारोह की औपचारिक शुरुआत की गई। छात्रों ने एक-दूसरे को अबीर और गुलाल लगाकर गले मिलते हुए होली की शुभकामनाएं दीं।
पूरा परिसर रंगों और उल्लास से सराबोर नजर आया। विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। कार्यक्रम में अनुशासन और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया।
संस्थान परिवार की सक्रिय उपस्थिति
इस अवसर पर संचालक अवधेश पांडे एवं निर्देशिका सोनाली कुमारी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण तरीके से होली मनाने की सलाह दी।
संस्थान परिवार ने इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को केवल त्योहार मनाने का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों से भी जोड़ने का प्रयास किया।
शिक्षा के साथ संस्कार की पहल
ओम शिक्षण संस्थान में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सामाजिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मीयता, सहयोग और परस्पर सम्मान की भावना विकसित होती है। होली जैसे पर्व बच्चों को भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचित कराते हैं और उन्हें सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करते हैं।
न्यूज़ देखो: रंगों के साथ संस्कार का संदेश
मयूरहंड के इस आयोजन ने साबित किया कि शैक्षणिक संस्थान केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों की पाठशाला भी हैं। जब त्योहारों को समझदारी और मर्यादा के साथ मनाया जाता है, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे प्रयास युवाओं को बेहतर नागरिक बनने की दिशा देते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रेम और सद्भाव से मनाएं हर त्योहार
रंगों का पर्व हमें जोड़ने का अवसर देता है।
घृणा और द्वेष को त्यागकर भाईचारा अपनाएं।
बच्चों को संस्कार और संस्कृति से जोड़ना जरूरी है।
सुरक्षित और मर्यादित तरीके से त्योहार मनाएं।
इस खबर को साझा करें और प्रेम का संदेश आगे बढ़ाएं।






