#गढ़वा #होलीमिलनसमारोह : करमडीह देवी धाम प्रांगण में रंगारंग आयोजन।
गढ़वा जिले के ग्राम करमडीह स्थित देवी धाम प्रांगण में होली मिलन समारोह का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध व्यास प्रेम दीवाना ने भक्ति और फाग गीतों से माहौल को रंगीन बना दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। आयोजन में स्थानीय युवाओं की सक्रिय भूमिका रही।
- करमडीह देवी धाम, गढ़वा में हुआ भव्य होली मिलन समारोह।
- प्रसिद्ध व्यास प्रेम दीवाना ने सुनाए फाग और भक्ति गीत।
- रंग, गुलाल और संगीत से सराबोर रहा पूरा प्रांगण।
- राजीव मेहता, विवेक गुप्ता, रामस्वरूप मेहता सहित युवाओं का योगदान।
- बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति, भाईचारे का संदेश।
गढ़वा जिले के ग्राम करमडीह स्थित देवी धाम प्रांगण में इस वर्ष होली मिलन समारोह बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। रंगों के पर्व को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा के साथ जोड़ते हुए ग्रामीणों ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध व्यास प्रेम दीवाना की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। उनके गीतों पर लोग झूमते नजर आए और पूरा वातावरण फागुनी रंग में रंग गया।
देवी धाम प्रांगण में उमड़ी भीड़
करमडीह देवी धाम का प्रांगण सुबह से ही उत्सव के रंग में रंगा हुआ था। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा और बच्चे तक सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रंग और गुलाल के साथ एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह के आयोजन से आपसी प्रेम और सौहार्द मजबूत होता है। होली मिलन समारोह के माध्यम से गांव में सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
प्रेम दीवाना के गीतों ने बांधा समां
गढ़वा के प्रसिद्ध व्यास प्रेम दीवाना ने मंच संभालते ही माहौल को भक्तिमय और रंगीन बना दिया। उन्होंने पारंपरिक फाग गीतों, भक्ति गीतों और होली के विशेष गीतों की प्रस्तुति दी, जिसे सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
एक ग्रामीण ने कहा:
“प्रेम दीवाना जी के गीतों ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। ऐसा लगा जैसे पूरा गांव एक परिवार बनकर उत्सव मना रहा हो।”
उनकी प्रस्तुति के दौरान लोगों ने तालियों और जयकारों से उनका स्वागत किया। गीत-संगीत के बीच लोगों ने नृत्य भी किया और पर्व का आनंद लिया।
युवाओं की रही अहम भूमिका
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन की तैयारी से लेकर मंच व्यवस्था और अतिथियों के स्वागत तक सभी कार्यों को जिम्मेदारी के साथ निभाया गया।
कार्यक्रम में राजीव मेहता, विवेक गुप्ता, रामस्वरूप मेहता, सूरज कुमार, उपेंद्र कुमार, नीलांबर मेहता, रूपेश मेहता सहित कई ग्रामीण सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने में सहयोग किया।
ग्रामीणों ने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही गांव में इस तरह के सफल आयोजन संभव हो पाते हैं। युवाओं की एकजुटता और उत्साह ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी।
सामाजिक एकता का बना मंच
होली मिलन समारोह केवल रंग खेलने का अवसर नहीं था, बल्कि यह सामाजिक एकता का भी प्रतीक बना। लोगों ने आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाया और प्रेम व सद्भाव का संदेश दिया।
देवी धाम जैसे धार्मिक स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को एक साथ जोड़ने का कार्य किया। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
न्यूज़ देखो: परंपरा और भाईचारे की मिसाल
गढ़वा के करमडीह में आयोजित होली मिलन समारोह ने यह साबित किया कि गांवों में आज भी परंपरा और सामाजिक एकता की मजबूत नींव मौजूद है। जब लोग मिलकर पर्व मनाते हैं, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
रंगों के साथ रिश्तों को भी दें मजबूती
होली का पर्व केवल रंगों का नहीं, बल्कि रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी है। आइए हम सभी मिलकर आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा दें। गांव-गांव में ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करें ताकि समाज में सकारात्मक वातावरण बना रहे।
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