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लावालौंग समेत पूरे चतरा जिले में रंग-अबीर की बौछार के साथ धूमधाम से मनी होली, गले मिलकर दी शुभकामनाएं

#लावालौंग #रंगोत्सव : गांव से कस्बों तक रंग, उमंग और भाईचारे का दिखा अद्भुत माहौल


चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में रंगों का पावन पर्व होली पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गले लगाया और गिले-शिकवे भुलाते हुए शुभकामनाएं दीं। गांवों में ढोल-मांदर, होली गीत और पारंपरिक पकवानों के साथ उत्सव का माहौल देखने को मिला।

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  • लावालौंग प्रखंड सहित पूरे चतरा जिले में धूमधाम और उत्साह के साथ मना रंगों का पर्व होली।
  • लोगों ने अबीर-गुलाल लगाकर गले मिलते हुए आपसी गिले-शिकवे भुलाए
  • गांव-गांव में ढोल-मांदर और होली गीतों के साथ झूमते-नाचते नजर आए लोग।
  • घर-घर में बने पुआ, दही-बड़ा और पारंपरिक पकवान, मेहमानों के साथ साझा की खुशियां।
  • होलिका दहन (अगजा) के साथ हुई पर्व की शुरुआत, कई गांवों में मनाई गई बुढ़वा होली

चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में रंगों का पर्व होली इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। गांव से लेकर कस्बों तक हर ओर रंगों की बौछार और होली गीतों की गूंज सुनाई दी। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर गले लगाया और आपसी गिले-शिकवे भुलाते हुए पर्व की शुभकामनाएं दीं।

होली के दिन सुबह से ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग रंग-गुलाल लेकर घरों से निकल पड़े। लोग एक-दूसरे के घर जाकर रंग लगाते रहे और खुशियों को साझा करते नजर आए। कई जगहों पर रिश्तेदारों और दूर-दराज से आए मेहमानों के साथ भी लोगों ने जमकर होली खेली।

होलिका दहन के साथ हुई पर्व की शुरुआत

होली पर्व की शुरुआत एक दिन पहले विधि-विधान के साथ होलिका दहन यानी अगजा जलाने से हुई। सोमवार की रात गांव-गांव में लोगों ने एकत्र होकर अगजा जलाया और बुराई पर अच्छाई की जीत की कामना की।

अगजा जलाने के दौरान लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पूजा-अर्चना की और परिवार तथा समाज की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

आंतर के कारण पहले दिन कम रहा रंग का उत्साह

स्थानीय परंपरा के अनुसार मंगलवार को ‘आंतर’ होने के कारण रंग खेलने का कार्यक्रम अपेक्षाकृत कम रहा। हालांकि इसके बाद बुधवार को लोगों में होली खेलने को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

सुबह से ही लोग रंग-गुलाल लेकर सड़कों, गलियों और मोहल्लों में निकल पड़े। युवाओं की टोलियां घर-घर जाकर होली गीत गाती हुई लोगों को रंग लगाकर पर्व की बधाई देती रही।

ढोल-मांदर और गीतों से गूंजा गांव

गांवों में ढोल-मांदर और साउंड बॉक्स पर बजते होली गीतों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। लोग गीतों की धुन पर झूमते और नाचते नजर आए।

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होली के अवसर पर कई जगहों पर सामूहिक रूप से गीत-संगीत और नृत्य का आयोजन भी किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पारंपरिक व्यंजनों का लिया गया आनंद

होली के अवसर पर घर-घर में पारंपरिक व्यंजन बनाए गए। पुआ, दही-बड़ा और अन्य कई तरह के पकवानों की खुशबू पूरे गांव में फैल गई।

लोग एक-दूसरे के घर जाकर इन पकवानों का आनंद लेते रहे। इस दौरान मेहमानों का भी खास स्वागत किया गया और सभी ने मिलकर पर्व की खुशियां साझा कीं।

कई गांवों में मनाई गई बुढ़वा होली

गुरुवार को कई गांवों में स्थानीय परंपरा के अनुसार बुढ़वा होली भी मनाई गई। इस दिन लोगों ने एक बार फिर रंग-अबीर लगाकर उत्सव का आनंद लिया।

ग्रामीणों का कहना है कि बुढ़वा होली की परंपरा वर्षों से चली आ रही है और यह होली पर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

सामाजिक सौहार्द का दिया संदेश

इस अवसर पर प्रखंड और जिले के कई गणमान्य लोगों ने कहा कि होली आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक पर्व है। यह त्योहार हमें सभी मतभेद और गिले-शिकवे भुलाकर मिल-जुलकर रहने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि इसी परंपरा के तहत लोग एक-दूसरे के घर जाकर रंग-अबीर लगाते हैं और स्नेहपूर्वक बने पकवानों का आनंद लेते हैं।

बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

इस अवसर पर उमेश यादव, जितेंद्र यादव, रिकेश यादव, उपेंद्र यादव, शंकर यादव, विकेश यादव, विनोद यादव और मिथलेश यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

सभी ने मिलकर पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ होली पर्व का आनंद लिया।

न्यूज़ देखो: रंगों के साथ रिश्तों को जोड़ने का पर्व

होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं बल्कि रिश्तों को मजबूत करने का भी पर्व है। यह हमें सिखाता है कि समाज में प्रेम, सहयोग और भाईचारा ही सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे पर्व समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आइए होली के संदेश को पूरे समाज में फैलाएं

त्योहार हमें सिर्फ खुशी मनाने का अवसर नहीं देते बल्कि एक-दूसरे के करीब आने का भी मौका देते हैं।
होली हमें सिखाती है कि जीवन में रंग तभी आते हैं जब रिश्तों में मिठास बनी रहे।
आइए हम सब मिलकर प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का यह संदेश आगे बढ़ाएं।

अगर आपके क्षेत्र में भी होली या अन्य सामाजिक आयोजन की खास झलक रही हो, तो उसकी जानकारी हमें जरूर भेजें और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें।

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