
#खलारी #पुण्य_बृहस्पतिवार : चर्च में विशेष आराधना—प्रेम, सेवा और विनम्रता का संदेश दिया गया।
रांची के खलारी और मैकलुस्कीगंज स्थित कैथोलिक चर्चों में पुण्य बृहस्पतिवार श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मिस्सा पूजा और विशेष आराधना का आयोजन हुआ। फादर हुबेरतुस बेक ने बारह शिष्यों के पैर धोकर परंपरा निभाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
- मैकलुस्कीगंज कैथोलिक चर्च में विशेष मिस्सा पूजा आयोजित।
- फादर हुबेरतुस बेक ने आराधना का नेतृत्व किया।
- बारह श्रद्धालुओं के पैर धोकर परंपरा निभाई गई।
- भक्ति गीतों से गूंजा चर्च परिसर।
- बड़ी संख्या में मसीही श्रद्धालुओं की उपस्थिति।
रांची जिले के खलारी और मैकलुस्कीगंज स्थित कैथोलिक चर्चों में गुरुवार को पुण्य बृहस्पतिवार का पर्व श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर चर्च परिसर में विशेष प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मसीही श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम ने प्रभु यीशु के प्रेम, सेवा और विनम्रता के संदेश को जीवंत किया।
मिस्सा पूजा और विशेष आराधना
मैकलुस्कीगंज कैथोलिक चर्च में फादर हुबेरतुस बेक के नेतृत्व में मिस्सा पूजा और विशेष आराधना का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालु प्रार्थना में लीन होकर प्रभु यीशु का स्मरण करते रहे।
बारह शिष्यों की परंपरा निभाई गई
इस आयोजन की विशेषता यह रही कि फादर हुबेरतुस बेक ने बारह मसीही श्रद्धालुओं के पैर धोकर उस परंपरा का निर्वहन किया, जिसे प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों के साथ अंतिम भोज के दौरान निभाया था।
फादर हुबेरतुस बेक ने कहा: “प्रभु यीशु ने हमें प्रेम, सेवा और विनम्रता का संदेश दिया है, जिसे हमें अपने जीवन में अपनाना चाहिए।”
भक्ति गीतों से गूंजा वातावरण
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों की मधुर प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। चर्च परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया गया।
प्रवचन में बताया पर्व का महत्व
अपने प्रवचन में फादर ने पुण्य बृहस्पतिवार के तीन प्रमुख रहस्यों—
- पवित्र ख्रिस्त की स्थापना
- प्रीति भोज में सहभागिता
- पास्का भोज
की विस्तृत व्याख्या की।
उन्होंने बताया कि इसी दिन प्रभु ईसा मसीह ने अपने शिष्यों के साथ अंतिम भोज किया था और प्रेम एवं सेवा का संदेश दिया था।
आध्यात्मिक साधना का समय
फादर ने कहा कि पुण्य बृहस्पतिवार, गुड फ्राइडे और ईस्टर मसीही विश्वासियों के लिए आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण समय होता है।
उन्होंने कहा: “आज के समय में हमें अपने मूल संस्कारों को याद रखना चाहिए और प्रभु के मार्ग पर चलना चाहिए।”
श्रद्धालुओं की उपस्थिति
इस अवसर पर जोशी टी.डी., सिस्टर बिरजीनिया, राकेश साह, संजय खलखो, कोर्नेलुइस खेस, जोली जोसेफ, अजय मिंज, प्रेम एक्का, अशियानी टोप्पो, अनिमा लकड़ा, हेलमेट, शिप्रा बेग, तोबियस बाड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धार्मिक और सामाजिक संदेश
यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, करुणा और सेवा की भावना को मजबूत करने का भी माध्यम बना।

न्यूज़ देखो: आस्था से मिलता है जीवन का मार्ग
खलारी और मैकलुस्कीगंज में मनाया गया यह पर्व यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजन लोगों को अपने मूल्यों से जोड़ते हैं। ऐसे अवसर हमें आत्मचिंतन और जीवन के सही मार्ग की ओर प्रेरित करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रेम और सेवा का संदेश अपनाएं
धर्म हमें प्रेम और सेवा का रास्ता दिखाता है।
जरूरी है कि हम इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं।
समाज तभी बेहतर बनेगा जब हम एक-दूसरे का सम्मान करेंगे।
आइए, हम भी इन शिक्षाओं को आगे बढ़ाएं।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और इस सकारात्मक संदेश को फैलाएं।






