
#बरवाडीह #स्वच्छता_अभियान : पर्यटन स्थल केचकी संगम में प्रशिक्षु युवाओं ने चलाया जागरूकता अभियान।
लातेहार जिले के बरवाडीह स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल केचकी संगम में हुनर से रोजगार योजना के प्रशिक्षुओं द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व डिप्टी डायरेक्टर पीके जेना ने किया, जिसमें युवाओं ने परिसर की साफ-सफाई की। प्लास्टिक और कचरे को एकत्र कर निर्धारित स्थान पर निस्तारित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
- केचकी संगम में “हुनर से रोजगार” योजना के तहत स्वच्छता अभियान।
- अभियान का नेतृत्व डिप्टी डायरेक्टर पीके जेना ने किया।
- प्लास्टिक बोतल, थाली, ग्लास, प्लेट सहित कचरा एकत्र कर निस्तारण।
- प्रशिक्षु युवतियों ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश।
- अभियान के बाद स्वच्छता बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली गई।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल केचकी संगम में शुक्रवार को एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जब “हुनर से रोजगार” योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं ने स्वच्छता अभियान चलाया। यह अभियान न केवल साफ-सफाई तक सीमित रहा, बल्कि इसके माध्यम से समाज को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर केचकी संगम में बढ़ती गंदगी को देखते हुए इस अभियान को खास महत्व दिया गया।
स्वच्छता अभियान का नेतृत्व और उद्देश्य
स्वच्छता अभियान का नेतृत्व डिप्टी डायरेक्टर पीके जेना ने किया। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षु युवाओं और युवतियों ने संगम परिसर में फैले कचरे को एकत्र कर साफ-सफाई की। इस दौरान प्लास्टिक बोतलें, थालियां, ग्लास, प्लेट और अन्य अपशिष्ट सामग्री को अलग-अलग कर निर्धारित स्थान पर सुरक्षित रूप से निस्तारित किया गया।
डिप्टी डायरेक्टर पीके जेना ने कहा:
“हुनर से रोजगार योजना केवल रोजगारपरक कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित करती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छ और सुंदर पर्यटन स्थल न केवल स्थानीय लोगों के लिए लाभकारी होते हैं, बल्कि इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।
प्रशिक्षु युवतियों की सक्रिय भूमिका
इस अभियान में प्रशिक्षु ललिता, खुशबू, सरिता, दमयंती और चांदनी समेत अन्य युवतियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि केचकी संगम जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल पर स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशिक्षुओं ने कहा कि अक्सर पर्यटक खाने-पीने के बाद प्लास्टिक कचरा वहीं छोड़ देते हैं, जिससे पर्यावरण और जल स्रोत दोनों प्रदूषित होते हैं।
प्रशिक्षुओं ने कहा:
“अगर हम खुद जिम्मेदारी नहीं लेंगे, तो ऐसे खूबसूरत पर्यटन स्थल धीरे-धीरे गंदगी की चपेट में आ जाएंगे।”
उनका मानना है कि स्वच्छता अभियान के जरिए लोगों को व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की सहभागिता
इस स्वच्छता अभियान में प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की भी उपस्थिति रही। मौके पर छिपादोहर पश्चिमी रेंजर अजय कुमार टोप्पो, पर्यटन अधिकारी विवेक तिवारी, प्रभारी वनपाल दीपक मिश्रा, प्रशिक्षक तुलसी पवार, पवन बटी, संजीव शर्मा, ओमप्रकाश और अभय सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
पर्यटन अधिकारी विवेक तिवारी ने कहा:
“पर्यटन स्थलों की स्वच्छता सीधे पर्यटकों के अनुभव से जुड़ी होती है। यदि स्थल साफ रहेगा, तो पर्यटक बार-बार आना पसंद करेंगे।”
वन विभाग के अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐसे अभियानों को आवश्यक बताया और भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अभियान के दौरान यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। प्रशिक्षुओं ने लोगों से अपील की कि वे नदी, संगम और जंगल क्षेत्रों में प्लास्टिक का प्रयोग कम करें और कचरा खुले में न फेंकें।
अभियान के उपरांत सभी उपस्थित लोगों और प्रशिक्षुओं ने जीवन के हर क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं भी स्वच्छ रहेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।



न्यूज़ देखो: युवाओं से बदलेगी स्वच्छता की तस्वीर
केचकी संगम में चला यह स्वच्छता अभियान बताता है कि यदि युवा आगे आएं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। हुनर से रोजगार योजना के माध्यम से प्रशिक्षु न केवल रोजगार के लिए तैयार हो रहे हैं, बल्कि सामाजिक सरोकारों को भी समझ रहे हैं। अब जरूरत है कि प्रशासन ऐसे अभियानों को निरंतर समर्थन दे और आम लोग भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वच्छ पर्यटन, स्वच्छ भविष्य की ओर कदम
प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता हमारी पहचान है। यदि हम आज इन्हें स्वच्छ रखेंगे, तो आने वाली पीढ़ियां भी इनका आनंद ले सकेंगी। केचकी संगम में चला यह अभियान एक प्रेरणा है कि हर व्यक्ति छोटा प्रयास कर बड़ा बदलाव ला सकता है। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे दूसरों तक पहुंचाएं और स्वच्छता के इस संदेश को आगे बढ़ाएं।







