हुसैनाबाद के लंगरकोट गांव में एक माह से अंधेरा, ट्रांसफार्मर जलने से ठप बिजली आपूर्ति

हुसैनाबाद के लंगरकोट गांव में एक माह से अंधेरा, ट्रांसफार्मर जलने से ठप बिजली आपूर्ति

author Yashwant Kumar
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#हुसैनाबाद #बिजली_संकट : उपरिकला पंचायत का सबसे बड़ा गांव लंगरकोट एक माह से अंधेरे में, विभागीय उदासीनता से जनता त्रस्त

पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत उपरिकला पंचायत के लंगरकोट गांव में ट्रांसफार्मर जल जाने से बीते एक माह से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायत के बावजूद न तो विभागीय अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधि कोई ठोस पहल कर रहे हैं। बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

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  • लंगरकोट गांव में एक माह से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद।
  • 25 केवी ट्रांसफार्मर अधिक लोड के कारण बार-बार जलने की समस्या।
  • ग्रामीणों ने 63 केवी या 100 केवी ट्रांसफार्मर की मांग की।
  • एसडीओ और कनीय अभियंता पर टालमटोल और फोन न उठाने का आरोप।
  • राजनीतिक रूप से प्रभावशाली पंचायत होने के बावजूद जनता उपेक्षित

पलामू जिले के हुसैनाबाद प्रखंड की उपरिकला पंचायत अंतर्गत लंगरकोट गांव के ग्रामीण पिछले एक माह से अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। गांव में लगा 25 केवी का ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद से अब तक बिजली बहाल नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों ने अपने-अपने कंज्यूमर नंबर के साथ लिखित आवेदन देकर जिला मुख्य अभियंता, सहायक अभियंता सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

बच्चों की पढ़ाई और जनजीवन प्रभावित

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। मोबाइल चार्ज, ऑनलाइन पढ़ाई, रात में रोशनी की व्यवस्था, घरेलू कार्य और खेती-बाड़ी से जुड़े कई काम ठप पड़ गए हैं। गांव में अंधेरा रहने से महिलाओं और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने आवेदन में स्पष्ट लिखा है कि यदि जल्द बिजली बहाल नहीं की गई, तो गांव में सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति और भी बदतर हो जाएगी।

कम क्षमता का ट्रांसफार्मर बना समस्या की जड़

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में पहले से ही 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगा हुआ था, जो गांव की बड़ी आबादी और अधिक लोड के कारण बार-बार जल जाता है। कई बार विभाग से 63 केवी या 100 केवी ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।

लंगरकोट उपरिकला पंचायत का सबसे बड़ी आबादी वाला एकल गांव है, इसके बावजूद बिजली विभाग द्वारा आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।

विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने बिजली विभाग के एसडीओ सह कनीय अभियंता, हुसैनाबाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी हर बार यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि मामला मुख्य अभियंता के अधिकार क्षेत्र में आता है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीओ अक्सर फोन तक नहीं उठाते।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों को जनता की सुविधा के लिए सरकारी मोबाइल नंबर दिए जाते हैं, ताकि किसी आपात स्थिति में संपर्क हो सके, लेकिन हुसैनाबाद में अधिकारी जनता से दूरी बनाए हुए हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी आपस में दोषारोपण कर जनहित के कार्यों को मजाक बना रहे हैं।

सौतेला व्यवहार का आरोप

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि लंगरकोट गांव के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जबकि गांव के लोग हर जनप्रतिनिधि और अधिकारी का सम्मान करते हैं, इसके बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर जनता जाए तो कहां जाए और भरोसा किस पर करे।

राजनीतिक गढ़ होने के बावजूद अंधेरे में गांव

लंगरकोट गांव और उपरिकला पंचायत को राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली माना जाता है। इसी पंचायत में राज्य के पूर्व मंत्री एवं विधायक कमलेश कुमार सिंह का पैतृक गांव है। वर्तमान में प्रखंड उप प्रमुख इंदु देवी भी लंगरकोट गांव से ही हैं। इसके अलावा भाजपा के प्रदेश व राष्ट्रीय नेता अशोक कुमार सिंह, झारखंड की चर्चित पार्टी जेएलकेएम के नेता सोनू पटेल, वर्तमान विधायक संजय कुमार सिंह यादव, जिला उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह सहित कई बड़े नेताओं का इस गांव से सीधा जुड़ाव रहा है।

इसके बावजूद यदि एक ट्रांसफार्मर के लिए जनता को दर-दर भटकना पड़े और एक माह तक अंधेरे में रहना पड़े, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

जनता की आखिरी उम्मीद विभाग

ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हो रहा, तो अब उम्मीद सिर्फ बिजली विभाग से ही बची है। जनता चाहती है कि जल्द से जल्द उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाकर गांव को अंधेरे से बाहर निकाला जाए।

न्यूज़ देखो: सिस्टम की उदासीनता उजागर

लंगरकोट गांव का यह मामला बिजली विभाग की कार्यशैली और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है। एक माह से अंधेरे में रह रही जनता की समस्या का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए। अब देखना यह है कि विभाग इस गंभीर समस्या पर कितनी तत्परता दिखाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अब सवाल जनता का है

बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रहना किसी भी गांव के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
लंगरकोट की जनता को जल्द न्याय मिलना चाहिए।
आप भी अपनी राय साझा करें और इस खबर को आगे बढ़ाएं,
ताकि अंधेरे में रह रही आवाजें उजाले तक पहुंच सकें।

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Written by

हुसैनाबाद, पलामू

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