
#हुसैनाबाद #स्वच्छभारतमिशन : ए.के. सिंह कॉलेज के पास बने सरकारी शौचालय के CSC सेंटर में बदलने पर प्रशासन से कार्रवाई की मांग।
- ए.के. सिंह कॉलेज के पास शौचालय को CSC में बदला गया।
- ग्रामीणों ने सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
- शौचालय पहले कॉलेज प्रशासन ने बंद किया था।
- नगर पंचायत ने शौचालय को सील किया था।
- CSC सेंटर मुफ्त बिजली का उपयोग कर रहा है।
- ग्रामीण BDO कार्यालय, पंचायत और जिला प्रशासन में शिकायत देने की तैयारी में हैं।
हुसैनाबाद के ग्रामीणों ने ए.के. सिंह कॉलेज के पास बने स्वच्छ भारत मिशन के शौचालय को CSC सेंटर में बदलने पर विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कदम से स्वच्छता और मूल योजना प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इस विवाद ने हुसैनाबाद में सरकारी योजनाओं के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता को उजागर किया है।
ग्रामीणों की नाराज़गी और शिकायतें
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि शौचालय का CSC सेंटर में बदलना उनकी सुविधा को प्रभावित करता है।
एक ग्रामीण ने नाम न बताने की शर्त पर कहा: “हमारा मकसद सिर्फ स्वच्छता है। हमें सरकारी योजना के तहत सुविधा मिली थी, अब इसे CSC सेंटर बनाने से हमारी सुविधा खत्म हो गई है।”
ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय पहले कॉलेज प्रशासन द्वारा बंद किया गया था और नगर पंचायत ने इसे सील कर दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि अब स्वच्छ शौचालय की सुविधा उन्हें मिल जाएगी, लेकिन CSC सेंटर खोलने से उनकी उम्मीदें टूट गईं।

सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग
ग्रामीणों ने CSC सेंटर द्वारा मुफ्त बिजली के उपयोग पर चिंता व्यक्त की है।
एक ग्रामीण ने कहा: “यह सिर्फ सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी संसाधनों के सही उपयोग का सवाल भी है। अगर ऐसे कदम जारी रहे तो स्वच्छता का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।”
ग्रामीण बीडीओ कार्यालय, पंचायत और जिला प्रशासन में लिखित शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोका जा सके।
स्थानीय नेताओं और पंचायत सदस्यों की प्रतिक्रिया
स्थानीय नेताओं और पंचायत सदस्यों ने कहा कि यह मामला केवल हुसैनाबाद तक सीमित नहीं है। पूरे पलामू जिले में सरकारी शौचालयों का सही संचालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
समाजसेवी राणा रंजीत ने कहा: “सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग न केवल लोगों की सुविधा को प्रभावित करता है, बल्कि सरकारी संसाधनों और करदाताओं के पैसों की भी बर्बादी है।”
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि समय रहते कार्रवाई की जाए ताकि ग्रामीणों का भरोसा सरकार पर बना रहे और स्वच्छता सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन की स्थिति और अगला कदम
अब तक नगर पंचायत और जिला प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वरिष्ठ ग्रामीण अशोक महतो ने कहा: “हम चाहते हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे। CSC सेंटर बनाने से न केवल स्वच्छता प्रभावित होगी, बल्कि जनता का भरोसा भी कमजोर होगा।”
इस घटना ने हुसैनाबाद में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर किया है। स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं का सही उपयोग स्थानीय स्तर पर ही तय करता है कि आम जनता को वास्तविक लाभ मिलता है या नहीं।
न्यूज़ देखो: हुसैनाबाद में सरकारी शौचालय का दुरुपयोग
यह कहानी दिखाती है कि सरकारी योजनाओं का सही संचालन न होने से ग्रामीणों का भरोसा कमजोर होता है। प्रशासन और पंचायतों की जिम्मेदारी है कि वे सुनिश्चित करें कि स्वच्छ भारत मिशन का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे और संसाधनों का दुरुपयोग न हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सक्रिय नागरिक बनें और सरकारी संसाधनों की रक्षा करें
स्वच्छता और सरकारी सुविधाओं का सही उपयोग हमारे हाथ में है। समय रहते आवाज उठाना और प्रशासन से कार्रवाई की मांग करना हमारी जिम्मेदारी है। सजग रहें, सक्रिय बनें, और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। इस मामले पर अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को दोस्तों और परिवार तक पहुंचाएं और सरकारी संसाधनों के उचित उपयोग में भागीदारी सुनिश्चित करें। स्वच्छता और पारदर्शिता के लिए कदम उठाएं और समाज में बदलाव लाएं।







