सारंडा जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट, कोबरा जवान घायल, रांची एयरलिफ्ट किया गया

सारंडा जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट, कोबरा जवान घायल, रांची एयरलिफ्ट किया गया

author Pramod Mishra
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#पश्चिमीसिंहभूम #नक्सलहमला : सर्च ऑपरेशन में आईईडी ब्लास्ट—घायल जवान को तुरंत रांची भेजा गया।

पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट में कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हो गया। जवान अनुज कुमार को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया है। नक्सल विरोधी अभियान के बीच यह घटना हुई। सुरक्षा बलों ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है और अभियान जारी रखा है।

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  • अनुज कुमार (कोबरा 205 बटालियन) आईईडी ब्लास्ट में घायल।
  • घटना सारंडा जंगल, पश्चिमी सिंहभूम की।
  • घायल जवान को एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया
  • सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का आईईडी विस्फोट
  • सुरक्षा बलों ने इलाके में सतर्कता बढ़ाई

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ, जब कोबरा 205 बटालियन का जवान अनुज कुमार नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी की चपेट में आकर घायल हो गया। यह घटना सोमवार सुबह उस समय हुई, जब सुरक्षा बल घने जंगलों में नक्सलियों के ठिकानों की तलाश में अभियान चला रहे थे।

घायल जवान को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया।

सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ विस्फोट

जानकारी के अनुसार, कोबरा बटालियन के जवान सारंडा के दुर्गम इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान पहले से लगाए गए आईईडी में विस्फोट हो गया।

एक अधिकारी ने बताया: “विस्फोट काफी शक्तिशाली था, जिससे जवान घायल हो गया।”

घायल जवान को एयरलिफ्ट

घटना के तुरंत बाद घायल जवान अनुज कुमार को सुरक्षित बाहर निकाला गया और बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया।

एसपी ने की पुष्टि

चाईबासा के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे नक्सलियों की कायराना हरकत बताया।

अमित रेणु ने कहा: “नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

सारंडा क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण हालात

सारंडा जंगल अपने कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ है। यहां घने जंगल, पहाड़ी इलाके और नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी अभियान को और जोखिमपूर्ण बना देते हैं।

पहले भी हो चुके हैं हमले

सारंडा क्षेत्र में पहले भी आईईडी विस्फोट की घटनाओं में कई ग्रामीणों, पशुओं और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंच चुका है। कई जवान इस तरह के हमलों में शहीद भी हुए हैं।

नक्सल विरोधी अभियान जारी

केंद्र सरकार की समयसीमा के बावजूद क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई हैं। इसके बावजूद सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं।

बड़ी मुठभेड़ का उल्लेख

हाल ही में 22 और 23 जनवरी को कुमडीह क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई थी, जिसमें 17 नक्सलियों को मार गिराया गया था।

जवानों का मनोबल मजबूत

कठिन परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा बना हुआ है और वे नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।

न्यूज़ देखो: चुनौतीपूर्ण अभियान, लेकिन हौसला बुलंद

सारंडा की यह घटना दिखाती है कि नक्सल विरोधी अभियान कितना जोखिम भरा होता है। इसके बावजूद जवानों का साहस और समर्पण काबिल-ए-तारीफ है। अब जरूरत है बेहतर तकनीक और रणनीति की, ताकि ऐसे हादसे कम हों। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जवानों का सम्मान करें

देश की सुरक्षा में लगे जवान हर दिन खतरे का सामना करते हैं।
उनके साहस और बलिदान को समझना जरूरी है।
जरूरी है कि हम उनके प्रति सम्मान और समर्थन दिखाएं।
आइए, हम सभी उनके साथ खड़े रहें।

घायल जवान के जल्द स्वस्थ होने की कामना करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और जागरूकता फैलाएं।

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Written by

आनंदपुर, पश्चिम सिंहभूम

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