#खलारी #मजदूर_बैठक : एनके एरिया में चर्चा—मांगों पर सहमति, समाधान के लिए तय हुई समयसीमा।
रांची के खलारी में मजदूरों की समस्याओं को लेकर यूनियन और प्रबंधन के बीच बैठक हुई। कई लंबित मुद्दों पर चर्चा कर 15 दिनों में समाधान का आश्वासन दिया गया। यूनियन ने फिलहाल धरना स्थगित किया। चेतावनी दी गई कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा।
- यूनियन और प्रबंधन के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित।
- लंबित भुगतान और पुनर्वास जैसे मुद्दे उठे।
- 15 दिनों में समाधान का आश्वासन मिला।
- यूनियन ने धरना फिलहाल स्थगित किया।
- कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
रांची जिले के खलारी क्षेत्र स्थित एनके एरिया में मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बिहार कोलियरी कामगार यूनियन और प्रबंधन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक महाप्रबंधक कार्यालय में हुई, जिसकी अध्यक्षता चूरी परियोजना पदाधिकारी अनुज कुमार ने की। बैठक में यूनियन द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम मुद्दों को उठाया गया।
यह बैठक मजदूरों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
लंबित भुगतान प्रमुख मुद्दा
बैठक में यूनियन ने स्व. बिगवा गंझू के सीएमपीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी और एबीआरएफ की राशि का पिछले पांच वर्षों से लंबित भुगतान जल्द करने की मांग उठाई।
ब्लास्टिंग और सुरक्षा पर चिंता
यूनियन ने एनके एरिया की खदानों में हो रही भारी ब्लास्टिंग पर रोक लगाने की मांग की।
तुमांग, बिश्रामपुर पंचायत और जेहलीटाड़ क्षेत्र में भूधसान, गैस रिसाव और घरों में दरारों की समस्या को लेकर भी चिंता जताई गई और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की मांग की गई।
बुनियादी सुविधाओं की मांग
यूनियन ने कर्मचारियों को समय पर वाटर बोतल और तौलिया उपलब्ध कराने, आवासों में स्वच्छ पानी की नियमित आपूर्ति और संवेदनशील पदों पर समयानुसार स्थानांतरण की मांग की।
स्वास्थ्य और आवास से जुड़े मुद्दे
डकरा केंद्रीय अस्पताल से गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में सीधे रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई।
इसके साथ ही जर्जर आवासों की मरम्मत और एएमसी कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठन की मांग भी रखी गई।
धार्मिक स्थल और अन्य मुद्दे
केडीएच खदान से प्रभावित जेहलीटाड़ मस्जिद के पुनर्निर्माण और हाई पावर कमेटी के निर्णयों को लागू करने की मांग की गई।
साथ ही कोयला चोरी पर रोक लगाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
यूनियन की चेतावनी
यूनियन ने स्पष्ट कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा और खदान कार्य बाधित किया जा सकता है।
प्रबंधन का आश्वासन
प्रबंधन ने सभी मांगों पर सहमति जताते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
इसके बाद यूनियन ने फिलहाल अपना धरना स्थगित कर दिया।
बैठक में शामिल अधिकारी
प्रबंधन की ओर से शैलेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार सिंह, अनुपम प्रकाश, राहुल रिसी, शशि प्रभा हंसदा, रानी चौबे, आर. गांधी, दीपक कुमार उपस्थित रहे।
यूनियन प्रतिनिधियों की उपस्थिति
यूनियन की ओर से बसंत कुमार, रतिया गंझू, इरफान खान, तौहीद अंसारी, अमर भोक्ता, संतोष मेहता, फारूक नवाब, फिरोज आलम, मनोज गोप, राजा राम, रोहित गंझू, मंजू देवी, सोमरी देवी सहित कई सदस्य शामिल हुए।
समाधान की दिशा में उम्मीद
इस बैठक के बाद मजदूरों में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होगा।
न्यूज़ देखो: बातचीत से समाधान या फिर संघर्ष
खलारी की यह बैठक दिखाती है कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर संवाद जरूरी है, लेकिन असली परीक्षा अब 15 दिनों के भीतर होगी। यदि समाधान नहीं हुआ तो संघर्ष तय है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हक के लिए सजग रहें
मजदूरों की समस्याएं प्राथमिकता होनी चाहिए।
समय पर समाधान जरूरी है।
एकजुटता से ही अधिकार मिलते हैं।
आइए, हम जागरूक बनें और अपने अधिकार के लिए खड़े हों।
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