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बोलबा मोड़ पर विशेष वाहन जांच अभियान में 25 वाहनों पर कार्रवाई तीन लाख जुर्माना वसूला

#सिमडेगा #वाहन_जांच : बोलबा मोड़ में 25 वाहनों पर चालान कार्रवाई।

सिमडेगा जिले के बोलबा मोड़ में 13 फरवरी 2026 को विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। परिवहन विभाग के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी ने डैज़लिंग और प्रतिबंधित लाइटों के खिलाफ कार्रवाई की। कुल 25 वाहनों का चालान कर तीन लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया गया।

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  • 13 फरवरी 2026 को बोलबा मोड़ में विशेष जांच अभियान चलाया गया।
  • जिला परिवहन पदाधिकारी, सिमडेगा के नेतृत्व में कार्रवाई।
  • कुल 25 वाहनों का चालान किया गया।
  • लगभग 3,00,000 रुपये की दण्ड राशि वसूली गई।
  • डैज़लिंग एवं प्रतिबंधित लाइटों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन।

सिमडेगा जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक और सख्त कदम उठाया है। 13 फरवरी 2026 को टी.टांगर थाना अंतर्गत बोलबा मोड़ में विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान परिवहन विभाग, झारखंड, रांची के निर्देशानुसार जिला परिवहन पदाधिकारी, सिमडेगा के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान के दौरान विशेष रूप से वाहनों में अवैध रूप से लगाए गए डैज़लिंग लाइट और अन्य प्रतिबंधित प्रकाश उपकरणों की जांच की गई।

बोलबा मोड़ बना जांच का केंद्र

टी.टांगर थाना क्षेत्र के बोलबा मोड़ को अभियान के लिए चयनित किया गया, क्योंकि यह मार्ग जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी और व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

जांच के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने एक-एक वाहन की बारीकी से जांच की। जिन वाहनों में डैज़लिंग (Dazzling) लाइट या अन्य प्रतिबंधित लाइटें पाई गईं, उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

25 वाहनों पर चालान, तीन लाख रुपये वसूले गए

अभियान के दौरान कुल 25 वाहनों का चालान किया गया। इन वाहनों से कुल 3,00,000 (तीन लाख) रुपये की दंड राशि वसूली गई। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा:

जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा: “वाहनों में तेज एवं प्रतिबंधित लाइट का उपयोग अन्य वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकता है। इस प्रकार की लापरवाही सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।”

उन्होंने आगे कहा कि वाहन मालिकों और चालकों को यह समझना होगा कि थोड़ी सी लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।

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डैज़लिंग लाइट क्यों हैं खतरनाक

डैज़लिंग लाइट या अत्यधिक तेज रोशनी वाली एलईडी लाइटें सामने से आने वाले वाहन चालकों की आंखों को चौंधिया देती हैं। इससे चालक का नियंत्रण क्षणिक रूप से कमजोर हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। खासकर रात के समय ऐसी लाइटें घातक साबित हो सकती हैं।

परिवहन विभाग के अनुसार, कई वाहन चालक स्टाइल या अतिरिक्त रोशनी के नाम पर ऐसे उपकरण लगवा लेते हैं, जो मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है। इस प्रकार के उपकरण न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं।

सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नियमित रूप से प्रवर्तन अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। विशेष रूप से हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना और अवैध लाइट जैसे मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा:

जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा: “सभी वाहन चालक नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।”

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे अभियान और अधिक व्यापक स्तर पर चलाए जाएंगे।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर इस प्रकार की जांच और प्रवर्तन कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह के अभियान चलाने की योजना है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। कई नागरिकों का मानना है कि यदि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलते रहें, तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा पर सख्ती जरूरी कदम

बोलबा मोड़ में चलाया गया यह अभियान बताता है कि प्रशासन अब सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है। डैज़लिंग लाइट जैसी छोटी दिखने वाली लापरवाही बड़े हादसों का कारण बन सकती है। तीन लाख रुपये की वसूली यह संकेत देती है कि नियमों के उल्लंघन की कीमत चुकानी पड़ेगी। अब सवाल यह है कि क्या वाहन चालक स्वयं भी जिम्मेदारी समझेंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सुरक्षित सफर की जिम्मेदारी हम सबकी

सड़क पर चलना केवल व्यक्तिगत सुविधा नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
नियमों का पालन करना केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
यदि आप वाहन चलाते हैं, तो अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
छोटी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है।

सजग चालक बनें, सुरक्षित समाज बनाएं।
आपकी राय क्या है—क्या ऐसे अभियान नियमित होने चाहिए?
अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में दें, खबर को साझा करें और सड़क सुरक्षा के संदेश को आगे बढ़ाएं।

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Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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