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बेतला में वन्यजीव तस्करी पर कड़ा प्रहार, रात्रि गश्ती में खुद उतरे प्रभारी रेंजर उमेश दुबे

#बेतला #वन्यजीव_संरक्षण : पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार और तस्करी रोकने के लिए सघन रात्रि गश्ती अभियान।

पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी और अवैध शिकार पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जैना के निर्देश पर प्रभारी रेंजर उमेश दुबे स्वयं टीम के साथ रात्रि गश्ती पर निकले। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई और संदिग्ध गतिविधियों की गहन जांच की गई। इस कार्रवाई से वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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  • पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रात्रि गश्ती अभियान तेज।
  • प्रभारी रेंजर उमेश दुबे खुद टीम के साथ मैदान में उतरे।
  • डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जैना के निर्देश पर कार्रवाई।
  • संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी और जांच
  • वन्यजीव तस्करों और अवैध शिकारियों में हड़कंप

पलामू टाइगर रिजर्व अंतर्गत बेतला क्षेत्र में हाल के दिनों में वन्यजीव तस्करी और अवैध शिकार की आशंकाओं को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में बरवाडीह प्रखंड के बेतला इलाके में रात्रि गश्ती अभियान चलाया गया, जिसमें विभागीय अधिकारियों और कर्मियों ने जंगल के संवेदनशील हिस्सों में सघन निगरानी की। यह अभियान न केवल तस्करों पर दबाव बनाने के उद्देश्य से था, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति विभाग की गंभीरता को भी दर्शाता है।

डिप्टी डायरेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जैना ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में किसी भी स्थिति में वन्यजीवों की तस्करी और अवैध शिकार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन्हीं निर्देशों के आलोक में बेतला क्षेत्र में रात्रि गश्ती को और प्रभावी बनाया गया है।

इस अभियान की खास बात यह रही कि बेतला प्रभारी रेंजर उमेश दुबे स्वयं पूरी टीम के साथ गश्ती पर निकले। इससे न केवल कर्मियों का मनोबल बढ़ा, बल्कि यह भी संदेश गया कि विभागीय नेतृत्व खुद जमीन पर उतरकर हालात की निगरानी कर रहा है।

संवेदनशील इलाकों में सघन गश्ती

रात्रि गश्ती के दौरान जंगल के भीतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया। टीम ने उन क्षेत्रों की पहचान कर निगरानी की, जहां पूर्व में तस्करी या अवैध गतिविधियों की आशंका जताई जाती रही है। जंगल के रास्तों, पगडंडियों और संभावित प्रवेश मार्गों पर पैनी नजर रखी गई।

इस गश्ती अभियान में प्रभारी वनपाल संतोष कुमार सिंह, देवकुमार देव, वनरक्षी एवं अन्य विभागीय कर्मी शामिल रहे। सभी ने समन्वय के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जांच की।

तस्करों और शिकारियों में हड़कंप

वन विभाग की इस सक्रियता का असर तुरंत देखने को मिला। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि रात्रि गश्ती की खबर से वन्यजीव तस्करों और अवैध शिकारियों में हड़कंप मच गया है। अचानक बढ़ी निगरानी के कारण संदिग्ध तत्वों की गतिविधियों पर प्रभाव पड़ा है।

वन विभाग का मानना है कि इस तरह के नियमित और सघन अभियान से तस्करी की घटनाओं में कमी आएगी और जंगल में वन्यजीवों के लिए सुरक्षित माहौल बनेगा।

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वन्यजीव संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता

गश्ती के दौरान प्रभारी रेंजर उमेश दुबे ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा:

“इन दिनों वन विभाग की टीमें लगातार वन्य जीव तस्करी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध छापामारी कर रही हैं। वन्य जीवों का संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अवैध शिकार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जंगल में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आम लोगों से सहयोग की अपील

प्रभारी रेंजर उमेश दुबे ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जंगल और वन्यजीव केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं हैं, बल्कि समाज की साझा धरोहर हैं। यदि स्थानीय लोग सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय पर विभाग को दें, तो अवैध शिकार और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि:

“वन्य जीवों का शिकार न करें और जंगलों की सुरक्षा में विभाग का सहयोग करें। किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।”

पलामू टाइगर रिजर्व में बढ़ती सतर्कता

पलामू टाइगर रिजर्व झारखंड के महत्वपूर्ण वन्यजीव क्षेत्रों में से एक है, जहां बाघ सहित कई दुर्लभ प्रजातियों का आवास है। ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। वन विभाग द्वारा रात्रि गश्ती, छापामारी और निगरानी बढ़ाने से न केवल वन्यजीवों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि रिजर्व की जैव विविधता भी संरक्षित रहेगी।

वन विभाग की पहल से बढ़ी उम्मीद

वन विभाग की इस पहल से क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। नियमित गश्ती और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में अवैध शिकार और तस्करी की घटनाओं में कमी आएगी।

न्यूज़ देखो: वन्यजीव संरक्षण में सख्ती जरूरी, बेतला से मिला स्पष्ट संदेश

बेतला क्षेत्र में रात्रि गश्ती अभियान यह दर्शाता है कि वन विभाग अब केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है। नेतृत्व स्तर पर अधिकारियों की सक्रियता तस्करों के लिए कड़ा संदेश है। यदि यह अभियान निरंतर जारी रहा, तो पलामू टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सुरक्षा और मजबूत होगी। अब यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में इस सख्ती का कितना स्थायी असर दिखता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जंगल सुरक्षित तो भविष्य सुरक्षित, संरक्षण में सबकी भागीदारी जरूरी

वन्यजीव और जंगल हमारे पर्यावरण की रीढ़ हैं। इनकी सुरक्षा के बिना संतुलित विकास संभव नहीं। बेतला में हुई यह कार्रवाई हमें जिम्मेदारी का एहसास कराती है। यदि आप भी अपने आसपास किसी अवैध गतिविधि को देखें, तो आवाज उठाएं। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में सहभागी बनें।

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Akram Ansari

बरवाडीह, लातेहार

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