
#बक्सर #पुलिस_कार्रवाई : सिमडेगा न्यायालय के आदेश पर गांजा जब्ती मामले में फरार तीन आरोपियों के घर इश्तिहार चस्पा, जल्द कोर्ट में हाज़िरी का निर्देश।
- सिमडेगा जिले के केरसई थाना की पुलिस ने तीन फरार आरोपियों के घर इश्तिहार चस्पा किया।
- मामला 110 किलोग्राम गांजा जब्ती से जुड़ा, जिसे 16 जनवरी 2025 को बरामद किया गया था।
- आरोपियों के नाम अंकित कुमार सिंह उर्फ अनिकेत, शुभम कुमार राय और बबलू कुमार।
- कार्रवाई व्यवहार न्यायालय सिमडेगा के आदेश पर ग्रामीणों की उपस्थिति में की गई।
- पुलिस ने कहा—निर्धारित समय में कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं करने पर आगे कठोर कार्रवाई।
- कांड संख्या 04/2025, धारा 20(b)(ii)(c) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज।
सिमडेगा जिले में जनवरी 2025 की बड़ी गांजा जब्ती मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिहार के बक्सर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में इश्तिहार चस्पा किया। यह कार्रवाई व्यवहार न्यायालय सिमडेगा के आदेश पर की गई, ताकि आरोपी कोर्ट के समक्ष उपस्थित हों। केरसई थाना प्रभारी और उनकी टीम ने ग्रामीणों की उपस्थिति में चस्पा प्रक्रिया पूरी की और स्पष्ट किया कि यदि आरोपी समय पर आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो आगे कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी आधार
बीते 16 जनवरी 2025 को केरसई थाना क्षेत्र में डस्टर कार से 110 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था। केरसई थाना प्रभारी शशिशंकर सिंह और एएसआई जितेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि इस मामले में तीनों आरोपी—
- अंकित कुमार सिंह उर्फ अनिकेत कुमार सिंह, पिता शशि भूषण सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम सौरी, थाना राजपुर
- शुभम कुमार राय, पिता रविंद्र राय, उम्र 21 वर्ष, निवासी गोसाईंपुर, थाना राजपुर
- बबलू कुमार, पिता कमला सिंह, उम्र 21 वर्ष, निवासी नोनियापुर करहांसी, थाना मुफस्सिल, बक्सर
घटना के बाद से ही फरार चल रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले को कांड संख्या 04/2025 में दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 20(b)(ii)(c) NDPS एक्ट लागू की गई है। यह धारा व्यावसायिक मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की अवैध ढुलाई से संबंधित है, जिसमें कठोर सजा का प्रावधान है।
न्यायालय के आदेश पर चस्पा की गई सूचना
सिमडेगा व्यवहार न्यायालय के निर्देश के बाद केरसई थाना की टीम बिहार पहुंची और तीनों आरोपियों के घरों पर इश्तिहार चस्पा किया। यह इश्तिहार न्यायालय में उपस्थित होने की अंतिम सूचना के रूप में जारी किया जाता है। चस्पा प्रक्रिया ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की उपस्थिति में की गई, ताकि यह सार्वजनिक रूप से प्रमाणित हो सके।
पुलिस अधिकारी शशिशंकर सिंह ने कहा:
“न्यायालय के आदेश के आलोक में आरोपियों को अंतिम बार सूचित किया गया है। यदि वे निर्धारित अवधि में कोर्ट में हाजिर नहीं होते हैं, तो आगे की विधिक कार्रवाई तेज की जाएगी।”
ग्रामीणों की उपस्थिति में पूरी हुई प्रक्रिया
इलाके के लोगों की उपस्थिति में यह कार्रवाई की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकी। पुलिस ने ग्रामीणों को भी जानकारी दी कि फरार आरोपियों के खिलाफ कानून सख्त है और न्यायालय की प्रक्रिया को पूर्ण करना आवश्यक है।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि फरार आरोपी जल्द ही कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे।
NDPS एक्ट के तहत गंभीर मामला
NDPS एक्ट का उल्लंघन विशेष रूप से तब अधिक गंभीर माना जाता है जब मादक पदार्थ की मात्रा व्यावसायिक स्तर की हो। 110 किलोग्राम गांजा की बरामदगी इस मामले को और भी गंभीर बनाती है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी जल्द न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होते हैं, तो कुर्की-जब्ती जैसी आगे की प्रक्रियाएं भी शुरू की जा सकती हैं।
न्यूज़ देखो: फरार आरोपियों पर सख्त कानून का शिकंजा
यह मामला दर्शाता है कि NDPS एक्ट जैसे गंभीर मामलों में पुलिस और न्यायालय कितनी सतर्कता से कार्रवाई करते हैं। फरार आरोपी चाहे किसी भी राज्य में हों, कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं। सिमडेगा पुलिस ने अंतरराज्यीय समन्वय की मिसाल पेश करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय और जिम्मेदारी—सुरक्षित समाज की मजबूत नींव
मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी है। जब नागरिक, प्रशासन और कानून व्यवस्था मिलकर काम करते हैं, तभी अपराधों पर नियंत्रण संभव है। अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयाँ समाज में एक स्पष्ट संदेश देती हैं कि कानून से ऊपर कोई नहीं।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
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