गिरिडीह में एप्वा ने महिलाओं के हक और अधिकार पर आयोजित की बैठक, जयंती चौधरी ने दिया प्रेरक संदेश साथ ही कमिटी और एप्वा की नेत्री ने कहा महिलाओं को सशक्त होना होगा

गिरिडीह में एप्वा ने महिलाओं के हक और अधिकार पर आयोजित की बैठक, जयंती चौधरी ने दिया प्रेरक संदेश साथ ही कमिटी और एप्वा की नेत्री ने कहा महिलाओं को सशक्त होना होगा

author Saroj Verma
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#गिरिडीह #महिला_सशक्तिकरण : एप्वा की राज्यस्तरीय बैठक में महिलाओं ने हक और अधिकार के लिए रणनीति बनाई

गिरिडीह विधानसभा के मुफ्फसिल क्षेत्र महुवाटांड़ और शहरी क्षेत्र हरिचक में एप्वा (ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेंस एसोसिएशन) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व राज्यस्तरीय नेत्री जयंती चौधरी, राज्य की नेत्री पूणम महतो और जिला परिषद सदस्य पिंकी भारती ने किया। सैकड़ों महिलाओं ने हक और अधिकार के लिए संगठित होने, संगठन को मजबूत बनाने और सक्रिय भूमिका निभाने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। कार्यक्रम की शुरुआत माले राज्य कमिटी सदस्य अनीता जी की श्रद्धांजलि से हुई।

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  • जयंती चौधरी ने कहा कि महिलाओं को सड़क से सदन तक लड़ाई लड़नी होगी और वोट की शक्ति का सही उपयोग करना होगा।
  • पूणम महतो ने महिलाओं को संगठन में जुड़ने और लगातार हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
  • जिला परिषद सदस्य पिंकी भारती और शहरी क्षेत्र की नेत्री प्रियंका उपाध्याय ने हर विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
  • प्रखंड की नई सदस्य बनी: निमिया देवी, तोत्वा देवी, जमनी देवी, अनीता देवी, लीला देवी, करमी देवी, रावड़ी देवी, पार्वती देवी, गोरी देवी, औलिया देवी, पांची देवी, कुर्मीनी देवी, सुनीता देवी
  • माले के सहयोगी नेता पूरन महतो, राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, मसूदन कोल, किशोर राय, भीम कोल, मनोज यादव सहित कई लोग उपस्थित रहे।

गिरिडीह में महिला सशक्तिकरण और हक अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण सभा आयोजित की गई। मुफ्फसिल महुवाटांड़ और शहरी हरिचक में सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। बैठक में जयंती चौधरी ने महिलाओं को यह समझाया कि सिर्फ 8 मार्च को सक्रिय रहना पर्याप्त नहीं, बल्कि पूरे वर्ष अपनी आवाज बुलंद करना आवश्यक है।

महिलाओं के अधिकार और बराबरी की लड़ाई

जयंती चौधरी ने महिलाओं को बताया कि समाज में समानता हासिल करने के लिए लड़ाई अनिवार्य है। उन्होंने इतिहास की महान महिला क्रांतिकारियों जैसे कल्लारा जेटकिन, ज्योतिबा फुले, झांसी की रानी का उदाहरण देते हुए संघर्ष की प्रेरणा दी।

जयंती चौधरी ने कहा: “महिलाएं आज बराबरी में आने के लिए संघर्ष कर रही हैं। गिरिडीह की महिलाएं आगे बढ़ें, एप्वा आपके साथ है।”

संगठन को मजबूत करने पर जोर

पूणम महतो ने कहा कि महिलाओं को संगठन में शामिल होकर हाथ मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज फैक्ट्रियों में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले कम मजदूरी मिलती है और इसके खिलाफ भी लड़ाई जरूरी है।

जिला परिषद सदस्य पिंकी भारती और शहरी क्षेत्र की नेत्री प्रियंका उपाध्याय ने हर विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के धरातल पर कार्यान्वयन पर सवाल उठाया।

नई सदस्य और सहभागिता

सभा में प्रखंड स्तर पर कई नई महिलाओं को सदस्यता प्रदान की गई। इसमें शामिल हैं:
निमिया देवी, तोत्वा देवी, जमनी देवी, अनीता देवी, लीला देवी, करमी देवी, रावड़ी देवी, पार्वती देवी, गोरी देवी, औलिया देवी, पांची देवी, कुर्मीनी देवी, सुनीता देवी।

कार्यक्रम में माले के कई नेता जैसे पूरन महतो, राजेश सिन्हा, कन्हाई पांडेय, मसूदन कोल, किशोर राय, भीम कोल, मनोज यादव उपस्थित रहे और संगठन को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।

श्रद्धांजलि और सम्मान

कार्यक्रम की शुरुआत में माले राज्य कमिटी सदस्य अनीता जी की पलामू में सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

न्यूज़ देखो: महिलाओं के हक और अधिकार की दिशा में एप्वा का योगदान

गिरिडीह में एप्वा द्वारा आयोजित यह बैठक महिलाओं के सशक्तिकरण और हक अधिकार की लड़ाई को दिशा देती है। यह दिखाता है कि महिलाओं का संगठन और सक्रिय भागीदारी ही समाज में वास्तविक बदलाव ला सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

हर दिन, हर महिला के हक के लिए

महिलाओं को केवल 8 मार्च तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अपने हक और अधिकार के लिए साल भर सक्रिय रहें। अपने समुदाय में जागरूकता फैलाएं, इस संदेश को साझा करें और महिलाओं के सशक्तिकरण में योगदान दें।

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Written by

दुमका/देवघर

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