Giridih

गिरिडीह में पति ने पत्नी की गला रेतकर की हत्या, प्रेम विवाह के चार साल बाद हुआ खूनी अंत

#गिरिडीह #क्राइम : योगीटांड़ में महिला की धारदार हथियार से निर्मम हत्या, विवादों के बीच टूटा वैवाहिक रिश्ता
  • योगीटांड़, मुफस्सिल थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात।
  • पति गोपी दास ने पत्नी कंचन देवी का गला रेतकर हत्या की।
  • घटना सामुदायिक भवन के पास सोमवार शाम लगभग 7:30 बजे हुई।
  • गंभीर रूप से घायल महिला को गिरिडीह से धनबाद पीएमसीएच रेफर किया गया, रास्ते में मौत।
  • चार साल पहले प्रेम विवाह, दो बच्चों के बाद भी विवाद बढ़ता गया।

गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत योगीटांड़ में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। जानकारी के अनुसार स्थानीय निवासी गोपी दास ने अपनी 30 वर्षीय पत्नी कंचन देवी का धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। यह घटना वार्ड संख्या 24 स्थित सामुदायिक भवन के पास करीब 7:30 बजे घटी।

सड़क किनारे खून से लथपथ मिली महिला

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला खून से लथपथ सड़क किनारे तड़पती हुई मिली। आसपास के लोगों ने तत्काल वार्ड पार्षद नुरुल होदा को सूचना दी। वे मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल कंचन को वाहन से गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया। हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें धनबाद पीएमसीएच रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही गोविंदपुर के पास उनकी मौत हो गई।

प्रेम विवाह के बाद बढ़ते विवाद

हत्या के पीछे घरेलू विवाद की आशंका जताई जा रही है। मृतका की सास किरण देवी ने बताया कि लगभग चार वर्ष पूर्व कंचन देवी और गोपी दास ने प्रेम विवाह किया था। शुरुआती वर्षों में दंपती का जीवन सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ विवाद गहराते गए। दोनों के दो छोटे बच्चे भी हैं, जो अब मां के साये से वंचित हो गए।

घटना से फैली दहशत

इस दर्दनाक वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी है। लोग इसे सामाजिक और पारिवारिक विघटन का दुखद परिणाम बता रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों ने कहा: “ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं। बच्चों का भविष्य सबसे बड़ा सवाल बन गया है।”

न्यूज़ देखो: रिश्तों के टूटने का भयावह अंजाम

गिरिडीह की यह घटना बताती है कि वैवाहिक जीवन में संवाद और समझ की कमी किस तरह एक खूनी मोड़ ले सकती है। विवादों को सुलझाने के बजाय हिंसा का रास्ता चुनना परिवार और समाज दोनों के लिए घातक है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

रिश्तों में संवाद और समझ ही है असली सुरक्षा

यह वारदात चेतावनी है कि गुस्से और अविश्वास से रिश्ते कभी सुरक्षित नहीं रह सकते। अब समय है कि समाज जागरूक होकर परिवारों को टूटने से बचाने की दिशा में प्रयास करे। अपनी राय कमेंट करें और इस खबर को साझा करें ताकि लोग संवाद और समाधान का महत्व समझ सकें।

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Surendra Verma

डुमरी, गिरिडीह

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