
#गिरिडीह #राजनीतिक_गतिविधि : मकर संक्रांति पर महागठबंधन की चूड़ा-दही पार्टी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता का संदेश दिया।
गिरिडीह में बुधवार को झारखंड सरकार के मंत्री सुदीप कुमार सोनू के आवास पर महागठबंधन की ओर से चूड़ा-दही पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए संगठनात्मक एकजुटता प्रदर्शित की। आयोजन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतीश केडिया ने किया। इसे आगामी राजनीतिक गतिविधियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- मंत्री सुदीप कुमार सोनू के आवास पर हुआ आयोजन।
- जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतीश केडिया के नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न।
- डुमरी प्रखंड कांग्रेस कमेटी की रही सक्रिय भागीदारी।
- मकर संक्रांति पर चूड़ा-दही पार्टी के माध्यम से एकजुटता का संदेश।
- संगठन को मजबूत करने पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिया जोर।
गिरिडीह में मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर राजनीतिक और सामाजिक सौहार्द का अनोखा दृश्य देखने को मिला। झारखंड सरकार के मंत्री सुदीप कुमार सोनू के आवास पर आयोजित महागठबंधन की चूड़ा-दही पार्टी में कांग्रेस के बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर पारंपरिक तरीके से पर्व मनाते हुए संगठनात्मक मजबूती और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजन
इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सतीश केडिया ने किया। उनके नेतृत्व में आयोजित इस चूड़ा-दही पार्टी में कांग्रेस के जिला स्तर के कई पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि संगठन के भीतर संवाद, समन्वय और एकता को और मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और सकारात्मक माहौल में चर्चा की।
डुमरी प्रखंड की रही मजबूत भागीदारी
कार्यक्रम में डुमरी प्रखंड कांग्रेस कमेटी की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। डुमरी प्रखंड कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नागेश्वर मंडल, उपाध्यक्ष मुकेश कुमार, पंचायत कमेटी अध्यक्ष तूरा बलि अंसारी, युवा कांग्रेस विधानसभा सचिव यूसुफ अंसारी, कयूम अंसारी सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गिरिडीह पहुंचे। उनकी उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि संगठनात्मक गतिविधियों में प्रखंड स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका कितनी अहम है।
मकर संक्रांति पर भाईचारे का संदेश
चूड़ा-दही पार्टी के दौरान मकर संक्रांति की पारंपरिक भावना साफ झलकती रही। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक साथ बैठकर चूड़ा-दही ग्रहण किया और पर्व की खुशियां साझा कीं। इस दौरान आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक समरसता पर जोर दिया गया। नेताओं का मानना है कि ऐसे आयोजन कार्यकर्ताओं के बीच आपसी दूरी को कम करते हैं और संगठन के प्रति जुड़ाव को मजबूत बनाते हैं।
संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान अनौपचारिक बातचीत में संगठन को जमीनी स्तर पर और सशक्त बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आपसी तालमेल, संवाद और सक्रियता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। बताया गया कि महागठबंधन के तहत इस तरह के आयोजन कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करते हैं और उन्हें आने वाली राजनीतिक जिम्मेदारियों के लिए तैयार करते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से अहम आयोजन
महागठबंधन की यह चूड़ा-दही पार्टी केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर संगठन की एकजुटता दिखाना और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए आधार तैयार करता है। इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि महागठबंधन जमीनी स्तर पर एकजुट और सक्रिय है।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें संगठन से जोड़ने का काम करते हैं और नेतृत्व के साथ सीधे संवाद का अवसर भी देते हैं। सामूहिक रूप से पर्व मनाने से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
न्यूज़ देखो: राजनीतिक सौहार्द का प्रतीक बना आयोजन
महागठबंधन की यह चूड़ा-दही पार्टी दिखाती है कि राजनीति में भी सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं की अहम भूमिका होती है। ऐसे आयोजन संगठन की एकता को मजबूत करते हैं और कार्यकर्ताओं को जोड़ने का काम करते हैं। नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बना रहना स्वस्थ राजनीति के लिए आवश्यक है। आने वाले समय में ऐसे प्रयासों का असर संगठनात्मक मजबूती पर दिखेगा।
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एकजुटता से ही मजबूत होता है संगठन
त्योहार केवल उत्सव नहीं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर भी होते हैं। जब नेता और कार्यकर्ता साथ बैठकर पर्व मनाते हैं, तो संगठन में विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। ऐसी पहलें राजनीति को मानवीय और सकारात्मक दिशा देती हैं।
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