
#विशुनपुरा #गढ़वा #धार्मिक_आयोजन : श्रीराम प्राण-प्रतिष्ठा स्मृति में विश्व हिंदू परिषद द्वारा भव्य अनुष्ठान।
गढ़वा जिले के विशुनपुरा प्रखंड अंतर्गत सोमेश्वर धाम महुली में 22 जनवरी 2026 को प्रभु श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा की स्मृति में भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड इकाई के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में दीप यज्ञ, भजन-कीर्तन, भंडारा एवं अखंड कीर्तन होंगे। आयोजन का उद्देश्य प्रभु श्री राम के आदर्शों और सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता की संभावना जताई जा रही है।
- 22 जनवरी 2026 को सोमेश्वर धाम महुली में भव्य धार्मिक आयोजन।
- दीप यज्ञ, भजन-कीर्तन, भंडारा और अखंड कीर्तन का आयोजन।
- विश्व हिंदू परिषद प्रखंड इकाई विशुनपुरा के तत्वावधान में कार्यक्रम।
- श्याम बाबा जी द्वारा श्रद्धालुओं को सपरिवार आमंत्रण।
- श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा हेतु विशेष व्यवस्थाएं।
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की अयोध्या में हुई दिव्य प्राण-प्रतिष्ठा की पावन स्मृति में गढ़वा जिले के विशुनपुरा प्रखंड अंतर्गत सोमेश्वर धाम महुली में एक भव्य धार्मिक आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड इकाई विशुनपुरा के तत्वावधान में यह आयोजन 22 जनवरी 2026 को पूरे श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न होगा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह कार्यक्रम क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बनेगा।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रभु श्री राम के आदर्शों, उनके मर्यादित जीवन और सनातन संस्कृति के मूल मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास है। आयोजन में शामिल होकर श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा और सामूहिक भक्ति का अनुभव करेंगे।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होगा शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की जाएगी। सोमेश्वर धाम स्थित पावन बालाजी दरबार में भगवान श्री राम एवं बजरंगबली हनुमान जी की आराधना की जाएगी। इसके पश्चात सुबह 11 बजे बजरंगबली हनुमान जी की विशेष पूजा संपन्न होगी, जिसमें श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ पूजा में सम्मिलित होंगे।
धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन परंपरागत विधि-विधान से किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हो सके।
दीप यज्ञ से आलोकित होगा सोमेश्वर धाम
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में से एक भव्य दीप यज्ञ होगा। दीप यज्ञ के दौरान सैकड़ों दीपकों का प्रज्वलन किया जाएगा, जिससे संपूर्ण सोमेश्वर धाम परिसर दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठेगा। दीपों की पंक्तियों से सजा मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर हो जाएगा और वातावरण में आध्यात्मिक चेतना का संचार होगा।
दीप यज्ञ को प्रभु श्री राम के प्रति श्रद्धा, आस्था और कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि दीप प्रज्वलन से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सद्भाव का वास होता है।
भजन-कीर्तन और अखंड कीर्तन से गूंजेगा धाम परिसर
दिन भर चलने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के क्रम में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रभु श्री राम की लीलाओं, उनके आदर्श जीवन और बजरंगबली की असीम भक्ति का गुणगान किया जाएगा। भजनों के माध्यम से श्रद्धालु रामभक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करेंगे।
इसके बाद रात्रि 8 बजे से अखंड कीर्तन का शुभारंभ होगा, जो देर रात्रि तक निरंतर प्रभु श्री राम एवं बालाजी के नाम-स्मरण के साथ चलता रहेगा। अखंड कीर्तन को सामूहिक साधना का स्वरूप माना जाता है, जिसमें सहभागी श्रद्धालु एकता और भक्ति के सूत्र में बंध जाते हैं।
महाप्रसाद भंडारे की व्यवस्था
धार्मिक आयोजन के अंतर्गत दोपहर 2 बजे से महाप्रसाद (भंडारा) का वितरण किया जाएगा। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी श्रद्धालुओं को ससम्मान और व्यवस्थित ढंग से प्रसाद प्राप्त हो।
भंडारा सेवा भाव और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जहां सभी श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के एक साथ प्रसाद ग्रहण करते हैं।
आयोजकों की अपील और तैयारियां
विश्व हिंदू परिषद के जिला धर्माचार्य एवं सोमेश्वर धाम के पुजारी श्री श्याम बाबा जी की ओर से विशुनपुरा प्रखंड सहित आसपास के सभी श्रद्धालुओं को सपरिवार इस पावन आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का सादर आमंत्रण दिया गया है।
वहीं विश्व हिंदू परिषद प्रखंड अध्यक्ष श्री सुरेंद्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करने का प्रयास
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रभु श्री राम के आदर्शों—सत्य, मर्यादा, कर्तव्य और सेवा—को समाज में स्थापित करने का प्रयास भी है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने और सनातन मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
न्यूज़ देखो: आस्था और संस्कृति का जीवंत संगम
सोमेश्वर धाम महुली में होने वाला यह आयोजन दर्शाता है कि ग्रामीण और प्रखंड स्तर पर भी सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। दीप यज्ञ और अखंड कीर्तन जैसे आयोजन सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। अब आवश्यकता है कि ऐसी पहलें निरंतर जारी रहें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
भक्ति, सेवा और संस्कृति से जुड़े इस पावन अवसर का हिस्सा बनें
प्रभु श्री राम के आदर्शों को आत्मसात करने का यह उत्तम अवसर है। परिवार और समाज के साथ इस आयोजन में सहभागी बनें, भक्ति और सेवा का संदेश फैलाएं। अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सनातन संस्कृति के इस दिव्य प्रयास से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें।





