
#सिमडेगा #धान_अधिप्राप्ति : खरीफ विपणन मौसम 2025-26 की समीक्षा में लक्ष्य अनुरूप खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश।
सिमडेगा में उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिले के 16 लैम्पस के माध्यम से हो रही खरीद की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अब तक 31,576 क्विंटल धान की खरीद कर 452 किसानों को 6.29 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। उपायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित।
- जिले के 16 लैम्पस के माध्यम से धान खरीद की प्रगति की समीक्षा।
- अब तक 31,576 क्विंटल धान की खरीद दर्ज।
- 452 किसानों को 6 करोड़ 29 लाख 99 हजार 851 रुपये का भुगतान।
- एसएमएस सूचना, समय पर उठाव और नए किसानों के निबंधन पर जोर।
सिमडेगा। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत जिले में धान अधिप्राप्ति की प्रगति की समीक्षा को लेकर उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चयनित 16 लैम्पस के माध्यम से की जा रही धान खरीद की विस्तृत समीक्षा की गई और लक्ष्य के अनुरूप कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप धान खरीद सुनिश्चित करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को धान का उचित मूल्य तथा एकमुश्त त्वरित भुगतान की सुविधा दे रही है, ऐसे में यदि लक्ष्य के अनुरूप खरीद नहीं हो रही है तो यह गंभीर विषय है।
लक्ष्य अनुरूप खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त कंचन सिंह ने सभी लैम्पस अध्यक्षों और सचिवों को निर्देशित किया कि वे सक्रिय भूमिका निभाते हुए अधिक से अधिक किसानों को धान बेचने के लिए प्रेरित करें।
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा: “राज्य सरकार किसानों को धान का उचित मूल्य और त्वरित भुगतान की सुविधा दे रही है। इसके बावजूद यदि लक्ष्य के अनुरूप खरीद नहीं हो रही है तो इसे गंभीरता से लेते हुए तेजी लाने की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि प्रत्येक निबंधित किसान को एसएमएस के माध्यम से धान बिक्री की सूचना भेजी जाए, ताकि उन्हें समय पर जानकारी मिल सके और वे केंद्रों पर पहुंच सकें।
गोदामों से समय पर उठाव और निबंधन पर जोर
उपायुक्त ने गोदामों से धान का समय पर उठाव सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि गोदामों में धान का उठाव समय पर नहीं होगा तो खरीद प्रक्रिया प्रभावित होगी। इसलिए संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है।
इसके साथ ही नए किसानों के निबंधन से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने पर बल दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को निबंधित कर उन्हें सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उचित मूल्य का लाभ मिल सके।
अब तक की उपलब्धि
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले के 16 लैम्पसों द्वारा अब तक 31,576 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। इसके एवज में 452 किसानों को कुल 6 करोड़ 29 लाख 99 हजार 851 रुपये का भुगतान किया गया है। यह भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया गया है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास सुनिश्चित हो सके।
हालांकि लक्ष्य की तुलना में प्रगति को और तेज करने की आवश्यकता बताई गई। उपायुक्त ने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी नियमित रूप से समीक्षा करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में रहे उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक, जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो, जिला सहकारिता पदाधिकारी आत्म अभय टोप्पो, सभी लैम्पसों के अध्यक्ष एवं सचिव सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और लक्ष्य हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास का भरोसा दिया।

न्यूज़ देखो: लक्ष्य से कम खरीद क्यों चिंता का विषय
धान अधिप्राप्ति केवल खरीद की प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों की आय से जुड़ा अहम मुद्दा है। जब सरकार उचित मूल्य और त्वरित भुगतान दे रही है, तब लक्ष्य से पीछे रहना प्रशासन और लैम्पस प्रबंधन दोनों के लिए सवाल खड़ा करता है। अब यह देखना होगा कि निर्देशों के बाद खरीद प्रक्रिया कितनी तेजी पकड़ती है और क्या शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल हो पाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसानों की मेहनत का पूरा सम्मान जरूरी
धान उत्पादन किसानों की सालभर की मेहनत का परिणाम होता है।
उन्हें उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिलना उनका अधिकार है।
प्रशासन और सहकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि कोई किसान वंचित न रहे।
जागरूक किसान और सक्रिय व्यवस्था से ही मजबूत कृषि अर्थव्यवस्था बन सकती है।
क्या आपके क्षेत्र में धान खरीद सुचारू रूप से हो रही है?
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