
#बानो #बालविवाह_रोकथाम : बीडीओ और पुलिस की तत्परता से सेतासोया गांव में नाबालिग की शादी रोकी गई।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड के सेतासोया गांव में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक नाबालिग किशोरी का बाल विवाह रुकवाया गया। बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रखंड प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई करते हुए शादी की प्रक्रिया रोक दी। इस पहल से एक 13 वर्षीय किशोरी का भविष्य सुरक्षित हो सका।
- डुमरिया पंचायत के सेतासोया गांव में 13 वर्षीय किशोरी की शादी कराई जा रही थी।
- सूचना मिलते ही बीडीओ नईमुद्दीन अंसारी और थाना प्रभारी मानव मयंक मौके पर पहुंचे।
- बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई कर शादी रोकी गई।
- सूचना देने में जमतई आजीविका महिला संकुल संगठन की अहम भूमिका।
- प्रशासन की कार्रवाई से नाबालिग किशोरी का भविष्य सुरक्षित।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत डुमरिया पंचायत के सेतासोया गांव में एक 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी की शादी कराए जाने की तैयारी चल रही थी। समय रहते मिली सूचना के आधार पर प्रखंड प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस बाल विवाह को रोक दिया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी और थाना प्रभारी मानव मयंक पुलिस बल के साथ तुरंत गांव पहुंचे। उस समय घर में शादी का मड़वा कार्य चल रहा था और नाबालिग किशोरी की शादी की तैयारी की जा रही थी।
सामाजिक दबाव के कारण कराया जा रहा था विवाह
बीडीओ नईमुद्दीन अंसारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान परिजनों ने बताया कि पहले किशोरी की बड़ी बहन की शादी तय हुई थी, लेकिन शादी से पहले वह अपने प्रेमी के साथ घर से फरार हो गई।
इस घटना के बाद सामाजिक बदनामी और लोकलाज के डर से परिवार के लोग 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की शादी कराने का प्रयास कर रहे थे।
महिला संगठन की सतर्कता से मिली जानकारी
इस मामले की जानकारी जमतई आजीविका महिला संकुल संगठन स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, बानो द्वारा प्रशासन को लिखित आवेदन देकर दी गई थी।
महिला संगठन ने बाल विवाह रुकवाने की मांग करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने परिजनों को समझाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और ऐसी घटनाओं की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
लोगों ने प्रशासन की पहल की सराहना की
प्रखंड प्रशासन और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक नाबालिग किशोरी का भविष्य सुरक्षित हो सका। इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।
ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई समाज में एक सकारात्मक संदेश देती है और लोगों को बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक करती है।

न्यूज़ देखो: बाल विवाह रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
बाल विवाह केवल कानूनन अपराध ही नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय भी है। प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सतर्कता से ही ऐसी कुप्रथाओं को रोका जा सकता है। बानो में प्रशासन और महिला संगठन की पहल यह दिखाती है कि जागरूकता और समय पर कार्रवाई से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक समाज ही रोक सकता है बाल विवाह
बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को खत्म करने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। शिक्षा, जागरूकता और कानून का सख्ती से पालन ही बच्चों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।
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