बढ़ती ठंड में बीडीओ रेशमा रेखा मिंज की मानवीय पहल, दोनों आंखों से दिव्यांग महिला को कंबल वितरण

बढ़ती ठंड में बीडीओ रेशमा रेखा मिंज की मानवीय पहल, दोनों आंखों से दिव्यांग महिला को कंबल वितरण

author Akram Ansari
1 Views
#बरवाडीह #मानवीय_पहल : कड़ाके की ठंड में प्रशासन ने आगे बढ़कर दिव्यांग और जरूरतमंदों को दी राहत।
  • बरवाडीह प्रखंड में कंबल वितरण अभियान।
  • बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने स्वयं की पहल।
  • दोनों आंखों से दिव्यांग महिला को मिला कंबल।
  • ठंड से राहत मिलने पर दिखी संतुष्टि।
  • अन्य जरूरतमंदों को भी चिन्हित करने का निर्देश।

लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में लगातार गिरते तापमान और बढ़ती ठंड के बीच प्रशासन की ओर से मानवीय संवेदना का उदाहरण सामने आया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज ने जरूरतमंद, गरीब और दिव्यांग लोगों को ठंड से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कंबल वितरण अभियान की शुरुआत की। इसी क्रम में ग्राम चुंगरु की निवासी, दोनों आंखों से दिव्यांग महिला गीता कुमारी, पिता बैजनाथ प्रजापति, को बीडीओ द्वारा स्वयं कंबल प्रदान किया गया।

ठंड से राहत की पहल

बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब, असहाय और दिव्यांग लोगों के लिए यह मौसम अत्यंत कठिन साबित हो रहा है। इसे देखते हुए बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने पहल करते हुए जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण का कार्य शुरू कराया।

ग्राम चुंगरु में जब बीडीओ द्वारा दिव्यांग महिला गीता कुमारी को कंबल दिया गया, तो उनके चेहरे पर राहत और संतोष साफ झलक रहा था। ठंड के इस मौसम में कंबल उनके लिए न केवल एक वस्तु, बल्कि सुरक्षा और सहारे का माध्यम बन गया।

बीडीओ ने कही मानवीय जिम्मेदारी की बात

कंबल वितरण के दौरान बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने कहा कि कड़ाके की ठंड में असहाय, गरीब और दिव्यांग लोगों की सहायता करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण परेशान न हो, इसके लिए प्रखंड प्रशासन पूरी तरह से संवेदनशील और सतर्क है।

उन्होंने बताया कि प्रखंड क्षेत्र में ऐसे सभी लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जिन्हें ठंड से सबसे अधिक परेशानी हो सकती है। इन सभी जरूरतमंदों तक कंबल और आवश्यक सहायता पहुंचाने का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

जरूरतमंदों की पहचान पर विशेष जोर

बीडीओ ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया है कि वे गांव-गांव जाकर वृद्ध, दिव्यांग, असहाय और अत्यंत गरीब परिवारों की पहचान करें। विशेष रूप से ऐसे लोग जो शारीरिक रूप से असमर्थ हैं या जिनके पास ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई जाए।

प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में सकारात्मक संदेश गया है और लोगों ने इसे संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बताया है।

ग्रामीणों में दिखी संतुष्टि

स्थानीय ग्रामीणों ने बीडीओ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आमतौर पर ठंड के मौसम में गरीब और दिव्यांग वर्ग सबसे अधिक प्रभावित होता है। ऐसे समय में यदि प्रशासन स्वयं आगे बढ़कर मदद करता है, तो इससे न केवल राहत मिलती है बल्कि भरोसा भी मजबूत होता है।

दिव्यांग महिला गीता कुमारी के परिजनों ने भी प्रशासन का आभार जताया और कहा कि इस कंबल से उन्हें ठंड से काफी राहत मिलेगी।

न्यूज़ देखो: संवेदनशील प्रशासन की पहचान

बरवाडीह में बीडीओ रेशमा रेखा मिंज की यह पहल दर्शाती है कि यदि प्रशासनिक अधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें, तो शासन की योजनाएं वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच सकती हैं। कंबल वितरण जैसे छोटे प्रयास भी ठंड के मौसम में बड़ी राहत साबित होते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मानवीय संवेदना ही सशक्त प्रशासन की पहचान

ठंड के इस मौसम में जरूरतमंदों की मदद करना हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि आपके आसपास भी कोई असहाय या दिव्यांग व्यक्ति है, तो उसकी सहायता के लिए आगे आएं। इस तरह की सकारात्मक खबरों को साझा करें और समाज में सहयोग की भावना को मजबूत बनाएं।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

बरवाडीह, लातेहार

🔔

Notification Preferences

error: