
#बानो #आजीविका_विकास : एलएससी के माध्यम से पशुपालन और समूह आधारित खेती से किसानों की आय बढ़ाने की पहल।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और पशुपालन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आजीविका महिला संकुल संगठन द्वारा अल्फा इंटीग्रेटेड फार्मिंग सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया। जेएसएलपीएस के सहयोग से स्थापित इस केंद्र का उद्घाटन बानो मुखिया विश्वनाथ बड़ाइक ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक पशुपालन, समूह आधारित कार्य प्रणाली और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की जानकारी दी गई। यह पहल ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- बानो प्रखंड में अल्फा इंटीग्रेटेड फार्मिंग सेवा केंद्र (एलएससी) का उद्घाटन।
- बानो मुखिया विश्वनाथ बड़ाइक ने फीता काटकर किया शुभारंभ।
- जेएसएलपीएस के माध्यम से किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की पहल।
- पशुपालन, केज प्रणाली और अंडा उत्पादन पर विशेष फोकस।
- महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार और आजीविका से जोड़ने पर जोर।
- बड़ी संख्या में महिला किसान और जेएसएलपीएस कर्मी रहे उपस्थित।
बानो प्रखंड में ग्रामीण किसानों, विशेषकर महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत हुई है। जेएसएलपीएस द्वारा संचालित आजीविका महिला संकुल संगठन के माध्यम से अल्फा इंटीग्रेटेड फार्मिंग सेवा केंद्र की स्थापना की गई है। इस सेवा केंद्र का उद्देश्य किसानों को एकीकृत कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में स्थायी वृद्धि करना है। उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों, जेएसएलपीएस पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में महिला किसान उपस्थित रहीं।
उद्घाटन समारोह और मुख्य अतिथि का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बानो मुखिया विश्वनाथ बड़ाइक ने फीता काटकर एलएससी का विधिवत उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा:
विश्वनाथ बड़ाइक ने कहा: “एलएससी किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इसके माध्यम से पशुपालन और कृषि से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब सीधे किसानों तक पहुंचेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे इस केंद्र से जुड़कर अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
एलएससी की भूमिका और उद्देश्य
एलएससी यानी लाइवलीहुड सर्विस सेंटर किसानों के लिए एक ऐसा मंच है, जहां उन्हें कृषि, पशुपालन और संबंधित गतिविधियों से जुड़ी तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण और संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जाते हैं। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को समूह में कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे उनकी लागत घटेगी और उत्पादन के साथ-साथ विपणन की सुविधा भी सुलभ होगी।
जेएसएलपीएस पदाधिकारियों की विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के बीपीएम कुंदन भगत ने एलएससी की अवधारणा और इसके लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संगठन किसानों को सामूहिक रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि समूह आधारित कार्य प्रणाली से किसानों की उत्पादन लागत कम होगी और उन्हें बेहतर बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा।
बीपीओ ऋतुराज कुमार ने किसानों को आधुनिक पशुपालन पद्धतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एलएससी के माध्यम से केज प्रणाली द्वारा अंडा उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा और इसे सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में इस पहल से जुड़ने की अपील की।
महिलाओं की आजीविका पर विशेष फोकस
कार्यक्रम में बीपीओ सुजाता बेक ने पीजी और एफपीओ के तहत महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उनकी आजीविका बढ़ाने की संभावनाओं पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना जेएसएलपीएस की प्राथमिकता है।
वहीं एफटीसी रूपा कुजूर ने महिलाओं की भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि एलएससी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे परिवार और समाज दोनों को लाभ होगा।
धन्यवाद ज्ञापन और कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में आईएफसी सुषमा देवी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, किसानों और महिला समूहों के सदस्यों का आभार व्यक्त किया और सभा के समापन की घोषणा की।
बड़ी संख्या में महिला किसानों की सहभागिता
इस अवसर पर रेखा दिरवार, संतोष कुमार, बिनीता कुमारी, शांति लुगुन, गायत्री देवी बड़ी, अनीशा खातून, निक्की देवी, सुचिता बागे, देवांती, नेली, प्रमिला सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिला किसान उपस्थित थीं। उनकी सक्रिय सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया कि महिलाएं अब आजीविका के नए अवसरों को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देता एलएससी
बानो में एलएससी का उद्घाटन यह दर्शाता है कि अब ग्रामीण विकास केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस पहल की जा रही है। महिलाओं और किसानों को एकीकृत रूप से जोड़कर आजीविका सृजन का यह मॉडल भविष्य में अन्य प्रखंडों के लिए भी उदाहरण बन सकता है। प्रशासन और जेएसएलपीएस की यह कोशिश तभी सफल होगी, जब किसानों की निरंतर भागीदारी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आत्मनिर्भर किसान, सशक्त गांव की ओर कदम
ग्रामीण क्षेत्रों का विकास तभी संभव है, जब किसान और महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हों। एलएससी जैसे प्रयास उन्हें हुनर, संसाधन और बाजार से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। यह समय है कि हम ऐसे प्रयासों को समझें और उनका हिस्सा बनें।





