आम बागवानी से आय बढ़ाने की पहल, सिकरी पंचायत के अंबाटोली में किसान सम्मेलन का आयोजन

author Ravi Ranjan Kumar
2 months ago 0 Views
#जारी #आम_बागवानी : पंचायत स्तरीय सम्मेलन में किसानों को आम की वैज्ञानिक खेती और उत्पादन वृद्धि के दिए गए सुझाव।

जारी प्रखंड के सिकरी पंचायत अंतर्गत अंबाटोली गांव में एक दिवसीय पंचायत स्तरीय आम बागवानी किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में किसानों को आम की वैज्ञानिक खेती, पौधों की देखभाल और उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी गई। जिला परिषद सदस्य और प्रमुख की मौजूदगी में बंजर भूमि के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाना रहा।

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  • अंबाटोली गांव में पंचायत स्तरीय आम बागवानी किसान सम्मेलन।
  • जिला परिषद सदस्य दिलीप बड़ाइक और प्रमुख उर्मिला केरकेट्टा रहे मुख्य अतिथि।
  • किसानों को आम की वैज्ञानिक खेती और दवा छिड़काव की जानकारी।
  • बंजर भूमि के उपयोग से आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर।
  • पंचायत प्रतिनिधि, तकनीकी संस्थाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान उपस्थित

जारी प्रखंड क्षेत्र में बागवानी आधारित खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जब सिकरी पंचायत के अंबाटोली गांव में एक दिवसीय पंचायत स्तरीय आम बागवानी किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में आसपास के गांवों से आए किसानों ने भाग लिया और आम की खेती को व्यावसायिक रूप से अपनाने को लेकर विस्तार से जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी को जोड़कर किसानों की आमदनी बढ़ाना रहा।

मुख्य अतिथियों का पारंपरिक स्वागत

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य दिलीप बड़ाइक और प्रमुख उर्मिला केरकेट्टा उपस्थित रहीं। स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक गीतों और फूलों के गुच्छे भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। इससे कार्यक्रम में ग्रामीण संस्कृति और अपनत्व का भाव देखने को मिला। अतिथियों ने भी किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं और अपेक्षाएं सुनीं।

आम बागवानी की वैज्ञानिक जानकारी साझा

सम्मेलन का मुख्य आकर्षण आम बागवानी से जुड़ी तकनीकी जानकारी रही। विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि आम की खेती के लिए भूमि का चयन कैसे किया जाए, पौधारोपण का सही समय क्या है और किस प्रकार की मिट्टी उपयुक्त होती है।

इसके साथ ही दवा का सही तरीके से छिड़काव, कीट एवं रोग नियंत्रण, पौधों की नियमित देखभाल और उर्वरक प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को यह भी बताया गया कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर कम लागत में बेहतर उत्पादन कैसे प्राप्त किया जा सकता है।

बंजर भूमि बनेगी आय का साधन

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य दिलीप बड़ाइक ने कहा:

“प्रखंड क्षेत्र में काफी मात्रा में बंजर भूमि उपलब्ध है। यदि किसान आम बागवानी और अन्य बागवानी फसलों की खेती करें, तो अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि आम जैसी फसल लंबे समय तक आय देने वाली होती है और एक बार बाग तैयार हो जाने के बाद किसान को नियमित आमदनी मिलती है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

पंचायत प्रतिनिधियों और संस्थाओं की सहभागिता

कार्यक्रम में सिकरी पंचायत मुखिया माइकल कुजूर, सीसीकरमटोली पंचायत मुखिया फिल्माईत देवी, रोजगार सेवक अजय काश्मीर, बीपीओ आजाद कुमार शाहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। पंचायत प्रतिनिधियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और समूह के माध्यम से खेती करने के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा तकनीकी और सामाजिक संस्थाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। WOTR से विजय, BRLF से बादल और Azim Premji Foundation से हंसिका ने किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और दीर्घकालिक समर्थन के बारे में जानकारी दी।

किसानों में दिखा उत्साह और भरोसा

सम्मेलन में शामिल किसानों ने बताया कि आम बागवानी से उन्हें दीर्घकालिक लाभ की उम्मीद है। कई किसानों ने कहा कि अब तक वे पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, लेकिन इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें नई दिशा मिली है। किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछे और अपनी जमीन की स्थिति के अनुसार सुझाव भी प्राप्त किए।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की पहल

आयोजकों के अनुसार, आम बागवानी किसान सम्मेलन का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। बागवानी आधारित खेती से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आय, रोजगार और पलायन पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

न्यूज़ देखो: बागवानी से बदलेगी किसानों की तस्वीर

सिकरी पंचायत में आयोजित आम बागवानी किसान सम्मेलन यह संकेत देता है कि यदि किसानों को सही मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग मिले, तो बंजर भूमि भी समृद्धि का स्रोत बन सकती है। पंचायत प्रतिनिधियों और संस्थाओं की संयुक्त पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। अब जरूरत है कि ऐसे प्रशिक्षणों का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

हर पेड़ बने समृद्धि की नींव

कृषि के साथ बागवानी को अपनाकर किसान अपनी आय के नए रास्ते खोल सकते हैं। आम जैसी फसल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी साबित होती है।
यदि आपके गांव में भी ऐसी पहल हो रही है, तो आगे बढ़कर हिस्सा लें और जानकारी का लाभ उठाएं।
अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को साझा करें और किसानों की इस नई पहल को मजबूती दें।

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Written by

जारी, गुमला

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