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लावालौंग वाइल्डलाइफ सेंचुरी को पर्यटन हब बनाने की पहल तेज, विधायक कुमार उज्ज्वल दास के प्रयास पर सरकार का सकारात्मक संकेत

#चतरा #पर्यटन_विकास : लावालौंग वाइल्डलाइफ सेंचुरी के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने अध्ययन और योजना बनाने की दी सहमति


चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड स्थित लावालौंग वाइल्डलाइफ सेंचुरी को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल दास द्वारा विधानसभा में उठाए गए प्रश्न के बाद राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है। इससे क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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  • सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल दास ने विधानसभा में प्रश्न संख्या 11 के माध्यम से सेंचुरी के विकास का मुद्दा उठाया।
  • राज्य सरकार ने प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए स्थल अध्ययन और समीक्षा कराने की बात कही।
  • लावालौंग मंडल अध्यक्ष खगेश्वर साहू ने विधायक की पहल को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
  • परियोजना के तहत जंगल सफारी, ईको-टूरिज्म, सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास की संभावना जताई गई।
  • इससे चतरा, पलामू, हजारीबाग और बिहार के औरंगाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद।

चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड स्थित प्रसिद्ध लावालौंग वाइल्डलाइफ सेंचुरी के विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है। सिमरिया के विधायक कुमार उज्ज्वल दास ने विधानसभा के वर्तमान सत्र में प्रश्न संख्या 11 के माध्यम से इस सेंचुरी के विकास और इसे पर्यटन हब के रूप में विकसित करने का मुद्दा उठाया। विधायक की इस पहल पर राज्य सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए सेंचुरी के विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संकेत दिया है। सरकार के इस रुख से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है।

विधानसभा में उठी सेंचुरी के विकास की आवाज

सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल दास ने विधानसभा में प्रश्न उठाते हुए कहा कि लावालौंग वाइल्डलाइफ सेंचुरी प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता से समृद्ध क्षेत्र है। यदि इसे व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाए तो यह न केवल चतरा जिले बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बन सकता है।

उन्होंने कहा कि सेंचुरी का विकास होने से चतरा, पलामू, हजारीबाग और बिहार के औरंगाबाद जैसे पड़ोसी जिलों के पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर होटल, गाइड, परिवहन और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सरकार का जवाब, स्थल अध्ययन के बाद बनेगी योजना

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने विधायक के प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि सरकार इस प्रस्ताव को गंभीरता से ले रही है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि सेंचुरी क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावनाओं को देखते हुए स्थल अध्ययन और विस्तृत समीक्षा कराई जाएगी।

सरकार ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि अध्ययन के बाद इस परियोजना के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने पर विचार किया जा सकता है। यदि योजना को मंजूरी मिलती है तो सेंचुरी में पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा।

जंगल सफारी और ईको-टूरिज्म की संभावनाएं

लावालौंग वाइल्डलाइफ सेंचुरी अपने घने जंगल, वन्य जीवों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है। प्रस्तावित योजना के तहत यहां जंगल सफारी, ईको-टूरिज्म, पर्यटक सुविधाएं, सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे को विकसित करने की योजना बनाई जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में पर्यटन सुविधाएं विकसित होती हैं तो यह झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। इससे न केवल पर्यटक संख्या बढ़ेगी बल्कि क्षेत्र की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

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मंडल अध्यक्ष खगेश्वर साहू ने जताया आभार

लावालौंग मंडल अध्यक्ष खगेश्वर साहू ने विधायक कुमार उज्ज्वल दास के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि विधायक लगातार क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहते हैं।

खगेश्वर साहू ने कहा कि सरकार के सकारात्मक रुख से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। इससे स्थानीय लोगों, खासकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

लावालौंग सेंचुरी को पर्यटन हब के रूप में विकसित किए जाने से स्थानीय युवाओं को बड़ा लाभ मिल सकता है। पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से गाइड, होटल व्यवसाय, परिवहन सेवा, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने का संतुलित मॉडल भी विकसित किया जा सकता है।

विकास के लिए मेरी प्रतिबद्धता अटूट है: विधायक

इस पहल को लेकर विधायक कुमार उज्ज्वल दास ने कहा कि उनका लक्ष्य लावालौंग को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करना है।

“मेरा लक्ष्य लावालौंग को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करना है। क्षेत्र का समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार दिलाना मेरी प्राथमिकता है।”

उन्होंने कहा कि सरकार के सकारात्मक रुख से क्षेत्र के लोगों में उत्साह है और उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

न्यूज़ देखो: लावालौंग के विकास से खुलेंगे नए अवसर

लावालौंग वाइल्डलाइफ सेंचुरी का विकास केवल पर्यटन परियोजना नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। यदि योजना सही तरीके से लागू होती है तो यह चतरा जिले की पहचान को नई ऊंचाई दे सकती है। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना भी बढ़ेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

विकास की इस पहल से बदलेगा क्षेत्र का भविष्य

लावालौंग सेंचुरी के विकास की यह पहल क्षेत्र के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यदि सरकार और जनप्रतिनिधि मिलकर इसे जमीन पर उतारते हैं तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है।

स्थानीय लोगों की भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास का यह मॉडल पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक बन सकता है।

आप क्या सोचते हैं — क्या लावालौंग सेंचुरी झारखंड का बड़ा पर्यटन केंद्र बन सकती है? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा साझा करें।

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