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रायडीह में राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रेरणादायी आयोजन, स्वामी विवेकानंद के विचारों से युवाओं में जागी नई चेतना

#रायडीह #राष्ट्रीययुवादिवस : सेफ स्पेस परिसर में स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि देकर युवाओं को दिया गया प्रेरक संदेश।

रायडीह प्रखंड के कुड़ोछतरपुर पंचायत अंतर्गत रायडीह राजस्व ग्राम में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेफ स्पेस परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के विचारों और आदर्शों को युवाओं तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व बताया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना रहा।

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  • सेफ स्पेस परिसर, रायडीह राजस्व ग्राम में हुआ आयोजन।
  • स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि।
  • मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड सदस्य सरोज देवी रहीं उपस्थित।
  • सिनी संस्था के प्रतिनिधि खुर्शीद आलम ने विवेकानंद के विचारों पर डाला प्रकाश।
  • राखी कुमारी ने युवतियों को आत्मनिर्भरता और अधिकारों के प्रति किया जागरूक।

रायडीह प्रखंड के कुड़ोछतरपुर पंचायत अंतर्गत रायडीह राजस्व ग्राम स्थित सेफ स्पेस परिसर में सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गांव के युवक-युवतियों ने भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों, उनके जीवन दर्शन और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका से अवगत कराना था। कार्यक्रम का माहौल अनुशासित और प्रेरणास्पद रहा, जिसमें युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

स्वामी विवेकानंद को पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। यह क्षण युवाओं के लिए भावनात्मक और प्रेरक रहा। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने मौन धारण कर उनके विचारों को स्मरण किया। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि आत्ममंथन और दिशा तय करने का अवसर है।

मुख्य अतिथि सरोज देवी का प्रेरक संबोधन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वार्ड सदस्य सरोज देवी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा:

सरोज देवी ने कहा: “स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से ही एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।”

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशा, हिंसा और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहकर शिक्षा और सामाजिक सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आज का युवा अगर सही दिशा में आगे बढ़े, तो समाज और देश दोनों का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।

सिनी संस्था ने बताया विवेकानंद के जीवन दर्शन का महत्व

इस अवसर पर सिनी संस्था के प्रतिनिधि खुर्शीद आलम ने स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को बताया कि किस प्रकार विवेकानंद जी ने शिक्षा, आत्मबल और नैतिक मूल्यों को जीवन की आधारशिला माना।

खुर्शीद आलम ने कहा: “स्वामी विवेकानंद का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का माध्यम है। युवाओं को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को समझना होगा।”

उन्होंने युवाओं से समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील बनने और सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने का आह्वान किया।

युवतियों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश

कार्यक्रम में राखी कुमारी ने विशेष रूप से युवतियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज की युवती को शिक्षित, आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवतियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।

राखी कुमारी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद नारी शक्ति के सम्मान के पक्षधर थे और उनके विचार आज भी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रासंगिक हैं।

युवाओं की सक्रिय भागीदारी और संकल्प

कार्यक्रम में गांव के युवक-युवतियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। युवाओं ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। कुछ युवाओं ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें सही दिशा में सोचने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम का समापन प्रेरणादायी संदेशों के साथ हुआ, जिसमें युवाओं से समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया गया।

न्यूज़ देखो: युवा चेतना और सामाजिक दिशा का संदेश

रायडीह में आयोजित यह कार्यक्रम दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के प्रयास लगातार हो रहे हैं। स्वामी विवेकानंद के विचारों के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया गया। ऐसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाएं मिलकर युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में काम कर रही हैं। आने वाले समय में इस तरह के प्रयासों की निरंतरता युवाओं के चरित्र और समाज दोनों को मजबूत कर सकती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

युवा शक्ति से ही राष्ट्र निर्माण संभव

आज का युवा अगर विचारवान, जागरूक और जिम्मेदार बने, तो समाज की अनेक समस्याओं का समाधान संभव है।
स्वामी विवेकानंद के आदर्श हमें बताते हैं कि आत्मविश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है।
ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते और सही मार्ग दिखाते हैं।
जरूरत है कि युवा केवल सुनें नहीं, बल्कि उन विचारों को अपने आचरण में उतारें।

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MD. Waris

रायडीह, गुमला

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