
#केरसई #जेंडर_सशक्तिकरण : जेएसएलपीएस और टीआरआई के सहयोग से महिलाओं के लिए बहुउद्देश्यीय सहायता केंद्र शुरू हुआ।
सिमडेगा जिले के केरसई प्रखंड में सोमवार को एकीकृत जेंडर रिसर्च सेंटर का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह केंद्र झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी और जनजातीय अनुसंधान संस्थान के संयुक्त प्रयास से स्थापित हुआ है। उद्घाटन जिला परिषद उपाध्यक्ष सोनी पैंकरा ने दीप प्रज्वलित कर किया। महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक न्याय और आजीविका सशक्तिकरण को एक मंच पर जोड़ने वाला यह केंद्र क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
- केरसई प्रखंड में एकीकृत जेंडर रिसर्च सेंटर का शुभारंभ।
- उद्घाटन जिला परिषद उपाध्यक्ष सोनी पैंकरा द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ।
- केंद्र का संचालन जेएसएलपीएस, टीआरआई और सीएलएफ के सहयोग से।
- महिलाओं को लैंगिक न्याय, परामर्श और हिंसा से संबंधित सहायता एक ही स्थान पर।
- वुमन ऑफ वर्क हब के माध्यम से कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जुड़ाव।
- महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य संस्थानों से समन्वय।
सिमडेगा जिले के केरसई प्रखंड में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी और जनजातीय अनुसंधान संस्थान के संयुक्त प्रयास से स्थापित एकीकृत जेंडर रिसर्च सेंटर का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सोमवार को आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जेएसएलपीएस से जुड़े कर्मियों की उपस्थिति रही। यह पहल ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में लैंगिक समानता को मजबूत आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एकीकृत जेंडर रिसर्च सेंटर का उद्देश्य
एकीकृत जेंडर रिसर्च सेंटर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को एक सुरक्षित, भरोसेमंद और बहुउद्देश्यीय मंच उपलब्ध कराना है। यहां महिलाओं को लैंगिक न्याय, कानूनी एवं सामाजिक परामर्श, तथा घरेलू हिंसा और अन्य प्रकार की लैंगिक हिंसा से जुड़े मामलों में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही केंद्र महिलाओं को उनकी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, अधिकारों और पात्रता की जानकारी भी देगा, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से उठा सकें।
दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत संचालन
यह केंद्र दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकसित किया गया है। संचालन की जिम्मेदारी जेएसएलपीएस, टीआरआई और सामुदायिक स्तर के संघ (सीएलएफ) के संयुक्त सहयोग से निभाई जाएगी। इस मॉडल के माध्यम से सरकारी, शोध और सामुदायिक संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित कर महिलाओं तक सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए एक ही छत के नीचे कई सुविधाएं
जेंडर रिसर्च सेंटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां महिलाओं को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। केंद्र पर ही उन्हें परामर्श सेवाएं, कानूनी मार्गदर्शन, हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता, और पुनर्वास से जुड़ी जानकारी मिलेगी। इसके अतिरिक्त महिलाओं को उनके जीवन कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
वुमन ऑफ वर्क हब से रोजगार की राह
केंद्र के अंतर्गत संचालित वुमन ऑफ वर्क हब (डब्ल्यूओडब्ल्यू हब) महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देगा। इसके माध्यम से महिलाओं को कैरियर परामर्श, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार से जुड़ाव, उद्यमिता मार्गदर्शन, ऋण सुविधा और मेंटोरशिप प्रदान की जाएगी। सामाजिक या हिंसा से प्रभावित महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना इस हब का प्रमुख लक्ष्य है।
विभागीय समन्वय से मिलेगा व्यापक लाभ
जेंडर रिसर्च सेंटर महिला एवं बाल विकास विभाग, वन स्टॉप सेंटर और विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय कर कार्य करेगा। इससे पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता, कानूनी संरक्षण और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। विभागीय तालमेल से मामलों के निपटारे में पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद है।
सामाजिक कुरीतियों पर जताई चिंता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष सोनी पैंकरा ने क्षेत्र में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों पर चिंता व्यक्त की।
सोनी पैंकरा ने कहा: “घरेलू हिंसा, डायन कुप्रथा, बाल विवाह और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयां आज भी समाज को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिन पर नियंत्रण के लिए जेंडर रिसर्च सेंटर जैसे प्रयास बेहद आवश्यक हैं।”
उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के केंद्र समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होंगे और महिलाओं को सम्मान के साथ जीने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में रही व्यापक भागीदारी
उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि केरसई, जिला परिषद सदस्य केरसई, प्रखंड प्रमुख केरसई, थाना प्रभारी केरसई, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित जेएसएलपीएस के सभी कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने केंद्र की स्थापना को क्षेत्र के लिए उपयोगी पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में टीआरआई की श्रीमती प्रिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की मजबूत नींव
केरसई में शुरू हुआ एकीकृत जेंडर रिसर्च सेंटर यह दर्शाता है कि अब नीतियां जमीन पर उतर रही हैं। महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और रोजगार को एक मंच पर लाने की यह पहल सराहनीय है। हालांकि इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सेवाएं कितनी नियमित और प्रभावी रूप से महिलाओं तक पहुंचती हैं। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय समन्वय कितना मजबूत रहता है और कितनी महिलाएं वास्तविक लाभ उठा पाती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सशक्त महिला, सशक्त समाज की ओर एक कदम
यह केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बदलाव की उम्मीद है। जब महिलाओं को जानकारी, सुरक्षा और रोजगार के अवसर मिलते हैं, तब पूरा समाज आगे बढ़ता है। केरसई की यह पहल अन्य प्रखंडों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। अब जरूरत है कि महिलाएं आगे आएं, अपने अधिकारों को समझें और इस मंच का पूरा लाभ उठाएं।





