कुरडेग में एकीकृत जेंडर रिसोर्स सेंटर और वॉव हब का शुभारंभ, महिलाओं के सशक्तिकरण की नई पहल शुरू

कुरडेग में एकीकृत जेंडर रिसोर्स सेंटर और वॉव हब का शुभारंभ, महिलाओं के सशक्तिकरण की नई पहल शुरू

author Satyam Kumar Keshri
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#सिमडेगा #महिला_सशक्तिकरण : कुरडेग में महिलाओं के अधिकार और रोजगार के लिए नई पहल शुरू हुई।

सिमडेगा जिले के कुरडेग प्रखंड में एकीकृत जेंडर रिसोर्स सेंटर सह वॉव हब का उद्घाटन किया गया। इस पहल में जिला परिषद उपाध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। यह केंद्र महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और आजीविका से जुड़े प्रयासों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। इससे ग्रामीण महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

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  • कुरडेग प्रखंड, सिमडेगा में जेंडर रिसोर्स सेंटर और वॉव हब का उद्घाटन।
  • जिला परिषद उपाध्यक्ष सोनी देवी, बीडीओ, थाना प्रभारी सहित कई अधिकारी उपस्थित।
  • JSLPS, TRI और MCLF के सहयोग से विकसित पहल।
  • महिलाओं को कानूनी सहायता, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था।
  • GBV मामलों में सहायता और जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर।

सिमडेगा जिले के कुरडेग प्रखंड में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एकीकृत जेंडर रिसोर्स सेंटर सह वॉव हब का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला परिषद उपाध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख, सांसद प्रतिनिधि, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी, बीपीएम JSLPS, TRIF तथा कुरडेग एवं खिंडा मॉडल संकुल संगठन के अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल DAY-NRLM के तहत विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से विकसित की गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और कानूनी रूप से सशक्त बनाना है।

पहल का उद्देश्य और महत्व

यह केंद्र पारंपरिक महिला सहायता केंद्रों से अलग एक व्यापक मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। इसमें महिलाओं के अधिकारों की जानकारी, लैंगिक न्याय, और लैंगिक आधारित हिंसा (GBV) से जुड़े मामलों में सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को एक मंच पर जोड़ा गया है।

इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ना, परामर्श सेवाएं देना, और अल्पकालीन ठहराव की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) और कानूनी सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय स्थापित कर सहायता प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।

वॉव हब से रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा

वॉव हब के माध्यम से महिलाओं को करियर काउंसलिंग, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसमें सिलाई, कृषि प्रशिक्षण और स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण सुविधा भी शामिल है। इसके अलावा महिलाओं को उद्यमिता के लिए मार्गदर्शन और मेंटरशिप दी जाएगी।

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा:

“यह पहल महिलाओं को एक सुरक्षित और सशक्त मंच प्रदान करती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में अपनी पहचान स्थापित कर सकें।”

सामाजिक कुरीतियों और सुरक्षा पर विशेष फोकस

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला परिषद उपाध्यक्ष सोनी देवी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।

सोनी देवी ने कहा:

“डायन प्रथा जैसी कुरीतियों को खत्म करना जरूरी है और पलायन से होने वाले खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करना होगा।”

उन्होंने बड़े शहरों में बच्चों के शोषण पर चिंता जताते हुए इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में नशा करने वाले युवाओं पर सख्ती से निगरानी रखने का आग्रह किया।

पुलिस और जागरूकता का संतुलन

थाना प्रभारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुरक्षा के मुद्दे पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

थाना प्रभारी ने कहा:

“सिर्फ कानून या जुर्माना ही सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता, बल्कि लोगों की जागरूकता और नियमों का पालन ही असली सुरक्षा है।”

उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन और जेंडर सीआरपी के बीच संपर्क व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता मिल सके।

संस्थागत सहयोग और समन्वय

यह पहल JSLPS, ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) और मॉडल संकुल संगठन (MCLF) के सहयोग से संचालित की जा रही है। इसके तहत ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन से जुड़ी योजनाओं का अभिसरण सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में JSLPS के बीपीएम द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर JSLPS और TRI के सभी स्टाफ, संकुल संगठन के सदस्य, ग्राम संगठन के सदस्य और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।

न्यूज़ देखो: महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम

कुरडेग में शुरू की गई यह पहल दर्शाती है कि अब महिलाओं के सशक्तिकरण को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उसे जमीन पर लागू करने की ठोस कोशिश हो रही है। जेंडर न्याय और आजीविका को एक साथ जोड़ना एक प्रभावी मॉडल साबित हो सकता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस पहल को अन्य प्रखंडों में कैसे विस्तार दिया जाता है और इसका वास्तविक प्रभाव कितना व्यापक होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सशक्त महिला, सशक्त समाज की ओर बढ़ते कदम

जब महिलाओं को अधिकार, सुरक्षा और रोजगार के अवसर एक साथ मिलते हैं, तभी वास्तविक बदलाव संभव होता है। यह पहल न सिर्फ एक केंद्र का उद्घाटन है, बल्कि एक नई सोच की शुरुआत है। समाज के हर वर्ग को इस प्रयास में भागीदारी निभानी चाहिए ताकि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।

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