
#बगोदर #प्रवासी_श्रमिक : मलेशिया में निधन के बाद गांव में शोक।
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत अडवारा पंचायत के जमुआरी गांव निवासी प्रवासी श्रमिक वकील सिंह की मलेशिया में मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कंपनी से मुआवजा और शव को वतन लाने की मांग भी की गई है।
- जमुआरी गांव, अडवारा पंचायत निवासी वकील सिंह का मलेशिया में निधन।
- सूचना मिलते ही गांव और परिजनों में पसरा मातम।
- बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने घर पहुंचकर दी सांत्वना।
- Larsen & Toubro (एल एंड टी) कंपनी से मुआवजा की मांग।
- शव को जल्द वतन भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह।
बगोदर थाना क्षेत्र के अडवारा पंचायत अंतर्गत जमुआरी गांव उस समय शोक में डूब गया, जब प्रवासी श्रमिक वकील सिंह की मलेशिया में मृत्यु की खबर गांव पहुंची। बेहतर रोजगार की तलाश में विदेश गए वकील सिंह के अचानक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम का माहौल बना हुआ है।
रोजगार के लिए गए थे मलेशिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वकील सिंह रोजगार के सिलसिले में मलेशिया में कार्यरत थे। वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से विदेश गए थे। अचानक हुई उनकी मृत्यु ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। फिलहाल उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि वकील सिंह मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे, जो अपने परिवार की आजीविका के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे। उनकी असमय मृत्यु से परिवार के सामने आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा हो गया है।
विधायक नागेंद्र महतो ने की मुलाकात
घटना की सूचना मिलते ही बगोदर विधायक नागेंद्र महतो जमुआरी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में वे परिवार के साथ खड़े हैं।
नागेंद्र महतो ने कहा: “इस दुख की घड़ी में हम पीड़ित परिवार के साथ हैं। हरसंभव सहायता दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों और कंपनी से बात की जा रही है।”
कंपनी से मुआवजा और शव वतन लाने की मांग
विधायक ने दूरभाष पर Larsen & Toubro (एल एंड टी) कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा प्रदान करने और शव को जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
परिजनों ने भी प्रशासन और संबंधित कंपनी से स्पष्ट जानकारी देने तथा आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
गांव में शोक का माहौल
जमुआरी गांव में शोक और संवेदना का वातावरण बना हुआ है। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। लोग दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत देने की कोशिश कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर उन चुनौतियों को सामने लाती है, जिनका सामना प्रवासी श्रमिकों को विदेशों में करना पड़ता है। बेहतर जीवन की तलाश में घर से दूर गए मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी जिम्मेदारी है।
न्यूज़ देखो: प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और जवाबदेही का सवाल
मलेशिया में वकील सिंह की मृत्यु केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि प्रवासी श्रमिकों की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह भी है। विदेशों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा मानकों, बीमा और आपात सहायता व्यवस्था को सुदृढ़ करना जरूरी है। संबंधित कंपनी और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि मामले की पारदर्शी जानकारी सामने आए और परिवार को शीघ्र सहायता मिले। ऐसी घटनाएं हमें श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की याद दिलाती हैं।
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संकट में साथ, यही असली मानवता
रोजगार की तलाश में विदेश जाने वाले श्रमिक अपने परिवार और समाज की उम्मीदों का भार उठाते हैं। उनके संघर्ष और योगदान को समझना और सम्मान देना हम सबकी जिम्मेदारी है। कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना ही सच्ची संवेदनशीलता है।
आइए, प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे पर सजग रहें। अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और ऐसे परिवारों के समर्थन में जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।


