
#गढ़वा #सामूहिक_विवाह : फाउंडेशन ने चीनिया व बिलैतिया गांव में परिवारों से मिलकर जागरूकता बढ़ाई और जरूरतमंद परिवार को मुफ्त विवाह सहायता देने का वादा किया
- रंका प्रखंड के चीनिया और बिलैतिया गांव में जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन का जागरूकता अभियान चलाया गया।
- टीम ने एक असहाय परिवार से मिलकर उनकी नतनी का निशुल्क विवाह करवाने का आश्वासन दिया।
- फाउंडेशन ने वादा किया कि विवाह विधि-विधान से, सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर करवाया जाएगा।
- संस्था की टीम ने ग्रामीणों को बाल विवाह, दहेज प्रथा और भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूक किया।
- अभियान में अध्यक्ष संजीव दुबे, प्रियांशु दुबे, कन्हैया चौबे, अतुल धर दुबे, चंदन धर दुबे उपस्थित रहे।
रंका प्रखंड के चीनिया और बिलैतिया गांव में मंगलवार को जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की टीम ने घर-घर जाकर लोगों से संवाद किया और सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान टीम एक बेहद असहाय परिवार से मिली, जिनके बेटे और बहू के नहीं रहने के कारण उनकी नतनी का विवाह करवाना बेहद कठिन हो गया था। स्थिति समझने के बाद फाउंडेशन ने परिवार को आश्वस्त किया कि संस्था उनकी बेटी का पूरी तरह निशुल्क और सभी विधि-विधान के साथ विवाह करवाएगी।
संस्था ने परिवार से कहा कि यह बेटी अब जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की बेटी है और उसका विवाह सम्मानपूर्वक करवाया जाएगा। फाउंडेशन की टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर समझाया कि उनका उद्देश्य समाज में सामूहिक विवाह को प्रोत्साहन, बाल विवाह पर रोक, दहेज प्रथा का विरोध, और लड़कियों के प्रति संवेदनशील वातावरण तैयार करना है।
सामूहिक विवाह अभियान का सामाजिक महत्व
जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक करवाने की दिशा में काम कर रहा है। संस्था के सदस्य गांव-गांव जाकर ऐसे परिवारों की पहचान करते हैं जिन्हें आर्थिक, सामाजिक या मानसिक रूप से सहायता की जरूरत होती है।
टीम का कहना है कि सामूहिक विवाह न केवल आर्थिक बोझ कम करता है बल्कि समाज में समानता, एकता और सहयोग की भावना भी विकसित करता है। अभियान के दौरान टीम ने ग्रामीणों को यह संदेश दिया कि किसी भी परिस्थिति में यदि वे मुश्किल में हों, तो फाउंडेशन और उसकी टीम उनकी सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।
अभियान में शामिल प्रमुख सदस्य
अभियान में संस्था के अध्यक्ष संजीव दुबे, युवा सदस्य प्रियांशु दुबे, कन्हैया चौबे, अतुल धर दुबे, चंदन धर दुबे सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने गाँव के लोगों को सामूहिक विवाह के लाभों, समाज में व्याप्त कुरीतियों और उनसे निपटने के तरीकों पर जानकारी दी।
अध्यक्ष संजीव दुबे ने कहा: “हर बेटी का सम्मानपूर्वक विवाह होना हमारा कर्तव्य है। जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन हमेशा जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़ा है।”
कन्हैया चौबे ने कहा: “हमारा उद्देश्य समाज में दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म कर सुरक्षित भविष्य बनाना है।”
जन जागरूकता के सकारात्मक प्रभाव
ग्रामीणों ने फाउंडेशन की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे अभियानों से गांव में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। कई लोगों ने इस बात को स्वीकार किया कि सामूहिक विवाह से आर्थिक बोझ कम होता है और समाज में एकजुटता बढ़ती है।
संस्था ने लोगों से यह भी अनुरोध किया कि यदि गांव में कोई परिवार विवाह कराने में असमर्थ है, तो इसकी जानकारी फाउंडेशन तक पहुंचाएं ताकि समय रहते मदद की जा सके।

न्यूज़ देखो: चीनिया में मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का उदाहरण
जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन का यह अभियान दर्शाता है कि सामाजिक संस्थाएं जब आगे आती हैं तो गरीब परिवारों की बड़ी समस्याएँ भी आसानी से हल हो सकती हैं। एक असहाय परिवार को नया संबल देकर संस्था ने समाज के प्रति अपनी जवाबदेही निभाई है। ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाकर टीम ने दहेज और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मजबूत संदेश दिया।
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सामूहिक प्रयास ही सामाजिक बदलाव की कुंजी
समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है जब लोग संगठित होकर जरूरतमंद परिवारों का सहयोग करें। आइए हम सब मिलकर बाल विवाह, दहेज और भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं और ऐसे अभियानों का हिस्सा बनें। अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को साझा करें और जागरूकता फैलाने में योगदान दें।





