
#गढ़वा #सामाजिक_जागरूकता : मेराल प्रखंड के कई गांवों में जागरूकता अभियान के दौरान फाउंडेशन ने अनाथ और असहाय बेटियों की निःशुल्क शादी कराने की घोषणा की।
- मेराल प्रखंड के पाडुआ, बांका, सिकनी पथरिया और राजबन्धा गांवों का दौरा किया गया।
- जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन ने बाल विवाह, भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा पर जागरूकता फैलाया।
- बाबा खोनहर नाथ मंदिर में होने वाले आगामी सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तैयारी की घोषणा की गई।
- अनाथ और असहाय परिवारों की 21 बेटियों की निःशुल्क शादी कराने का संकल्प साझा किया गया।
मेराल प्रखंड के कई गांवों में जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन ने सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध एक सशक्त जागरूकता अभियान चलाया जिसमें बाल विवाह, भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा जैसी समस्याओं पर ग्रामीणों से खुलकर बातचीत की गई। इसी दौरान फाउंडेशन ने 21 असहाय बेटियों की निःशुल्क शादी कराने की घोषणा की, जिससे ग्रामीणों में उम्मीद और भरोसा बढ़ा। अभियान का नेतृत्व फाउंडेशन के सचिव रितेश तिवारी उर्फ महाकाल तिवारी ने किया और उनके साथ फाउंडेशन की मीडिया टीम और सहयोगी पूरी तत्परता से मौजूद रहे। आगे इसी कार्यक्रम का आयोजन बाबा खोनहर नाथ मंदिर में किया जाएगा, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है।
मेराल प्रखंड के गांवों में जागरूकता का मजबूत संदेश
जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की टीम ने पाडुआ, बांका, सिकनी पथरिया और राजबन्धा गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को बताया कि बाल विवाह और भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियाँ समाज को कमजोर करती हैं और इनसे मुक्त समाज बनाने के लिए सभी को मिलकर आगे आना होगा। ग्रामीणों को इन मुद्दों से जुड़े सामाजिक और कानूनी पहलुओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया।
21 असहाय बेटियों की निःशुल्क शादी का बड़ा संकल्प
अभियान के दौरान फाउंडेशन ने बताया कि आगामी सामूहिक विवाह समारोह बाबा खोनहर नाथ मंदिर परिसर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल 21 अनाथ और असहाय बहन-बेटियों की शादी निःशुल्क कराई जाएगी। जिन बेटियों के माता-पिता नहीं हैं या आर्थिक रूप से वे अत्यंत कमजोर हैं, वे फाउंडेशन के कार्यालय में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं।
रितेश तिवारी उर्फ महाकाल तिवारी ने कहा: “हमारा लक्ष्य है कि किसी भी बेटी की शादी सिर्फ इसलिए न रुके क्योंकि उसके माता-पिता नहीं हैं या आर्थिक कमी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीणों में इस अभियान से जागरूकता बढ़ेगी और आने वाले दिनों में अधिक लोग सामूहिक विवाह जैसे सकारात्मक उपायों से जुड़ेंगे।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान को मिला स्थानीय समर्थन
जागरण के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कई लोग शामिल रहे। फाउंडेशन के मीडिया सहयोगी अतुल धर दुबे, रानी सिंह, मुर्तुजा अंसारी, आर्यन मंसूरी, आकाश लोहार, प्रियांशु दुबे ने पूरे अभियान में सक्रिय सहयोग दिया। सभी ने ग्रामीणों से संवाद कर यह संदेश दिया कि दहेज प्रथा और बाल विवाह सिर्फ कानूनन अपराध ही नहीं बल्कि सामाजिक विकास में बाधक भी हैं।
आगामी कार्यक्रम और तैयारियाँ
बाबा खोनहर नाथ मंदिर में होने वाले सामूहिक विवाह के लिए तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। फाउंडेशन की टीम लगातार गांव-गांव जाकर पात्र परिवारों को जोड़ रही है। कार्यक्रम के दौरान दूल्हा-दुल्हन को विवाह सामग्री, पारंपरिक रीति-रिवाज, व्यवस्था एवं सुरक्षा सहित सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। फाउंडेशन का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटी की शादी को बोझ न समझे।
न्यूज़ देखो: सामाजिक जिम्मेदारी को नई दिशा देता अभियान
जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन का यह कदम न केवल सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश देता है, बल्कि गरीब और अनाथ बेटियों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी भी जगाता है। यह पहल उन संगठनों के लिए प्रेरणा है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्यरत हैं। प्रशासन और समाज दोनों की साझा भागीदारी से ऐसे कार्यक्रम और बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
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बेटियों की मुस्कान देश की ताकत
समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह अपने सबसे कमजोर वर्ग—अनाथ और असहाय बेटियों—की जिम्मेदारी उठाता है। ऐसे अभियान न सिर्फ परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि इंसानियत को भी मजबूत करते हैं। अब समय है कि हम सब इन प्रयासों से जुड़ें, अपने आस-पास बाल विवाह और दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएँ और बदलाव के हिस्सेदार बनें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाएँ और सकारात्मक पहल को मजबूत बनाने में सहयोग दें।







