
#लातेहार #कर्पूरीठाकुरजयंती : इंदिरा गांधी चौक आईबी परिसर में सामाजिक न्याय के आदर्शों को किया गया स्मरण।
लातेहार जिले के चंदवा में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इंदिरा गांधी चौक स्थित आईबी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, समानता और वंचितों के उत्थान में उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और विचारधारा को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
- 25 जनवरी 2026 को चंदवा में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती का आयोजन।
- आईबी परिसर, इंदिरा गांधी चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम।
- सामाजिक न्याय, समानता और पिछड़े वर्गों के उत्थान पर हुई चर्चा।
- नाई समाज की बड़ी भागीदारी के साथ एकजुटता का संकल्प।
- जिला एवं प्रखंड स्तर के कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे उपस्थित।
शनिवार, 25 जनवरी 2026 को लातेहार जिले के चंदवा नगर में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पूरे श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक सौहार्द के वातावरण में मनाई गई। चंदवा के इंदिरा गांधी चौक के समीप स्थित आईबी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में जुटे और जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य उनके विचारों, संघर्षों और सामाजिक योगदान को याद करना तथा नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना रहा।
श्रद्धांजलि और माल्यार्पण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया। वातावरण “जननायक कर्पूरी ठाकुर अमर रहें” के नारों से गूंज उठा, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।
वक्ताओं ने सामाजिक न्याय के विचारों पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के जीवन और कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने अपना पूरा जीवन सामाजिक न्याय, समानता और पिछड़े तथा वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया।
वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुंचाने का साधन माना। उनकी नीतियां और विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को एक नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
समतामूलक समाज के निर्माण का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में कर्पूरी ठाकुर के विचारों को अपनाना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि जाति, वर्ग और आर्थिक असमानता को समाप्त करने के लिए उनके बताए रास्ते पर चलना ही एकमात्र विकल्प है।
वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे जननायक कर्पूरी ठाकुर के संघर्षों से प्रेरणा लें और समाज में समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करें।
नाई समाज की उल्लेखनीय भागीदारी
इस कार्यक्रम में चंदवा प्रखंड के नाई समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। समाज के सदस्यों ने एकजुट होकर कर्पूरी ठाकुर के विचारों को आगे बढ़ाने और समाज को संगठित रखने का संकल्प लिया।
सभी ने यह विश्वास जताया कि सामाजिक एकता और संगठन के माध्यम से ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है।
प्रमुख अतिथियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें जिला उपाध्यक्ष विनोद ठाकुर, चंदवा प्रखंड अध्यक्ष अरुण ठाकुर, जिला सूचना प्रभारी दुर्गा ठाकुर, प्रखंड कोषाध्यक्ष राजू ठाकुर, कोषाध्यक्ष नीलकंठ ठाकुर, प्रखंड उपाध्यक्ष उपेंद्र ठाकुर, संतोष ठाकुर, रविंद्र ठाकुर, अभिमन्यु ठाकुर, लालचंद ठाकुर, काशी ठाकुर, सांसद प्रतिनिधि दीपक निषाद एवं रवि ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग शामिल थे।
सभी ने अपने संबोधन में कर्पूरी ठाकुर को सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक बताया।
समाज को संगठित रखने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। समाज में शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक न्याय के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही गई।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि केवल जयंती मनाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
नारों के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन “जननायक कर्पूरी ठाकुर अमर रहें” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ। उपस्थित लोगों के चेहरों पर उत्साह और गर्व साफ झलक रहा था। पूरे आयोजन में अनुशासन और भाईचारे का माहौल बना रहा।
न्यूज़ देखो: विचारों की विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान
चंदवा में आयोजित यह कार्यक्रम बताता है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचार आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम हैं। सामाजिक न्याय और समानता के लिए उनका संघर्ष आज की राजनीति और समाज के लिए एक मजबूत आधार है। सवाल यह है कि क्या हम उनके आदर्शों को सिर्फ मंचों तक सीमित रखेंगे या जीवन में भी अपनाएंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रेरणा लें, विचारों को जीवन में उतारें
जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती हमें सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास कराती है। समानता, न्याय और भाईचारे के लिए आगे आएं और समाज को संगठित करें।
इस खबर को साझा करें, अपने विचार कमेंट में रखें और सामाजिक बदलाव की इस मुहिम को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।







