
#सिमडेगा #जनता_दरबार : उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में आम जनों की शिकायतें सुनी गईं और त्वरित समाधान का भरोसा दिया गया
- उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन।
- शहरी और ग्रामीण इलाकों से पहुंचे बड़ी संख्या में लोग।
- आंगनबाड़ी नियुक्ति, पेंशन, बिजली, सड़क, पानी और मुआवजा से जुड़े मामले सामने आए।
- कई नागरिकों ने भूमि विवाद और ठगी की शिकायतें दर्ज कराईं।
- संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- कार्यक्रम में अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र और जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
सिमडेगा में गुरुवार को आयोजित जनता दरबार में जिले के अलग-अलग प्रखंडों और पंचायतों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं उपायुक्त कंचन सिंह के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने सभी शिकायतों को एक-एक कर सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य प्रशासन को जनता के करीब लाना और समस्याओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना है।
जनता ने रखीं अपनी परेशानियां
जनता दरबार के दौरान नागरिकों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविकाओं की नियुक्ति के बाद नियुक्ति पत्र नहीं मिलने, भूमि अधिग्रहण मुआवजा लंबित रहने, वृद्ध पेंशन लाभ से वंचित रहने जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं।
इसके अलावा ग्रामीणों ने जले हुए विद्युत ट्रांसफॉर्मर बदलने, क्षतिग्रस्त पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुधारने, डीप बोरिंग की सुविधा उपलब्ध कराने और ग्राम स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण की मांग रखी।
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा: “हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। किसी भी नागरिक को सरकारी सेवाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।”
सड़क, बिजली और पेयजल की मांग सबसे अधिक
जनता दरबार में ग्राम तरगा के ढोढ़ीबाहर टोली से तरगा पहाड़टोली तक सड़क निर्माण की मांग जोरदार रही। ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क के कारण दैनिक आवागमन, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा पर भारी असर पड़ रहा है।
कई लोगों ने बिजली की खराब स्थिति पर चिंता जाहिर की और जले हुए ट्रांसफॉर्मरों को बदलने की मांग की। वहीं कुछ ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल संकट गहरा रहा है और डीप बोरिंग व जल मीनार की व्यवस्था आवश्यक है।
मुआवजा और ठगी से जुड़े मामले भी आए सामने
जनता दरबार में बिजली करंट से मौत के मामलों में मुआवजा दिलाने, भूमि विवादों के निपटारे, और ठगी की घटनाओं पर कार्रवाई की शिकायतें भी सामने आईं।
एक शिकायतकर्ता ने कहा: “हम कई महीनों से कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिला। जनता दरबार से उम्मीद है कि अब मामले में कार्रवाई होगी।”
अधिकारियों को दिए गए त्वरित आदेश
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी मामलों पर समय सीमा निर्धारित कर कार्रवाई की जाए और समाधान के बाद रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े।
उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, जिला आपूर्ति पदाधिकारी और अन्य विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



न्यूज़ देखो: जनता की आवाज़ प्रशासन तक पहुंची
यह जनता दरबार बताता है कि प्रशासन जनता की बात सुनने और समस्याओं का समाधान करने के लिए गंभीर है।
लोगों की मांगें ज़मीन, पेंशन, बिजली और आधारभूत सुविधाओं जैसी बुनियादी ज़रूरतों से जुड़ी हैं, जिन पर तेजी से काम होना जरूरी है।
अब ज़िम्मेदारी प्रशासन की है कि यह सुनवाई सिर्फ कागजों तक न रहे, बल्कि ज़मीनी बदलाव में बदल सके।
हर खबर पर रहेगी हमारी नज़र।
जागरूक नागरिक, मजबूत लोकतंत्र
आपकी आवाज़ मायने रखती है। समस्याओं को बोलकर रखना बदलाव की शुरुआत है।
जिले की विकास प्रक्रियाओं में हिस्सा लेना और जवाबदेही मांगना हर नागरिक का अधिकार ही नहीं बल्कि कर्तव्य भी है।
आप क्या सोचते हैं — क्या जनता दरबार जैसी पहलें वास्तव में जनता की समस्या हल कर रही हैं?
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