
#देवघर #रेल_कनेक्टिविटी : अमृत भारत एक्सप्रेस से जसीडीह-मधुपुर बने पूर्वी भारत के नए रेल केंद्र।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के सिंगूर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल पूर्वी भारत में लंबी दूरी और अंतरराज्यीय रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इन ट्रेनों के परिचालन से झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। खास तौर पर आसनसोल मंडल के जसीडीह और मधुपुर स्टेशनों को सीधा लाभ मिलने जा रहा है, जिससे यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और किफायती रेल सेवा उपलब्ध होगी।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगूर से तीन अमृत भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी।
- 18 जनवरी 2026 से पूर्वी भारत को मिली नई रेल सौगात।
- आसनसोल मंडल के जसीडीह और मधुपुर स्टेशन बने प्रमुख ठहराव।
- झारखंड और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को लंबी दूरी की बेहतर सुविधा।
- बनारस–सियालदह–बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन त्रि-साप्ताहिक।
- देवघर, जसीडीह और मधुपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मिला बड़ा बढ़ावा।
पूर्वी भारत में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय रेलवे ने अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के साथ ही यह नई सेवा यात्रियों के लिए उपलब्ध हो गई। इस फैसले से खासकर झारखंड के देवघर जिले और आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने जा रहा है।
जसीडीह और मधुपुर को सीधा लाभ
शुरू की गई तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में से दो ट्रेनें आसनसोल मंडल से होकर गुजरेंगी। इन ट्रेनों का जसीडीह और मधुपुर स्टेशन पर निर्धारित ठहराव रखा गया है। इससे देवघर, जसीडीह, मधुपुर और आसपास के इलाकों के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए अब बेहतर विकल्प मिलेगा।
जसीडीह, जो पहले से ही देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम के कारण महत्वपूर्ण धार्मिक स्टेशन माना जाता है, अब अमृत भारत एक्सप्रेस के ठहराव से और अधिक मजबूत रेल केंद्र के रूप में उभरेगा। वहीं मधुपुर स्टेशन, जो हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर स्थित है, उसकी कनेक्टिविटी भी और सुदृढ़ होगी।
इन रूटों पर चलेगी अमृत भारत एक्सप्रेस
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बनारस–सियालदह–बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस त्रि-साप्ताहिक रूप से संचालित होगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में दुर्गापुर, आसनसोल, मधुपुर और जसीडीह स्टेशनों पर रुकेगी। इस रूट पर ट्रेन के चलने से उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।
इसके अलावा अन्य अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट भी पूर्वी भारत के विभिन्न हिस्सों को जोड़ते हुए लंबी दूरी की यात्रा को आसान बनाएंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन ट्रेनों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सामान्य यात्रियों को भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके।
अमृत भारत एक्सप्रेस की विशेषताएं
अमृत भारत एक्सप्रेस को आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इन ट्रेनों में बेहतर सीटिंग व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, आधुनिक कोच डिजाइन और बेहतर सुरक्षा मानक शामिल हैं। यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए खास मानी जा रही है जो किफायती किराए में तेज और आरामदायक सफर करना चाहते हैं।
रेलवे का मानना है कि अमृत भारत एक्सप्रेस से उन रूटों पर भी बेहतर सेवा मिलेगी, जहां अब तक सीमित विकल्प उपलब्ध थे। खासकर धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्राओं के लिए यह ट्रेन उपयोगी साबित होगी।
देवघर और आसपास के क्षेत्रों को फायदा
देवघर, जो देशभर में बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए प्रसिद्ध है, वहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं। जसीडीह स्टेशन से देवघर की निकटता को देखते हुए अमृत भारत एक्सप्रेस का ठहराव श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब बनारस, सियालदह और अन्य बड़े शहरों से आने वाले यात्रियों को सुविधाजनक और तेज रेल सेवा मिल सकेगी।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि इस ट्रेन के शुरू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रा का अनुभव भी बेहतर होगा। मधुपुर और जसीडीह जैसे स्टेशनों की बढ़ी अहमियत से स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रेलवे की भविष्य की योजना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी और ट्रेनों को विभिन्न रूटों पर शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के दूरदराज और मध्यम आकार के शहरों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ना है। पूर्वी भारत में यह पहल खास तौर पर विकास और संपर्क के नए अवसर खोलेगी।
न्यूज़ देखो: पूर्वी भारत के लिए बड़ी रेल सौगात
अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ केवल एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के रेल नेटवर्क को नई दिशा देने वाला कदम है। जसीडीह और मधुपुर जैसे स्टेशनों को मिले ठहराव से यह स्पष्ट है कि रेलवे क्षेत्रीय संतुलन और यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर फैसले ले रहा है। अब देखना होगा कि भविष्य में इन सेवाओं का विस्तार किस स्तर तक होता है और यात्रियों को इसका कितना व्यापक लाभ मिलता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नई रेल रफ्तार से बदलेगा सफर का अनुभव
अमृत भारत एक्सप्रेस ने जसीडीह और मधुपुर को देश के बड़े शहरों से और करीब ला दिया है। यह सेवा न केवल यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति देगी। अब जिम्मेदारी यात्रियों की है कि वे इन सुविधाओं का सही उपयोग करें और रेल संपत्ति की सुरक्षा में सहयोग दें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को अधिक लोगों तक पहुंचाएं और क्षेत्रीय विकास की इस पहल को आगे बढ़ाने में भागीदार बनें।

