
#गुमला #परीक्षातैयारी : डीईओ ने नवोदय प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने हेतु अधिकारियों संग विस्तृत समीक्षा कर स्पष्ट निर्देश दिए
- डीईओ कविता खलखो की अध्यक्षता में समीक्षा सह रणनीति बैठक।
- नवोदय विद्यालय मसरिया, घाघरा के प्राचार्य सहित जिला स्तरीय शिक्षा अधिकारी सहभागी।
- प्रश्नपत्र सुरक्षा, प्रवेश सत्यापन और अनुशासन पर विशेष जोर।
- त्रुटिरहित एवं पारदर्शी परीक्षा संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता।
- उत्कृष्ट कार्य के लिए बीपीओ और केंद्राधीक्षकों को सम्मानित किया गया।
गुमला। जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा को जिले में सफल, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो की अध्यक्षता में व्यापक समीक्षा सह रणनीति निर्धारण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवोदय विद्यालय मसरिया, घाघरा के प्राचार्य, उनकी टीम, सभी क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, बीईओ–बीपीओ, कार्यक्रम पदाधिकारी तथा परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षक सह प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।
प्रश्नपत्र सुरक्षा से लेकर परीक्षा अनुशासन तक हर बिंदु पर हुई गहन चर्चा
बैठक में प्रवेश परीक्षा से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया पर विस्तृत समीक्षा की गई। डीईओ ने प्रश्नपत्र सुरक्षा, सील हैंडलिंग, सुरक्षित परिवहन और स्टोरेज को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की चूक को गंभीरता से लिया जाएगा।
साथ ही,
- सेंटर-वार व्यवस्थाएँ,
- विद्यार्थियों का प्रवेश सत्यापन,
- परीक्षा कक्ष की मॉनिटरिंग,
- समयबद्ध रिपोर्टिंग,
- तथा अनुशासन पालन
को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश दिए गए।
डीईओ कविता खलखो ने अधिकारियों से कहा कि—
“नवोदय प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता सर्वोपरि है। पारदर्शिता, अनुशासन और सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
सम्मान समारोह से बढ़ा उत्साह
बैठक के दौरान एक सौहार्दपूर्ण क्षण भी आया, जब नवोदय विद्यालय मसरिया, घाघरा के प्राचार्य ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्मृति-चिन्ह, शॉल एवं बुके देकर सम्मानित किया।
फॉर्म भरवाने, तैयारी और परीक्षा व्यवस्था को सुचारु रखने में योगदान देने वाले सभी
- केंद्राधीक्षक,
- बीईओ–बीपीओ,
- एवं शिक्षा अधिकारियों
को भी सम्मानित किया गया।
विशेष रूप से, जिले के बीपीओ को शिक्षा गतिविधियों में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए, जिससे बैठक का माहौल प्रेरणादायक बना रहा।
आदर्श परीक्षा संचालन की दिशा में गुमला का लक्ष्य
अंत में, डीईओ कविता खलखो ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पारदर्शिता, सुरक्षा उपाय और अनुशासन का कठोर अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सभी अधिकारी समन्वय और सतर्कता के साथ काम करें तो
गुमला जिला नवोदय प्रवेश परीक्षा संचालन में राज्य स्तर पर एक आदर्श स्थापित कर सकता है।

न्यूज़ देखो: निष्पक्ष परीक्षा—विश्वास की बुनियाद
गुमला की तैयारी दर्शाती है कि प्रशासन परीक्षा प्रणाली को मजबूत और पारदर्शी बनाने हेतु गंभीर है। शिक्षा व्यवस्था में विश्वास तभी बनता है जब प्रक्रिया त्रुटिरहित और निष्पक्ष हो।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा है भविष्य—सतर्क रहें, जिम्मेदार बनें
नवोदय जैसी परीक्षाएँ कई बच्चों का भविष्य तय करती हैं। आइए, परीक्षा केंद्रों में अनुशासन और शुचिता बनाए रखने में सहयोग करें।
आपकी राय—क्या आपके क्षेत्र में भी परीक्षा व्यवस्था उतनी ही सख्त और पारदर्शी है? कमेंट कर बताएं।







