
#डुमरी #आंदोलनकारी_सम्मान : प्रखंड मुख्यालय में आयोजित समारोह में दर्जनों आंदोलनकारियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया
- डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने प्रखंड मुख्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया।
- दर्जनों झारखंड आंदोलनकारियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
- विधायक ने कहा कि अलग राज्य का सपना आंदोलनकारियों के बलिदान से पूरा हुआ।
- सदन में आंदोलनकारियों के अधिकार, सम्मान और सुविधाओं की माँग दोहराने का ऐलान।
- आंदोलनकारियों को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा और कम से कम 15,000 रुपये मासिक पेंशन देने की आवश्यकता बताई।
डुमरी प्रखंड मुख्यालय में मंगलवार को एक गरिमामयी सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहाँ डुमरी क्षेत्र के चिन्हित झारखंड आंदोलनकारियों को विधायक जयराम कुमार महतो ने सम्मानित किया। उन्होंने सभी आंदोलनकारियों को प्रमाणपत्र प्रदान करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान को नमन किया। विधायक महतो ने कहा कि अलग झारखंड राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों की लंबी लड़ाई और त्याग का परिणाम है, और आज राज्य उनके प्रति सदैव ऋणी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे आगामी विधानसभा सत्र में भी आंदोलनकारियों के सम्मान, अधिकार और सुविधाओं को लेकर अपनी आवाज मजबूती से उठाएंगे।
सम्मान समारोह में विधायक का संबोधन और मुख्य घोषणाएँ
समारोह के दौरान विधायक जयराम महतो ने भावुक स्वर में कहा कि झारखंड आंदोलन केवल एक भू-राजनीतिक संघर्ष नहीं था, बल्कि यह अस्तित्व, अस्मिता और स्वाभिमान की लड़ाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलनकारियों ने जिस साहस और बलिदान के साथ इस सपने को साकार किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
विधायक ने राज्य सरकार से जोर देते हुए कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा और न्यूनतम 15,000 रुपये मासिक पेंशन मिलनी चाहिए ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने इसे न केवल अधिकार बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी बताया।
आंदोलनकारियों का संघर्ष याद करते हुए
कार्यक्रम में मौजूद कई वरिष्ठ आंदोलनकारियों ने वर्षों पुराने संघर्ष की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि कैसे अलग राज्य के लिए जेल यात्राएँ, विरोध प्रदर्शन, धरना और कई बार अत्याचार सहने पड़े।
विधायक महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन की यह विरासत राज्य के इतिहास का सबसे मजबूत अध्याय है और इसे संजोना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक आंदोलनकारियों को उनके अधिकार पूरी तरह नहीं मिल जाते, उनकी लड़ाई सदन और सड़क दोनों स्तरों पर जारी रहेगी।
डुमरी प्रखंड में सम्मान समारोह का सामाजिक और राजनीतिक महत्व
डुमरी में आयोजित यह सम्मान समारोह सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय जनता का मानना है कि आंदोलनकारियों का सम्मान सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके योगदान की आधिकारिक स्वीकृति है।
समारोह ने क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है और आंदोलन की विरासत को युवा पीढ़ी में प्रेरणा के रूप में स्थापित किया है। बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए और विधायक के इस पहल की सराहना की।



न्यूज़ देखो: झारखंड आंदोलन की विरासत और सम्मान की निरंतर लड़ाई
डुमरी में आयोजित यह सम्मान समारोह याद दिलाता है कि झारखंड आंदोलन केवल इतिहास नहीं, बल्कि जीवित विरासत है। आंदोलनकारियों को उचित सम्मान, पहचान और सुविधाएँ अभी भी कई स्तरों पर अधूरी हैं। विधायक जयराम महतो की पहल सराहनीय है, लेकिन इसे राज्यव्यापी नीति का रूप देना अब सरकार की जिम्मेदारी है।
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जननायकों का सम्मान, नई पीढ़ी का संकल्प
झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान हमें यह संदेश देता है कि संघर्ष और त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाते। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को यह बताने की जरूरत है कि अधिकारों और पहचान के लिए खड़े होने का साहस ही समाज को आगे बढ़ाता है। आप भी इस खबर पर अपनी राय कमेंट करके साझा करें, इसे दूसरों तक पहुंचाएं और एक जागरूक नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभाएं ताकि आंदोलन की यह विरासत आगे भी प्रेरणा देती रहे।





