झारखंड बंद का असर, रांची-जमशेदपुर एनएच पांच घंटे तक जाम, यात्री परेशान

झारखंड बंद का असर, रांची-जमशेदपुर एनएच पांच घंटे तक जाम, यात्री परेशान

author Braj Snehi
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#रांची #आंदोलन : सोमा मुंडा हत्या के विरोध में आदिवासी संगठनों ने सड़कों को जाम किया।

रांची-झारखंड में आदिवासी नेता सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में 8 जनवरी को आदिवासी संगठनों ने बंद का आह्वान किया। इस दौरान जमशेदपुर-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुंडू टोल प्लाजा के पास जाम लग गया, जो करीब पांच घंटे तक चला। प्रशासन ने बंद समर्थकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन केवल आपात वाहन ही गुजर सके। बंद का उद्देश्य मृतक परिवार को न्याय दिलाना और सरकार तक अपनी मांगें पहुँचाना था।

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  • बंद समर्थकों ने जमशेदपुर-रांची एनएच पर लगभग 5 घंटे तक जाम लगाया।
  • बुंडू टोल प्लाजा पर एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा और अंचल अधिकारी हंस हेंब्रम उपस्थित।
  • आम यात्रियों को पानी, भोजन और गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
  • प्रदर्शनकारियों ने मृतक परिवार को सरकारी नौकरी, पांच करोड़ रुपये मुआवजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए न्याय दिलाने की मांग की।
  • प्रशासन ने प्राप्त ज्ञापन को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

रांची और आसपास के जिलों में सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गए। सबसे गंभीर स्थिति जमशेदपुर-रांची एनएच पर रही, जहां सुबह 11 बजे से जाम शुरू होकर करीब 3 बजकर 20 मिनट तक चला। हजारों वाहन फंसे रहे और आम यात्रियों को यात्रा में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

प्रशासन की स्थिति नियंत्रण की कोशिश

बुंडू टोल प्लाजा पर प्रशासन ने एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा, डीएसपी ओमप्रकाश, थाना प्रभारी रामकुमार वर्मा और अन्य पुलिस बल के साथ जाम हटाने का प्रयास किया। प्रशासन ने समझाने और शांतिपूर्वक बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन बंद समर्थक केवल आपात वाहनों को ही गुजरने दे रहे थे।

एसडीएम क्रिस्टोफर कुमार बेसरा ने कहा: “हमने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया। उनका ज्ञापन सरकार तक पहुंचाया जाएगा।”

बंद समर्थकों की मांगें

आदिवासी संगठनों ने कहा कि सोमा मुंडा की हत्या के मुख्य शूटर और साजिशकर्ता अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं। उन्होंने मृतक परिवार के लिए सरकारी नौकरी, पांच करोड़ रुपये मुआवजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधियों को सजा दिलाने की मांग की।

बंद समर्थक ने कहा: “बिना सड़क जाम किए हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंचेगी। न्याय मिलने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”

हत्या का कारण और पिछली घटनाएँ

7 जनवरी को खूंटी के जमुवादाग क्षेत्र में आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खूंटी पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जबकि हत्या के पीछे जमीन विवाद बताया गया। आदिवासी संगठनों का कहना है कि मुख्य साजिशकर्ता अबतक गिरफ्तारी से बाहर हैं, इसलिए विरोध और आंदोलन जारी है।

न्यूज़ देखो: सामाजिक आंदोलन और प्रशासनिक चुनौती

सोमा मुंडा हत्या के विरोध में हुए झारखंड बंद ने दिखाया कि सामाजिक न्याय के लिए नागरिक सक्रिय हैं। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन लंबे जाम और आम यात्रियों की परेशानी यह संकेत देती है कि न्याय सुनिश्चित करना अब भी चुनौतीपूर्ण है। सवाल यह भी उठता है कि हत्या के मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी कब होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग और सक्रिय नागरिक बनें, न्याय की आवाज उठाएं

सभी नागरिकों से अपील है कि समाज में न्याय के लिए जागरूक रहें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाएं। दूसरों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखते हुए अपने अधिकारों के लिए खड़े हों। इस खबर को साझा करें, कमेंट करें और समाज में न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान दें।

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Written by

रांची

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