
#गिरिडीह #महिला_दिवस : यूनियन के कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और श्रमिक अधिकारों पर चर्चा।
गिरिडीह में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान महिला सशक्तिकरण, श्रमिक अधिकार और समाज में महिलाओं की भागीदारी को लेकर चर्चा की गई। उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर गिरिडीह में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन का समारोह आयोजित।
- कार्यक्रम में केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
- महिला सशक्तिकरण, श्रमिक अधिकार और समाज में महिलाओं की भूमिका पर हुई चर्चा।
- यूनियन पदाधिकारियों ने महिलाओं की समान भागीदारी और सम्मान पर दिया जोर।
- कार्यक्रम में सुभाष पंडित, भगतु रविदास उर्फ रवि कुमार, रवींद्र कुमार, नुनूचंद महतो सहित कई पदाधिकारी शामिल।
- महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और जागरूकता बढ़ाने का लिया गया सामूहिक संकल्प।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गिरिडीह में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन द्वारा एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना था। समारोह में यूनियन के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि समाज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।
समारोह में महिलाओं की भूमिका पर हुई सार्थक चर्चा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो ने महिलाओं की भागीदारी को समाज की प्रगति के लिए आवश्यक बताते हुए कहा:
गंगाधर महतो ने कहा: “महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और देश का समग्र विकास संभव नहीं है। हमें महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक वातावरण और अवसर प्रदान करने होंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में जरूरी कदम है।
श्रमिक अधिकारों और सामाजिक समानता पर भी हुई चर्चा
समारोह में मौजूद वक्ताओं ने महिला श्रमिकों के अधिकारों और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज भी कई क्षेत्रों में महिलाएं श्रम कर रही हैं, लेकिन उन्हें बराबरी का सम्मान और अवसर नहीं मिल पाता।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि संगठनों और समाज के सभी वर्गों को मिलकर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से ही समाज में वास्तविक समानता स्थापित हो सकती है।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरूरी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें।
कार्यक्रम में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे उपस्थित
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में यूनियन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय उपाध्यक्ष सुभाष पंडित, उपाध्यक्ष भगतु रविदास उर्फ रवि कुमार, केंद्रीय महासचिव रवींद्र कुमार, केंद्रीय कोषाध्यक्ष नुनूचंद महतो, केंद्रीय सदस्य वीरेंद्र प्रसाद यादव, प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र यादव, प्रखंड सचिव घनश्याम सिंह, प्रखंड कोषाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, श्यामलाल बैसरा, हेमा देवी, बबीता कुमारी, उर्मिला देवी, राजू दास, कामेश्वर प्रसाद यादव और नुरेशा खातून सहित कई लोग उपस्थित थे।
इन सभी ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने की बात कही।
महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार प्रयास करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि जब समाज में महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलेगा, तभी वास्तविक विकास संभव होगा।
यूनियन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके।
न्यूज़ देखो: महिला सशक्तिकरण की दिशा में जरूरी संवाद
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस जैसे अवसर केवल उत्सव तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि यह समाज में महिलाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर चर्चा का अवसर भी होते हैं। झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम इस बात को दर्शाता है कि सामाजिक संगठनों की भूमिका महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। जब समाज के विभिन्न वर्ग मिलकर महिलाओं के सम्मान और समानता के लिए आवाज उठाते हैं, तब बदलाव की दिशा मजबूत होती है। अब जरूरी है कि ऐसे विचार केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रहें बल्कि व्यवहार में भी दिखाई दें।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नारी सम्मान और समान अधिकार के लिए समाज को आगे आना होगा
महिलाएं समाज की आधी आबादी हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। जब महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त होती हैं, तब परिवार और समाज दोनों मजबूत बनते हैं।
हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सजग रहे। छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।
अपने आसपास की महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, उनके अधिकारों का सम्मान करें और समानता के संदेश को फैलाएं।
अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को दोस्तों और परिवार तक पहुंचाएं और समाज में नारी सम्मान की भावना को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।


