
#गिरिडीह #डुमरी #कुलगोठगीमामला : खाताधारकों की दो करोड़ ठगी पर जनसुनवाई।
डुमरी प्रखंड के कुलगो उत्तरी पंचायत सचिवालय में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के नेताओं ने एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र से जुड़े ठगी मामले को लेकर पीड़ित खाताधारकों से मुलाकात की। आरोप है कि संचालक करीब दो करोड़ रुपये की ठगी कर फरार हो गया है। केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो और केंद्रीय संरक्षक चेतलाल महतो ने लोगों की समस्याएं सुनीं। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि और यूनियन पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
- कुलगो उत्तरी पंचायत सचिवालय में आयोजित हुई जनसुनवाई।
- एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र कुलगो पर करीब दो करोड़ रुपये ठगी का आरोप।
- केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो और संरक्षक चेतलाल महतो ने सुनी पीड़ितों की बात।
- संचालक के फरार होने से खाताधारकों में आक्रोश।
- स्थानीय जनप्रतिनिधि और यूनियन पदाधिकारी रहे मौजूद।
- मामले में ठोस कार्रवाई की मांग उठी।
डुमरी प्रखंड अंतर्गत कुलगो उत्तरी पंचायत सचिवालय में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की ओर से जनसंपर्क कार्यक्रम और जनसुनवाई आयोजित की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र कुलगो के संचालक द्वारा कथित रूप से की गई ठगी से प्रभावित खाताधारकों की समस्याएं सुनना था। आरोप है कि संचालक करीब दो करोड़ रुपये की राशि लेकर फरार हो गया है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
पीड़ितों से मिले केंद्रीय पदाधिकारी
जनसुनवाई में यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो और केंद्रीय संरक्षक चेतलाल महतो ने उपस्थित होकर पीड़ित किसानों, मजदूरों और खाताधारकों की समस्याएं सुनीं। लोगों ने अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग उठाई और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
बैठक के दौरान केंद्रीय कोषाध्यक्ष नुनूचन्द महतो, केंद्रीय महासचिव रवींद्र कुमार, मुखिया जयकांत महतो, पंचायत समिति सदस्य छेदी साव, उपमुखिया कोकिल साव, सोमर ठाकुर, हेमा देवी, ललिता देवी, भीम महतो, समसुदीन अंसारी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
गंगाधर महतो ने कहा: “गरीब किसान और मजदूरों की गाढ़ी कमाई किसी भी हाल में डूबने नहीं दी जाएगी। यूनियन पीड़ितों के साथ खड़ी है और न्याय के लिए हर संभव प्रयास करेगी।”
ठगी के आरोप से मचा हड़कंप
ग्रामीणों के अनुसार, एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र कुलगो के संचालक पर लगभग दो करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। बताया जा रहा है कि कई खाताधारकों ने अपनी जमा राशि निकालने का प्रयास किया तो उन्हें जानकारी मिली कि राशि उपलब्ध नहीं है। इसके बाद संचालक के फरार होने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया।
पीड़ितों का कहना है कि अधिकांश खाताधारक किसान, मजदूर और छोटे व्यापारी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से बैंकिंग सुविधा के लिए जमा की थी।
चेतलाल महतो ने कहा: “यह मामला बेहद गंभीर है। प्रशासन को तत्काल कार्रवाई कर फरार संचालक की गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए और खाताधारकों की राशि की सुरक्षा का उपाय करना चाहिए।”
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और यूनियन नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित खाताधारकों को उनकी जमा राशि वापस दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में नियमित निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की ठगी की पुनरावृत्ति न हो।
जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने लोगों का हाल-चाल लिया और उन्हें आश्वस्त किया कि यूनियन इस मुद्दे को आगे भी उठाती रहेगी।
न्यूज़ देखो: बैंकिंग सेवाओं में भरोसा कैसे बचेगा
कुलगो में सामने आया यह मामला ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। ग्राहक सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची है, लेकिन निगरानी में कमी गंभीर परिणाम ला सकती है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दोषियों पर त्वरित कार्रवाई कर पीड़ितों को राहत दिलाए। साथ ही बैंकिंग संस्थानों को भी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी।
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जागरूक बनें, अपने अधिकार पहचानें
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधा लोगों की आर्थिक सुरक्षा का आधार है। अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रखने के लिए सतर्कता और जानकारी जरूरी है। किसी भी अनियमितता की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराना और सामूहिक रूप से आवाज उठाना प्रभावी साबित हो सकता है।
यदि आप भी ऐसे किसी मामले से प्रभावित हैं, तो चुप न रहें। जागरूकता ही ठगी के खिलाफ सबसे बड़ी ढाल है।
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